तस्वीर तो है ही तुम्हारी है तारीफ-ए-काबिलउससे भी ज्यादा कातिल है होंठों के नीचे ये काला तिल🧚🏻♀️
तूफ़ानों से आँख मिलाओ, सैलाबों पे वार करोमल्लाहों का चक्कर छोड़ो,तैर के दरिया पार करोफूलों की दुकानें खोलो,ख़ुशबू का व्यापार करोइश्क़ ख़ता है तो ये ख़ताएक बार नहीं सौ बार करो।
तुम जरा कस के थाम लो "हाथ" मेरा,
'लकीरों' को अच्छा लगेगा "लकीरों" से मिलना..!!
सब गुज़र तो जाता है,
मगर सब भुलाया नहीं जाता...
हम ही हमको काट रहे हैं,हम ही हमको बाँट रहे हैं।
हम ही हैं जो पाटें खाई,हम ही हैं जो करें खुदाई।
अंगड़ाई पर अंगड़ाई लेती है रात जुदाई की...
तुम क्या समझो तुम क्या जानो बात मिरी तन्हाई की...
कभी समाज कि गंदी नियत, कभी पारिवारिक यातनाएं,
मुख पर नकली मुस्कान रखकर अकेले में आंसू बहाएं..!!
संघर्ष भी उन्हीं को चुनता है,
जिनमें लड़ने की क्षमता होती हैं।
ऐ खुदा लोग बनाने थे पत्थर के अगर,तो मेरे एहसास को शीशे सा न बनाया होता।
याद रखना सपने तुम्हारे है तो पुरे भी तुम ही करोगे , न तो हालात तुम्हारे हिसाब से होंगे और न ही लोग !
लगता है मेरे अच्छे दिन रास्ता भटक गए हैं..
पता नहीं क्यों आ ही नहीं रहें...!!
माँ बाप तो हर औलाद को बहुत अच्छे मिलते है
मगर हर माँ-बाप को अच्छी औलाद नही मिलती
युद्ध का ज्वालामुखी है फूटताराजनैतिक उलझनों के ब्याज सेया कि देशप्रेम का अवलम्ब ले !किन्तु, सबके मूल में रहता हलाहल है वहीफैलता है जो घृणा से, स्वर्थमय विद्वेष से !युद्ध को पहचानते सब लोग हैंजानते हैं, युद्ध का परिणाम अन्तिम...
बरसी हैं घटाएं आज फिर अंगड़ाइयां लेकर ,
नया सावन तो आया है मगर तन्हाईयां लेकर ..!!
शिकवे इतने हैं किताबे लिख दूं,
सब्र इतना है कि एक लफ्ज़ भी ना कहूं...
तेरा वो #रूहानी सा लगने वाला इश्क़,
तेरी वो आग - ए - खास बातें,
तेरी वो सलीके वाली मुलाकातें. 💕
पेश आाना तेरा वो अदब से.. 🌿
हाय!! वो तेरी शरमाती सी आँखें... 👀🌹
उन्होंने कहा चाय में चीनी कितना डालू,मैंने बोला बस आपने छु लिया चाय मिठी हो गयी।
घबराया साहेब बात बात पर डरता है,जब डगमग होवे कुर्सी तब धर्म को आगे करता है।पटर पटर बोले है ये सौ में नब्बे झूठ,राम नाम का लगा मुखौटा लेगा सब को लूट।चीन बढ़ाता अपना नक्शा उससे छिपता फिरता है,घबराया साहेब...
सूखे कपड़ों से नमी निकाल रहा है,
वो मुझमें कुछ यूं कमी निकाल रहा है।
जिएं इतना कि
ज़िन्दगी कम पड़ जाए
हंसे इतना कि
रोना मुश्किल हो जाए
किसी भी चीज़ को पाना
नसीब की बात है
मगर कोशिश इतनी करें कि
उपरवाला देने पर मजबूर हो जाए..