आपसे बिछुड़े तो ख़ुद को और बेहतर कर लिया
आँख दरिया कर न पाए दिल को पत्थर कर लिया
नीलोफ़र नूर
मैं केवल दो लोगों को ही सुंदर लगता हूं
मम्मी को और कपड़ा बेचने वालों को
शीघ्रता में विवाह करने पर
हम फुरसत से पश्चाताप करते हैं।
विलियम कांग्रीव
पतझड़ होते जीवन में तू सावन का नया सवेरा है,
जब से देखा है तुझको दिल में बस तेरा बसेरा है..!!
नियत सच्ची होनी चाहिए, चेहरे तो अक्सर झूठ बोलते हैं...
कैसा रहेगा आपके शहर में ,,मुखौटे का दुकान खोलूं अगर.?
एक अदा से शुरू एक अन्दाज़ पर खत्म होती है ,नजर से शुरु हुई मोहब्बत नजरअंदाज पर खत्म होती है !!
रामचंद्र कह गये सिया से ऐसा कलयुग आएगा,देश में होगी भुखमरी, बेरोज़गारी वो उसे ही विकास बतलायेगा
बहुत अच्छे होकर भी आप हर किसी के लिए अच्छे नहीं हो सकते , कहीं बुरे बना दिए जाते हैं तो कहीं बुरे साबित कर दिए जाते हैं …
उदास चेहरों को लूट लेती है दुनिया
जरूरी है हर हाल में मुस्कुराते रहना !!
कभी किसी हंसते हुए चेहरे को पढ़कर देखना,
आँसुओं की उनमें अनगिनत कहानियां मिलेंगी....!!
रात को जब अकेला होता हूॅं
खुद को सवालों के कठघरे में पाता हूं
"तुम!! जानते हो मेरे इस जीवन में सबसे अधिक किसकी जरूरत है-?"पहली लाईन के पहले ही शब्द की.
वक्त निकल जाने के बाद जो कद्र होती है,
वो कद्र नहीं अफसोस होता है...
जिसने हालत पिए हो,उसे जहर का खौफ कहा…
"समर शेष है, जनगंगा को खुल कर लहराने दो
शिखरों को डूबने और मुकुटों को बह जाने दो
पथरीली ऊँची जमीन है? तो उसको तोड़ेंगे
समतल पीटे बिना समर की भूमि नहीं छोड़ेंगे
समर शेष है, चलो ज्योतियों के बरसाते तीर
खण्ड-खण्ड हो गिरे विषमता...
फिल्टर सिर्फ चित्र का होता है,चरित्र का नहीं….
आपके मानने या न मानने से
सच को कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता
दूनियां में सिर्फ मोबाइल ही जानता है,
के उसके मालिक का किरदार कैसा है..