WhatsApp World's Best Cow Hospital English माँ बनने की पीड़ा एक बाँझ औरत बख़ूबी जानती है, गर्भ में संतान न होने का दर्द प्रसव पीड़ा से भी ज़्यादा असहनीय होता है। चेहरे साफ दिल में दाग , मुंह पर आप पीछे सांप । तीर मोहब्बत की घाव कर गयी, चीरकर मेरा दिल मुझ पर वार गयी, मैं आस लगाए बैठा था उससे चंद मुलाकातों की, आज यादें उसकी मेरी रातें खराब कर गयी..!! चले भी आओ कि गुलशन का कारोबार चले। दुर्घटना तो जन्म है मृत्यु तो घटना का अंत है फूल जैसी होती है , वफ़ा की तासीरख़त्म होते ही , मिट्टी में अपनी खुशबू छोड़ जाती है … सदा जो दिल से निकल रही हैवो शेर और नगमों में ढल रही हैकी दिल के आंगन में जैसे कोईग़ज़ल की झांझर छनक रही है कुछ भी मेरा नहीं मेरे पास, बद्दुआ भी लोगों की दी हुई है.... कितनी गफलत में ज़िंदगी गुज़र रहा हूँ, मत पूछो। चराग़ ढूंढ़ रहा हूँ, हाथ में अंधेरा लिए... दिल से उतर जाने वाले लोग सामने खड़े भी हों तो भी नज़र नहीं आते ! माना सबकुछ नहीं मिला है ज़िन्दगी में, पर क्या घर में माँ का होना काफ़ी नहीं है। वह झूठ बोल रहा था बड़े सलिके से ,,मैं ऐतबार न करता तो क्या करता..!! कामयाब होना है तो Looks पे नहीं, Books पे ध्यान देना शुरू कर दो...!! ज़िंदगी में कुछ कम रंग हों यही बेहतर है इतने सारे गिरगिट झेले नहीं जाते थोड़ी सी आवारगी भी जरूरी है जिंदगी में, कैद में रहकर परिंदे अक्सर उड़ना भूल जाते है। जब-जब धर्म की ग्लानि-हानि यानी उसका क्षय होता है और अधर्म मे वृद्धि होती है, तब-तब मैं धर्म के अभ्युत्थान के लिए अवतार लेता हूं !! दिल चाहता हैं कि फिर अजनबी बनकर देखेतुम तमन्ना बन जाओ हम उम्मीद बनकर देखे रात आएगी तो घर जाएँगे लाख सिमटे हों बिखर जाएँगे सोच का अंधेरा रात के अंधेरे से, ज़्यादा खतरनाक होता है..... तू कितनी कठिन है ज़िंदगी,, कि तुझे पढ़ने के लिए,, मुझे अपने स्कूल की पढ़ाई छोड़नी पड़ी,, कीर्ति चन्द्रा Prev1…163164165…236Next Concept, Created & Designed by sureshjain.com © copyright 2025. sureshjain.com All Rights Reserved.