सबको माफ करके सोया करोजिंदगी कल की मोहताज नही होती..!
वही ज़िद वही हसरत,
ना दर्द-ए-दिल की कमी हुई
अजीब है मोहब्बत मेरी,
ना मिल सकी ना ख़त्म हुई
ऊपर वाले कर्म देखते हैं,और नीचे वाले दौलत…
मैं और मेरा रेड कार्पेट
अक्सर ये बातें करते हैं
तू होता तो ऐसा होता
तू होता तो वैसा होता
तू बीच की रेत पे बिछता, तू गार्डन में फैला होता
तू समंदर के तल पे लेटकर मेरी ईगो सहला...
हम खाली किताब थे...
लोग आते गए सबक छपता गया..!!
बड़े बड़े युद्ध अक्सर
शांत कमरों में अकेले लड़े जाते हैं !
कुछ तो राज छुपाएं जातें हैं मोहब्बत में यूं ही
कोई तीसरा अचानक से नहीं आ जाता जिंदगी में
मन में कुछ "भरकर" जिएंगे तो...
"मन भरकर" नहीं जी पाएंगे...!!
नींदें वापस कर दी हमने,,सुकून भरी रातों को।
किताबों के संग ' हर रात बितानी थी, आँखों को।।
सेजल
सदा दिवाली सन्त की ,बारह मास बसंत।
प्रेम रंग जिन पर चडे ,उनके रंग अनंत ।।
पिता का क्रोध कदापि आपका अवरोध नहीं,
सही मार्ग पर चलने का अनुरोध है।
काम करने वाला मरने से कुछ घंटे पूर्व ही वृद्ध होता है।
~वृंदावनलाल वर्मा
ढूँढोगे तो सुकून खुद मे ही मिलेगा..दूसरो मे उलझन मिलती है....
आप वख्त लेकर आगे बढ़िए, हम अपना दौर लेकर आएंगे....
ये सोचना ग़लत है कि तुम पर नज़र नहीं,
मसरूफ़ हम बहुत हैं मगर बे-ख़बर नहीं.
आलोक श्रीवास्तव
अगर आपकी आत्मा कहती है कि आप सही है ,,
फिर दूसरों के गलत ठहराने से गलत नहीं होते..!!
हर उम्र में अलग अलगखिलौने का शौक़ होता है...
किसी के दर्द का बैंडेज ना बनो क्योंकि जब,
घाव भर जायेगा तो कूड़े में फेंक दिए जाओगे...
रिश्तें गर बंधे हो “दिल” की डोरी से
तो दूर नहीं होते किसी भी “मजबूरी” से....!!
मेरे जीवन से मिला एक तजुर्बा,
आज भी बहुत अहम् था,
प्यार, भरोसा, वफ़ा, ज़फा,
इंसान के लिये सिर्फ वहम् था..!!