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World's Best Cow Hospital

बूढ़ा बाप समझा मुकद्दर संवर गया , बेटे ने डिग्री ली और घर से निकल गया ।।

रास्ते ख़ूबसूरत हो तो मंज़िल की परवाह क्यूँ करनादिल में अगर सुकून हो तोबेचैनियों की फ़िक्र क्यूँ करना

हम वहाँ हैं जहाँ से हम को भी कुछ हमारी ख़बर नहीं आती

स्वर्ग के सम्राट को खबर कर दो, रोज ही आकाश चढ़ते आ रहे हैं हम..

बड़बोले किसी के सगे नहीं हैंवे जिस पौधे को लगाते हैंकुछ दिनों बादएक बार उसे उखाड़कर देख लेते हैंकहीं जड़ तो नहीं पकड़ रहा ~ दिनेश कुशवाह

'पागल औरत है' ये सुनकर भी, औरत ने घर को घर ही बनाया पागलखाना नहीं।

कोई किरदार तो तुम लाओ हमारे जैसा हम उसी रोज़ कहानी से निकल जाएंगे....!

पहले कच्चे घरों में स्वर्ग की अनुभूति हुआ करती थी अब शीश महल में अपनेपन का स्पर्श नहीं मिल पाता

शांति वही है जो अंदर से आती है, न कि बाहर से !

फंस गयी है मेरे जीवन की गुत्थी, अब तू सुलझा दे मुझे, अगर मुमकिन हो तो अपनी जुल्फ़ों कि लटों में उलझा ले मुझे..!!

काली करतूतों को आसानी से ढक देता है। सच पूछो तो 'कामयाबी ' भी एक परदा है।।

मैसेज उसको करो जो खुश होके रिप्लाई देदेबेवजह चरित्र प्रमाण-पत्र बनवाना अच्छी बात नहीं..

तेरी यादों की ख़ुशबू से हम महकते रहते है, जब-जब तुझको सोचते है बहकते रहते हैं !!

नहीं मांगती प्राण प्राण में , सजी कुसुम की क्यारी स्वप्न स्वप्न मे गूंज सत्य की , पुरुष पुरुष मे नारी रामधारी सिंह दिनकर

हिंसा और अज्ञानता के मकड़जाल को शिक्षा की छड़ी से साफ़ किया जा सकता है। कैलाश सत्यार्थी

हम बने ही थे तबाह होने के लिए तेरा मिलना तो बस एक बहाना था

कौन देता है रास्ता किसी को.. मैं भी ख़ुद को कुचल के आगे बढ़ा..!!

जिएं इतना कि ज़िन्दगी कम पड़ जाए हंसे इतना कि रोना मुश्किल हो जाए किसी भी चीज़ को पाना नसीब की बात है मगर कोशिश इतनी करें कि उपरवाला देने पर मजबूर हो जाए..

मेरी ज़िन्दगी में कुछ ऐसे लोग भी आए जो साथ बैठ कर हंसते थे...और मेरे पीठ पीछे मुझे ही डसते थे..!!

ज़्यादा प्रशंसा करने वालों से खुश नहीं , सावधान रहने की ज़रूरत है ...


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