बेटे की शादी के बाद उसे खोने का डर,,
माँ को सास बना देता है,,
जिस दौर से हम गुजरे हैं ,
तुम गुजरते तो गुजर जाते...
और धीरे धीरे मैंने ये मानना शुरू कर दिया,
कि मैं किसी के लायक नही हूं अकेली ही ठीक हूं..!!
उम्र बढ़ती, प्यार बढ़ता, अरमां जवां और दुनिया हसीन हो जाती,
तुम झरोखे से कुबूल कर लेती मुझको, तो जन्नत अधीन हो जाती !
हर शायरी किसी ना किसी के लिये एक गुमनाम खत है..!
जो किसी के घर के पते पर नही मन की,दहलीज पर खुलती है।
अक्सर इत्तेफाक से मिलने वाले,मर्ज़ी से बिछड़ जाते हैं !
गांव की मिट्टी में पले बढ़े है,
हमें अदाएं कम मर्यादाएं ज्यादा पसन्द हैं।
ख़ुद से ही भाग रही हूँ
क्या ढूँढ रही हूँ मालूम नहीं
क्या पाना है जानती नहीं
भटक रही हूँ एक न ख़त्म होने वाले सफ़र में
चल रही हूँ इन काँटों से भरे रास्तों पे
न कोई ख़ुशी है...
"कर्म" मेरे लिए "उल्टा काम" करता है..मै जितना ज्यादाअच्छा" करता हूँ, मेरे साथ उतना ही ज्यादा "बुरा" होता है.
बड़ी मुद्दतों के बाद लगा कोई मिला है मुझेपर ये तो ख़्वाब था ख़्वाब से गिला है मुझे.।
-नेहा यादव
मैसेज उसको करो जो खुश होके रिप्लाई देदेबेवजह चरित्र प्रमाण-पत्र बनवाना अच्छी बात नहीं..
सुप्रीम कोर्ट तक लेकर जाऊँगा मैं इस बात को, कि बहुत गौर से देखा था तुमने मेरी चाय को ...
दुःख में उपस्थित रहने वाले व्यक्ति, सर्वदा सम्मान के पात्र होते है।
-तरुण श्रीवास्तव
हाफ़िज़ ए खुदा परे हट जाये मर्ज़ तेरे बूते का है हि नहींसाकि के मयखाने के सिवाग़म की कोई दवा नहीं होती ।।
तुम्हारी एक मुस्कान से सुधर गई तबियत मेरी ,
बताओ यार इश्क़ करते हो या इलाज़ करते हो ।।
जिंदगी की किताब में….सुकून के पन्ने गायब है!!!
खौलते इतिहास के पन्ने गवाह हैं,
स्त्रियों के नग्न बदन
और
राजा का अंधा होना
इत्तेफ़ाक़ नहीं!!
श्रुतिका साह
जीवन में कभी मौका मिले
तो सारथी बनना, स्वार्थी नहीं !
पहले परखते हैं किरदार फिर ऐतबार करते हैं,
हम उनमें से हैं जो सिर्फ सीरत से प्यार करते हैं..!!
रंगों में रंगों को मिलने तो दो
फूलों से दिल को खिलाने तो दो
आई है फिर से रंग भरी होली
है ये रंग गौरी नहीं बन्दूक की गोली
तो आओ रे.....
खेलों तुम सब होली रे
भर लो ये तुम आज प्रेम रंग...