पानी से पानी मिले,
मिले कीच से कीच,
ज्ञानी से ज्ञानी मिले,
मिले नीच से नीच
तुम्हारा वक़्त है कर लो नज़रअंदाज़ हमको
हमारे वक़्त पर अफ़सोस मत करना मगर तुम
इस दुनिया में असंभव कुछ भी नहीं ,
हम वो सब कर सकते हैं जो हम सोच सकते हैं !
इश्क के भी देखो कितने अजीब फसाने हैं,,,,,, जो हमारे नहीं हम उन्हीं के दीवाने हैं,,,,,,
किसी के चेहरे की हँसी से उसके दर्द को भी महसूस करो , सुना है लोग हंस - हंस के खुद को सज़ा भी देते हैं ..!!
बाज के हौसले में फर्क है,
वरना उड़ान कौवे भी भरते हैं।
मुसीबत में भी रास्ता निकाल लेते हैं..
वक्त कैसा भी हो मां बाप संभाल लेते हैं..!!
रूद्र हुँ,महाकाल हुँ,मृत्यु रूप विकराल हुँ,नित्य हुँ, निरंतर हुँ, शांति रूप मे शंकर हुँ,
शांति का श्रृंगार हुँ,मै क्रोध का अंगार हुँ,
घनघोर अंधेरा ओढ़ के मै जन जीवन से दूर हुँ,शमशान मे नाचता मै मृत्यु का गरूर हुँ,
शाम दाम तुम रखोंमै...
हो सके तो समझाना मुझे,
वर्ना गलत समझ कर भूल जाना..
चार दिन आंखों में नमी होगी,
मैं मर भी जाऊं तो क्या कमी होगी ?
माँ तुम मेरी अनूठी एक प्रेम कहानी
अमूमन प्रेम कहानी में एक राजा एक रानी होते हैं
पर तुम्हारी मेरी तो बात ही अलग है
मेरे आँखों की मौन भाषा तुम पढ़ लेती हो
मेरे हृदय के स्पंदन में तुम बसती हो
मेरे सुख...
थक चुका हूं जिंदगी को हिसाब देकर
सिर्फ सूत उतारा है अभी मूल बाकी है
बाजार से खरीदी हुई मूर्ति के सामने हाथ जोड़कर धन मांगते हो,
अगर मूर्ति धन देती तो दुकानदार इसे बेचता ही क्यों ??
धड़कने आज़ाद है , पहरे लगाकर देख लो…प्यार छुपता ही नहीं , तुम छुपाकर देख लो..!!
बड़ा नौकर बनने से अच्छा हैं,
एक छोटा सा मालिक बना...
सेक्स सिर्फ दस मिनट का काम है, दिवाना बनाने वाला प्यार ही है।
चेहरा ढूँढोगे तो मुस्कान ही मिलेगी, वीरानियाँ अगर देखनी हैं तो रूह की तलाशी ले लो ..
प्रकृति ईश्वर की सुंदर रचना है,जिसे उन्होंने हमें एक अनमोल उपहार केरूप में आशीर्वाद दिया है !
बाद में अफसोस करने से अच्छा है,
मुझसे अभी बात कर लो…!!
चार दिन की ज़िन्दगी में किससे क़तरा के चलूँ"
"ख़ाक हूँ मैं ख़ाक पर क्या ख़ाक इतरा के चलूँ"