इंसान की ये आदत है ना मिले तो सब्र नही करता
और मिल जाये तो कद्र नही करता..
वेशक प्यार तुमने किया था हमने तो सिर्फ़ परवाह की थीवेशक मोहब्बत तुमने की थी हमने तो सिर्फ़ मन्नत की थीवेशक इश्क तुमने किया था हमने तो सिर्फ़ इबादत की थीवेशक ख्वाब तुमने दिखाया था हमने तो सिर्फ़ कोशिश की...
वाहेगुरु जी का खालसा,
वाहेगुरु जी की फतह
बिछड़ने वाले तुझे देख-देख सोचता हूँ
तू फिर मिलेगा तो कितना बदल चुका होगा...
ख कर लगे है तुझको ये राब्ता पुराना है
तेरी ही बाहों में जैसे गुज़रा इक ज़माना है
वहीं लोग मोहब्बत पे अच्छी पंक्तियां लिख पाते हैंजो लोग मोहब्बत में अक्सर ठुकरा दिये जाते है..!!
अफ़वाहें बहुत थी मेरे बारे में
समय किसको था जो सच टटोले...
थोड़ा रंग बचा के रखना,
देर से ही सही मगर
हम आएंगे जरूर..
जान जाने के बाद शरीर श्मशान में जलता हैतेरे जानेके बाद तो में बिन अग्निको जलता हु
महान व्यक्ति हमेशा योजना बनाकर कार्य करता है
डरता है ज़माना मुझसे..... जब मैं उसके पीछे और वो मेरे आगे चलता है..!!
आदमी की सबसे अच्छी नस्लयुद्धों में नष्ट हो गई,देश का सबसे अच्छा स्वास्थ्यविद्यालयों मेंसंक्रामक रोगों से ग्रस्त है
~ धूमिल
भरता नही ज़ख्म अगर नासूर बन जाये ॥
जिसे अपना समझो वही जब दूर हो जाये ॥
यहाँ खुशबू है वादियों में,यहाँ खुशबू है लोगों के किरदारों में !