पर्दे अच्छे, कम से कम बातें छनकर तो आती हैंदीवारों का क्या है.. वो तो आवाज़ें खा जाती हैं !!
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सच एक आईना है साहब,ये एक टूटता तो हज़ार सच्चे पैदा करता!
चिंता से चतुराई घटे, दु:ख से घटे शरीर।
पाप से लक्ष्मी घटे, कह गये दास कबीर।।
कबीर
अभी गनीमत है सब्र मेरा,
अभी लबालब भरा नही हूँ
वो मुझको मुर्दा समझ रहा है,
उसे कहो...... मैं मरा नही हूँ!
रहता नहीं कोई भी मंज़र सदा
यहां हर ताल्लुक मुसाफिराना है !
मेरे दोस्तों नजर को बदलोतो नजारे बदल जाते हैंसोच को बदलो तोसितारे बदल जाते हैंकश्तियां बदलने कीजरूरत नहीं हैदिशा को बदलो तोकिनारे खुद-
हम अपनी जान के दुश्मन को अपनी जान कहते है,मोहब्बत की इसी मिट्टी को हिन्दुस्तान कहते हैं,
जो ये दीवार का सुराख है साज़िश है लोगों की,मगर हम इसको अपने घर का रोशनदान कहते हैं !
हैरत इसपर नहीं कि धर्म का धंधा हो रहा है ,
हैरत इसपर है पढ़ा लिखा भी अंधा हो रहा है !
कभी गिर जाओ तो खुद ही उठ जाना क्योंकि ,
लोग सिर्फ गिरे हुए पैसे उठाते हैं इंसानो को नहीं ...
ये कैसा नशा है मैं किस ख़ुमार में हूँ तू आके जा भी चुका है मैं इंतज़ार में हूँ
कोई तो जिद करे हमसे भी मिलने की ,
हमें भी महसूस हो हम भी आरजू है किसी की ..!!
और तो कौन है जो मुझको तसल्ली देताहाथ रख देती हैं दिल पर तेरी बातें अक्सर..!!
मेरे संग-तराश तुने ये अजीब बुत तराशाइसे पूजता रहूं मैं यही दिल की हसरतें हैं
अपनी किस्मत और लोगों कि गंदी नियत ताकने में,
एक बिटिया की उम्र गुज़र जाती है दरीचा झांकने में..!!
मोहब्बत जुदाई बर्दाश्त कर सकती है , मगर बेइज्जती नहीं ...
जो ज्ञानी होते हैं उन्हें कभी अहंकार नहीं होता
रेगिस्तान कभी यह नहीं कहता कि वह ऊँट का घमण्ड तोड़ देगा।
ख्वाहिशों ने जब भी कोशिश की उड़ने की,
परिस्थितियों ने "पैरों" में बेड़ियां डाल दिया..!!
विरक्ति
कुछ तो राज छुपाएं जातें हैं मोहब्बत में यूं ही
कोई तीसरा अचानक से नहीं आ जाता जिंदगी में
पुष्प की सुगंध वायु के विपरीत कभी नहीं जाती,
लेकिन मानव के सदगुण की महक सब ओर फैल जाती है।
गौतम बुद्ध
धर्म केवल रास्ता दिखाता है,
लेकिन मंजिल तक तो कर्म ही पहुँचाता है।