खिड़कियां मत खोलो
अजनबियों के वास्ते
कितने ही खास हो जाएं
पर ये वफादार नही होते
उनको भी हैप्पी होली,
जो मौका देख कर किसी और कि होली...
लिख देने से, कह देने से,
बोझ कहां ख़त्म होते हैं ...
ख्वाहिशों ने जब भी कोशिश की उड़ने की,
परिस्थितियों ने "पैरों" में बेड़ियां डाल दिया..!!
विरक्ति
ना आज मिले , न कल मिलें...
शिव शम्भू तो हर लम्हें हर पल पल में मिलें..!!
कीलें लगवा दो उस दहलीज़ पर
जहां की नींव नफ़रत से भरी हो।
तूफान ज्यादा हो तो कश्तियां डूब जाती हैं
और घमंड ज्यादा हो तो हस्तियां डूब जाती हैं..
झूठ' दलाली से परे रहिए,जितना हो सके खड़े रहिए.
शहर में आ कर पढ़ने वाले भूल गए
किस की माँ ने कितना ज़ेवर बेचा था
ख्वाब झूठे ही सही लेकिन
तुमसे मुलाकात तो करवाते हैं
ᵈ᭄•समंदर...༈
हर लम्हा सांसें बुड्ढी हो रही है
जिंदगी मौत के साये में हैं फिर भी जिद्दी हो रही है
बेवफा को बेख़बर रखना मेरी मौत की खबर से
जमाने के लिए आंसू हैं वो अंदर हस रही है!!
मेरे शौक तो छोड़ो मेरी ज़िद भी छोड़ो
मन को इतने टुकड़ों में बांटा है उसने
अब तो ज़रूरत भी मुझे ज़रूरी नहीं लगती..!!
आज की दुनिया का यही कायदा है,
उधर कदम जिधर फायदा है....!!
भीगा भीगा सूरज हैभीगी भीगी सी रातख्वाबों को जा के कह दोखलेल न पहुँचाएँआज है उनसे मुलाकात…चांदनीहवा पहन करखुश्बू लूंटाने लालायित है,सूरज की साक्षी मेंखूबसूरत शब काहो रहा है #आगाज़आज आजहै उनसे मुलाकात ..श्रुंगार भैरवी काहो रहा #आगाज़आज आज..
कभी इरादा हो हमे छोड़ के जाने का तो पहले बता देना…क्योकि,अचानक के हादसे बेमौत मार देते है..!
फलसफा जिंदगी का कौन समझ पाया है..
जिया तो वही है, जो मौत से टकराया है...!!
बादलों को गुरुर था कि वो उच्चाई पे है,जब बारिश हुई तो उसे ज़मीन की मिट्टी ही रास आयी।
तुलसी भरोसे राम के, निर्भय हो के सोए।
अनहोनी होनी नही, होनी हो सो होए।
तुलसीदास
चिंतन से ही परिणाम को बदल सकते हैं…
चिंता से नहीं !!!
ज़िन्दगी Whatsapp के Last Seen जैसी है !
आपको अपनी छिपानी है दूसरों की देखनी है !!