हर बार समझेंगे आप उनको
वो हर बार आपको तोड़ते चले जायेंगे..!!
मायूस भी नहीं है वो और खुश भी नहीं है, क्या बात है जो दिल को मजधार में ले आई.. रफ़्ता रफ़्ता खत्म हुए हम जो तेरे इश्क़ में अफसोस है कि मौत क्यों इक बार में न आई.. तुझे...
"तुम कर लो नजरंदाज अपने हिसाब से""हम तो इश्क़ मोहब्बत बेहिसाब करेंगे"
अपने अहंकार में चूर होकर,
जो सबका बाप हो जाता है,
उस तुच्छ के लिये अमरत्व का वरदान भी श्राप हो जाता है..!!
अब कोई मरहम काम नहीं करता उन ज़ख्मों पर, जो मुझे मेरी वफ़ा के बदले उससे इनाम में मिले थे..!!
ख्वाब टूटें हैं मगर हौसले जिंदा हैं... हम वो हैं जहां मुश्किलें शर्मिंदा हैं....!!
हम वो खामोश समंदर है..
जिसके पहलू में तूफान पलते है..!!
मेरे सपने में भी कभी ऐसा संयोग नहीं होताकोशिश करता हूं, पर मुझसे योग नहीं होता।
उन लोगों से मतलब मत रखो,जो मतलब से मतलब रखते हैं ..!!
सच्ची मोहब्बत एक न एक दिन लौटकर जरूर आती
हैं, या तो Sorry बोलने या फिर शादी का कार्ड देने
यहीं कहीं दफ़न हो जाएंगे मेरे साथ मेरे अरमान भी,मेरी वफ़ा के बदले मुझे "तड़पन" ईनाम मिली है..!!
पहाड़ तोड़ने का साहस तो हर इंसान में है,
पर वो डरता है "कामयाबी" के पहले
पागल घोषित किए जाने से।
तुम्हारा एकांत ही तुम्हें मनुष्य बना सकता है,
भीड़ तुम्हें भेड़ बना देगी
फर्ज़ बनता है "छोटो" का! कि उन्हें, समझाया जाएबड़े, बड़े हैं! मतलब ये नहीं कि गलत नहीं हो सकते
सफलता चाहिए तो
खुद को बस में रखो ,दूसरों को नहीं !
जो झूठ पर भी वाह करेगा,
वो ही तुम्हें तबाह करेगा.
तुम मिल सको तो मिल लेना,
कुछ कह सको तो कह लेना...
मैं जी नहीं पाया जुदा होकर तुमसे,
तुम जी सको तो जी लेना...
दिल की तकलीफ़ कम नहीं करते
अब कोई शिकवा हम नहीं करते
जौन एलिया
अहंकार का बस इतना ही सच है
दिल से जुड़े रिश्ते भी खा जाता है।
तुलसी साथी विपति के, विद्या, विनय, विवेक।
साहस सुकृति सुसत्य व्रत, राम भरोसे एक।।
तुलसीदास जी