तुम्हारा गुरूर तुम्हें फनाह करवाएगा
मैं क्या हूं ये तुम्हें वक्त बताएगा
सिगरेट के धुंए से भर गया था कमरारात को उसकी तलब जोर की लगी थी…
दोनों भाई बहनों को ऊंट भी चाहिए और राजस्थान भी नहीं जाना चाहते..शास्त्रों में इसे ही कूटनीति कहा गया है…
कौन था जिसे दुःख सुनातेआईने पर सर रखा और रो दिए
हालात इंसान को वो बना देते हैं,
जो वो कभी था ही नहीं....
पहले परखते हैं किरदार फिर ऐतबार करते हैं,
हम उनमें से हैं जो सिर्फ सीरत से प्यार करते हैं..!!
बेसबब तो नहीं है,
दिल ही तो है
यूँ ही तेरे आगे बेबस तो नहीं है !
छोटी छोटी चीजों में खुशी ढूंढना सीख लो, जरूरत पड़ने पर अपना हाथ खुद पकड़ना सीख लो।
गलत बात पर भी जो लोग वाह-वाह करते हैं... असल में वही आपकी जिंदगी तबाह करते हैं..!!
अगर व्यक्ति शिक्षा से पहले संस्कार,
व्यापार से पहले व्यवहार और
भगवान से पहले माता पिता को पहचान ले तो,
जिंदगी में कभी कोई कठिनाई नही आएगी।
मैंने कब चाहा कोई मेरे साथ चले,
"कहा ज़रूर
जिंदगी जला ली हमने जैसी जलानी थी, शाहब
अब धुएं पे तमाशा कैसा और राख पर बहस कैसी..!
तुम्हारी हर बात का अर्थ मुझे समझ आता है ,, कान्हा ... इसलिए अब मैं किसी से ,, कोई शिकायत नहीं करती ...
अफ़वाहें बहुत थी मेरे बारे में
समय किसको था जो सच टटोले...
जीवन अपूर्ण लिए हुएपाता कभी खोता कभीआशा निराशा से घिराहँसता कभी रोता कभीगति-मति न हो अवरूद्धइसका ध्यान आठो याम हैचलना हमारा काम हैइस विशद विश्वप्रहार मेंकिसको नहीं बहना पडासुख-दुख हमारी ही तरहकिसको नहीं सहना पडाफिर व्यर्थ क्यों कहता फिरूँमुझपर विधाता...
ये मत समझ की तेरे काबिल नहीं हम, तड़प रहे हैं वो जिसे हासिल नहीं हम...!
नजरें झुकी हैं पर इश्क़ भी बरकरार है
हया है चेहरे पर और इज़हार भी कमाल है …
कुछ सपनों के मर जाने से, जीवन नहीं मरा करता है।
छतरियाँ हटा के…मिला करो इनसे,
ये जो बूँदें हैं ना,बहुत दूर से आती हैं।
"मां नहीं है"पीहर के Gate पर पहुंचते हीमां, मां, मांका शोर करते हुए अंदर घुसनाअब थम सा गया हैक्योंकि मां नहीं हैकुछ अपनी कुछ पराई बातें होती थींकुछ जुबान से तो कुछ आंखों ही आंखों मेंसमझ जाती थीअब कहने को...