सर कुचलने का भी हुनर रखती हूँ;
नगिन के डर से जंगल नही छोड़ा करती मैं !!
न जी भर के देखा न कुछ बात की
बड़ी आरज़ू थी मुलाक़ात की
दर्द से मेरा दामन भरदे या अल्लाह...
काबिलियत कि बात मत करो जनाब,
हमें हराने के लिये लोग कोशिशें नहीं साजिशें करते है
दो पल सुकून में खोके आते है
फुरसत हो तो चलो "बनारस" होके आते है।
बारात में #नोटों की गड्डी उड़ाने वाले #लोग #पूजा की #आरती के लिए खुल्ले #पैसे ढूंढते हैं अभी हमे बहुत बदलना है
खुश रहने के लिये जिंदगी में खुद के स्थिति क्षमता देख कर ही फैसले लेने चाहियेलोगों को खुश करने या दिखाने के लिये गये फैसले हमेशा दुख के कारण बनते हैं
अच्छा इंसान तो अपने जुबान से ही जाना जाता है,वरना अच्छी बातें तो दीवारों पर भी लिखी होती है..!!
प्यार ऐसे करो कि वो, सामने से आकर कहे.......?
रोज कमाने की फिक्र..एक मर्द की चेहरे की मुस्कुराहट खो जाती है..!!
क्या ही करूंगा मैं दुनिया जीत करजब आख़िर में तुझे ही हारना है….!!
कोशिश करो हमेशा सच बोलने कीकुछ लोग रूठ जाएंगे पर धर्म बच जाएगा …
बहुत से पति पत्नी सिर्फ इसलिए
साथ रहते हैं क्योंकि वो पति पत्नी हैं...
एक सामाजिक बंधन है
सात फेरे लिए है
उन तमाम संस्कारों को पूरा किया है
जो शादी के लिए जरूरी हैं...
अब यहां प्रेम है या नहीं....
इसकी कोई गारंटी नहीं....
हम वो हैं जो खुदा को भूल गए ,
तू मेरी जान किस गुमान में है।।
आ मत जाना अब हम संभल गये हैं ,
यूँ बिखरने का हौंसला बार-बार नहीं होता...
जुबानों के पीछे मत चलो, कोई तुम्हे ऐसी कहानी नहीं बताएगा, जिसमे वो खुद गद्दार हो।।
शेरों के साथ संगत बनाइए..
कुत्तों के साथ बैठने से आप सिर्फ पीठ पीछे भोकना ही सीखेंगे..!!
तलवार का दौर गया,
अब लोग तानों से मार देते हैं…
सभ्यता का युग तब आएगा,
जब औरत की म़र्जी के बिना कोई,
औरत के जिस्म को हाथ नहीं लगाएगा।
~ अमृता प्रीतम
चाय के दुकान पर इतने छोटे कप हों गए हैं किलगता हैं चाय नहीं पोलियों ड्राप पिला रहे हैं...!