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World's Best Cow Hospital

लोग इंतजार में थे मुझे टूटा हुआ देखने को, एक मैं था जो सहते सहते पत्थर का हो गया।

वो मुझे भीख की तरह दे रहा था इश्क अपना,मैने भी अमीरों की तरह लेने से मना कर दिया

इरादा है बदलने का तो कोशिश कर बदलने की अगर सूरज नहीं है तो चराग़ों से उजाला कर मिलेगी हार या फिर जीत का परचम उठाएगा नतीजा जो रहे लेकिन नया सिक्का उछाला कर राघवेंद्र द्विवेदी

बुरा व्यक्ति उस समय और भी बुरा हो जाता है, जब वह अच्छा होने का ढोंग करता है।

वो पत्थर कहाँ मिलता है बताना जरा ऐ दोस्त, जिसे लोग दिल पर रखकर एक दुसरे को भूल जाते है..

सब लोग कहते हैं ..... " सीता और द्रौपदी के कारण हुई रामायण और महाभारत, किसी ने यह नहीं कहा नारी का सम्मान न करने अंत है रामायण और महाभारत " !!

मेरे लफ्जों को थोड़ा ध्यान से पढ़ा करो मैंने सच में जिंदगी बर्बाद की है .....!!

तबाह होकर भी तबाह नही दिखती...ये इश्क़ है इसकी कोई दवा नही बिकती...

भावों से ज्यादा शब्दों को अहमियत दी जा रही है संसार में, जाहिर सी बात हैशब्द हृदय पर चोट करेंगे…!!

तेरी यादों ने रखा है हर वक्त बेचैन मुझे , ये दिसंबर भी कट रहा है तुझे याद करते करते ...

ना किया कोई सिंगार फिर भी गम नहीं , गरीब बाप की बेटी परी से कम नहीं ।।

मन का झुकना भी बहुत जरूरी है, सिर्फ तन झुकाने से भगवान नहीं मिलते.....

प्रेम से विरह उत्पन होता है।विरह से दर्द होता है।दर्द से तड़प, तड़प से प्राथना होती है।प्राथना से भक्ति,भक्ति से ध्यान लगता है।ध्यान से परमात्मा,परमात्मा से संतुष्टि मिलती है।संतुष्टि से चैन और चैन से प्रेम मिलता है।

कठिनाइयां मनुष्य को जितना सीखा सकती हैं.. दस गुरु मिलकर भी उतना नहीं सीखा सकते.!!

शब्द ही नहीं, खामोशी भी चुभती है।

"क्या कशिश थी आप की आँखों में" "आप को देखा और आप के हो गए"❤️

न हम-सफर न किसी हम नशीं से निकलेगा,हमारे पाँव का काँटा है हमीं से निकलेगा !

परेशान सब है ,कुछ सच में , कुछ सच से...

मनुष्य का अहंकार और... मोह ही उसे बर्बाद कर देता है, उसे किसी शत्रु की जरूरत नहीं पड़ती...!!

जितना निभा सकते हैं उतना ही बोलें..!!


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