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World's Best Cow Hospital

परेशान सब है ,कुछ सच में , कुछ सच से...

छुड़ा के उंगली पापा ने सलाह दी, अकेले चला कर बेटे सहारे ठीक नहीं होते...

ज़िंदगी की धूप-छाँव में, संघर्ष है, सफ़र है, जीने का अद्भुत अंदाज़ है।

ऐसे ही नहीं बन जाते गैरों से रिश्ते,कुछ खालीपन अपनों ने ही दिया होगा। ~गुलज़ार

उन्हें याद करें! विक्रम साराभाई, नेहरू, अब्दुल कलाम

कुर्सी है तुम्हारा ये जनाज़ा तो नहीं है कुछ कर नहीं सकते तो उतर क्यों नहीं जाते

तेरी मुस्कुराहट जरूरी हैं माँ, कीमत चाहे जो भी हो।

ज़ुबान और दिमाग़ तेज चलाने से ,रिश्तों की रफ़्तार धीमी पड़ जाती है …

एक ही समझने वाला था मुझे , हाय !अब वो भी समझदार हो गया ।।

हर रिश्ता इसी कागज़ का गुलाम हैं..जिसे हम पैसा कहते हैं...

चालाकी ,चतुराई ,और बेशर्मी के मिश्रण को आज कल होशियारी कहते है

जिंदगी में हजारों लोग आवाज देंगे, मगर वही बैठना जहां अपनेपन का एहसास हो...

दोस्त कठिन है यहाँ किसी को भी अपनी पीड़ा समझाना दर्द उठे तो, सूने पथ पर पाँव बढ़ाना, चलते जाना सर्वेश्वर दयाल सक्सेना

ये खाली सा दिखने वाला घर एकदम से भर जाएगा, ये उदास दिखने वाला लड़का एक रात मर जायेगा...

अकेला चलना किसी के, पीछा चलने से बेहतर है....

वक्त से पहले हादसों से लड़ा हूँ.. मैं अपनी उम्र से कई साल बड़ा हूँ।

मुँह में ज़ुबान सब रखते हैं, मगर कमाल वो करते है, जो उसे संभाल कर रखते हैं …..!!!

शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हमआँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे

मेरी जिंदगी मै खुशियां तेरे बहाने से है, आधी तुझे सताने से है आधी तुझे मनाने से है।

नज़रों से गुनगुना कर कोई धुन तराशते हैं जो अनजाने चेहरों में खुशियाँ तलाशते हैं अपनों में तो बस जिन्हें ऐब ही दिखते हैं वो गैरों की खातिर बेकीमत बिकते हैं....


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