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World's Best Cow Hospital

अक़्ल कहती है दोबारा आज़माना जहल है, दिल ये कहता है फ़रेब-ए-दोस्त खाते जाइए..!!

कितने बीघे बिक गए बेटी को पढ़ाने में, बेटी ने कपड़े खोल लिए रील बनाने में.....

अंदर का ज़हर चूम लिया धुल के आ गए, कितने शरीफ़ लोग थे सब खुल के आ गए.

अर्जुन सा असमंजस आएगा तो हिस्से में श्रीकृष्ण भी आयेंगे.!

सबकी परेशानियां सुनते हैं, खुद की बताने का मन नहीं करता....

फर्क करना ज़रा मुश्किल लगा था,जब चेहरे अपनों के गैरों से ही मिलने लगे थे…!

कुछ परेशानियां इतनी बड़ी होती हैं,की उनके चक्कर में जिंदगी छोटी हो जाती है….

जब इंसान करवट लेता है तो दिशा बदल जाती है और जब वक्त करवट लेता है तो दशा और दिशा दोनों बदल जाती है !!!

ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैंफिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं।

मै सुकून लिखूं तुम गंगाघाट समझ लेना, में इश्क़ लिखु तुम चाय समझ लेना।

आ देख मेरी आँखों के ये भीगे हुए मौसम,ये किसने कह दिया कि तुझे भूल गए हैं हम.

अपने को साधारण आदमी मानना भी एक ताक़त है। ऐसा आदमी असाधारणता के कोई फालतू सपने नहीं देखता, और निराश नहीं होता, टूटता नहीं।

लोकतंत्र का यही आधार उपयोग किया मताधिकार

जीवन की एक कड़वी सच्चाई ये भी है कि ,आधे रिश्ते तो लोग इसलिए निभाते हैं ' क्योंकि भविष्य में उनसे काम पड़ सकता है ….

मेहनत तो हर फिल्ड में करनी पड़ती है बेकार पड़े रहने से लोहे में भी जंग लग जाती है

आपके पास दोस्त कितने सारे है उससे कोई फर्क नहीं पड़ता, वक़्त पर काम कितने आए वो महत्वपूर्ण है ...

सूरज जैसा बनना है तोसूरज जितना जलना होगानदियों सा आदर पाना है तोपर्वत छोड़ निकलना होगा...

मैं छिपाना जानता तोजग मुझे साधु समझताशत्रु मेरा बन गया हैछल रहित व्यवहार मेरा।। हरिवंशराय बच्चन

उसे उस हद तक चाहो , वो भी बोले अच्छा ठीक हैं करलो ..!!

खौलते इतिहास के पन्ने गवाह हैं, स्त्रियों के नग्न बदन और राजा का अंधा होना इत्तेफ़ाक़ नहीं!! श्रुतिका साह


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