मसला सकून का है जान,
वरना जिस्म बाज़ार में भी मिलता है...
गुजर जाते हैं वो भी पल... जिनका गुजरना मुश्किल होता है..!!
बड़े शातिर हैं लोग निभाने के नाम पर बस,एक निभाने का रिश्ते रखते हैं….!!
मैं नहीं जानता मेरी लाश को गिद्ध नोचेंगे या दाह संस्कार होगा,
मगर ये जानता हूं मुझे पढ़ने के बाद मोहब्बत का तिरस्कार होगा
हम दोनों को हम जैसे बहुत मिलेंगेबस हम दोनों को हम दोनों नहीं मिलेंगे!!🥀
अच्छा इंसान जब बुरा बनता है,
तब बहुत बुरा बन जाता है....
अधूरे किस्सों कीलिखावट हमपूर्ति की प्यास मेंतलाशते रहें दर बदर मकामचंद लम्हों की लिखावट के बादहो गया अल्पविरामहोगा ना शायदकुछ किस्सों काकभी भी पूर्णविराम….
समझौते ही करने होते तो व्यापार करते
ना समझ थोड़े ही है जो तुझसे प्यार करते
जो आपको सिर्फ़ बहाने दे..
ऐसे शख़्स को जाने दें..!!
बरसात के मौसम में...
जब तक मनचाहा परिणाम ना मिले , प्रयास करना ना छोड़ें, क्योंकि सब्र करना अफ़सोस करने से बेहतर है ...
क्यूँ हर दफ़ा ख़ुशियों की क़ीमत आंसुओं से चुकानी पड़ती है..?
कबीर और प्रीति वाला प्यार नही हमें तो ,तुमसे राधा कृष्ण वाला प्यार हुआ है…!!
उनको हमारी याद ना आयेतो कोई बात नहीं
हम जरा सा भूल जाये तो खफा हो जाते हैं
अंजाम की ख़बर तो मीरा को भी थी
बात सिर्फ़ मोहब्बत निभाने की थी..!
शाम से आँख में नमी सी हैआज फिर आप की कमी सी है
~गुलज़ार
दूसरे से मिली इज्जत
और अपनों
से मिली बेइज्जती इंसान कभी नहीं भूलता है..
जब शिकार का वक्त आएगातब, हम जंगल मे जरूर आएंगे..
फर्ज़ बनता है "छोटो" का! कि उन्हें, समझाया जाएबड़े, बड़े हैं! मतलब ये नहीं कि गलत नहीं हो सकते