कुदरत के साथ बिताया गया समय,कभी व्यर्थ नहीं जाता !
भिड़ते,टकराते,छील के निकलते हैं रिश्ते,
कितने चौराहों से गुजरते है रिश्ते,
ज़ख्म जिस्मो पर नजर आते है सारे,
कहने को रूह से उतरते है रिश्ते ..
बेवफाओं का घर नही बसताउनकी सिर्फ महफिलें सजती हैं
सुनो मेरे दोस्तों पैसा इतना कमाओ की,चार लोग तुम्हे अपना दामाद बनाना चाहे…
होठों पर जरूरत से ज्यादा बिखरी हंसी,अक्सर गवाह होती है आंखों में पसरी हुई उदासी की....
शक्ल पर मरने मिटने वाले बहुत देखे ,
हृदय की तिजोरी तलाशने वाला न मिला ।
ज्ञान का उपयोग न हो तो वह भार के ही समान है.!
~ अज्ञात
मुझे अपने रिश्तेदारों से
उतना ही डर लगता है,
जितना किसी शादीशुदा को
अपने बीबी से
जिंदगी की यही रीत है,पीठ पीछे सब कमीने,सामने सब Sweet हैं !
दया अगर लिखने बैठूं होते हैं अनुवादित रामरावण को भी नमन किया ऐसे थे मर्यादित राम
~अज़हर इक़बाल
वो जो उतरा है नज़र से इस बार,
हमने उसकी नज़रें भी उतारी थी कभी !
हमें पता है तुम कही और के मुसाफ़िर हो
हमारा शहर तो बस यूं ही रास्ते में आया था
बदल दिया है किरदार अपना इस फरेबी दुनिया में, वास्ता वजूद से हो जाए तो साथ छोड़ना पड़ता है..!!
तरस आता है अपने बाप पर, उसे औलाद मुझ जैसी मिली.
बाबा के दर पर सब कष्टों का अंत है,
तभी तो मेरे बाबा संसार में अनंत है. !!
सबके अपने सत्य हैं,
सबके अपने झूठ।
कोई कहता लाभ इसे,
तो किसी को लगती लूट।
सबके अपने कष्ट हैं,
सबकी अपनी जंग।
कोई कभी टूट जाता है,
कोई हो जाता तंग।
सबकी अपनी मान्यता,
सबका निज विश्वास।
कोई कभी...
कोशिश करते रहिए ,सफ़ल हुए तो घरवाले ख़ुश और असफल हुए तो पड़ोसी ख़ुश।
बेटियां बहुत ही ख़ास होती हैं
परंतु फिर भी लोगों को बेटों की चाह रहती है !
अगर आप किसी और के साथ गलत करने जा रहे हो तो अपनी बारी का इंतजार भी जरूर करना
मुकद्दर में लिखीकोई बात हो तुम,तकदीर की एकखुबसुरत सौगात हो तुम,करके प्यार तुम्हेंमहसूस किया जैसे,सदियों से यूं हीमेरे साथ हो तुम..!