हे बजरंगबली आप करूणा के सागर दया के भंडार हो,अपनी कृपादृष्टि बनाए रखो बाबा जिससे सबका बेड़पार हो..!!
इबादतों में मसरूफ़ हैं सभी आजकल
दिलों को तोड़कर सजदों में रोया जा रहा हैं..
वहाँ कोई महानता नहीं है जहाँ सादगी,
अच्छाई और सच्चाई नहीं है।
"अगर सीखना है तो समंदर से सीखो...
वो बड़ा हो के भी अपने दायरे में रहता है"...!!
महंगाई जैसा इश्क़ है मेरा,
कमबख्त बढ़ता ही जा रहा है।
पुरानी और नई पीढ़ी की सोच का अंतराल हीआज में "पिता" और "बेटे" के बीच की दूरी है
भागदौड़ जिंदगी
सिमटी दुनियां
गिरफत में आंखे
हर वक्त देखे ...
बदला तस्वीर
बदलाव का बयार
एक पल को ओझल
अनदेखे रहा न जाए.!!
जहां तहां की खबरे
अखबारों सा व्यवहार
विपरीत प्रभाव
चस्का खराब ..!!
हर बार न जाने क्यों अगर मगर में उलझ जाते हैं
जो कहना होता है उनसे वो कह नही पाते हैं
वक़्त बदल गया है अब बेटियाँ नहीं, बेरोजगार लड़के माँ-बाप के कंधों पर बोझ होते हैं।
जैकी यादव
सागर की अपनी क्षमता है
पर माँझी भी कब थकता है
जब तक साँसों में स्पन्दन है
उसका हाथ नहीं रुकता है
मन ऊदास है
ना जाने कैसी
ये प्यास है,,,,
निगाहे ढूंढती है जिनको
ना जाने वो
किसके पास है,,,,
अनुभव उम्र से नहीं,परिस्थितियों का सामना करने से आता हैं…
तुम्हारी यादों की मंडी ऐसे लगती है मेरे ख्वाबो में,मानों कब से हमने कुछ ख़रीदा ना हो।"
शक अपने ही हुनर पर भी करते हैइस तरह से बहुत कुछ हम सिखते है
जो आपके सामने दूसरों की निंदा करते है,
वो दूसरों के सामने आपकी निंदा जरूर करेंगे।
हिम्मत इतनी थी की समुंदर भी पार कर सकते थे हम , मजबूर इतना हुआ की दो आंसुओ ने डूबो दिया ..!!
फिर एक दिन वो लोग भी सो जाते हैं,
जिनको रातों में नींद नहीं आती....
दिक्कतों पर जितना ध्यान दोगे वो उतनी बढेंगी ,
समाधान पर जितना ध्यान दोगे वो उतने ही मिलेंगे ...
जितना ज्यादा तुम उसे बाहर ढूंढते हो, उतना ज्यादा ही वो तुम्हारे अंदर होता हैं पढ़ लो चाहे दुनियां का कोई भी ग्रंथ, इश्क़ और ईश्वर हमेशा ऐसे ही तो मिलता हैं!
तुलसी भरोसे राम के, निर्भय हो के सोए।
अनहोनी होनी नही, होनी हो सो होए।
तुलसीदास