बुद्धि अगर स्वार्थ से मुक्त हो,
तो हमे उसकी प्रभुता मानने में कोई आपत्ति नहीं।
जब सांस आखिरी हो, और दो शब्द की मोहलत होएक नाम तुम्हारा लूं एक शब्द मोहब्बत हो....!!
जो आपके दिल के जितना ज्यादा करीब होगा..
वो ज़ख्म भी उतना गहरा देगा...
किस्मत जब मेरी बदलने लगी,तब कुछ कुत्तो की जलने लगी !
पैसा इंसान के असली रूप को बाहर लता है.
ख़ुदकुशी को टालकर आया हूँ मैं,
हाँ बताओ! क्या ज़रूरी बात है ?
कह दो इन हसरतों से कहीं और जा बसें
इतनी जगह कहाँ है दिल-ए-दाग़दार में
बाहर से सुलझा हुआ दिखने के लिए,अंदर से बहुत उलझना पड़ता है….
किसी को छल कर ग़र तुम ख़ुश हो रहे हो,
तो ये तुम्हारी सबसे बड़ी नाकामयाबी है।
रिश्ते वक्त देने से सलामत रहते हैं,फॉरमेल्टी पूरी करने से नहीं…
जीवन में ऐसे लोगों को चुने जो आपको,
मानसिक रूप से स्वस्थ रख सके।
तुम्हारे अंदर जितना दर्द हैं,
बेशक उतना ही इश्क़ भी रहा होगा !
तुम्हारे दिल में भी तूफ़ाँ उठा है
हमें भी प्यार तुमसे हो चला है
किसी अय्यार जैसे हो गए हो
तुम्हारा नाम मुझको रट गया है
तुम्हारी बात भी अब टालने में
मुझे अब ख़ुद से लड़ना पड़ रहा है
अजब सी कश्मकश है ज़िन्दगी में
कि...
देश चलता नहीं,मचलता है,मुद्दा हल नहीं होता सिर्फ उछलता है,जंग मैदान पर नहीं,मीडिया पर जारी है,आज तेरी तो कल मेरी बारी है।
अगर मां-बाप तुम्हारी वजह से खुश हूं,तो अपनी जिंदगी के बादशाह हो तुम..!
और इक वक़्त के बाद इंसान इतना ख़ामोश हो जाता है,
कि उसकी सांसें भी ख़ामोशी में ख़लल लगती हैं.
हम पूजते है तुम्हें, कृष्ण की मीरा की तरह,हर मर्द के अंदर एक औरत का दिल होता है.
शर्तो पर सुल्तान बनने से कई गुना बेहतर है ,
अपने ही मौज का फकीर बने रहना ...
एक वही शख़्श मेरी हर कहानी हर किस्से में आया…जो मेरा होकर भी , न मेरे हिस्से में आया..!!
सकारात्मक कार्य करने के लिए हमें
एक सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना चाहिए।