जब भी दुनिया ने मुझसे प्रेम की पूर्ण परिभाषा पूछीं मैं कागज़ पर केवल तुम्हारा नाम ही लिख पाया।
मैं तेरे साथ 'गुज़ारा' भी नहीं कर सकता..
और अफ़्सोस 'किनारा' भी नहीं कर सकता..!!
जिसे देखो वो दुःखी है .. आखिर ये खुशी जा कहां रही है ...
हिंसा और अज्ञानता के
मकड़जाल को शिक्षा
की छड़ी से
साफ़ किया जा सकता है।
कैलाश सत्यार्थी
शुक्रिया है जिंदगी यहाँ तक लाने के लिये,
यहाँ से अब मैं अकेला ही चला जाऊंगा…!!
भूल गया था अपना असली किरदार मोहब्बत में,
आज परछाईं में खुद को मुस्कुराते हुए देखा है..!!
विरक्ति
ये जो तुम कहते हो कोई नहीं अपना,कभी ख़ुद से पूछो क्या तुम किसी के हो पाये.
सड़को के किनारे पड़ी नाजायज औलादें, आपकी जायज औलादों की ही औलादें है।
शिक्षा का अर्थ केवल शिक्षित होना या नौकरी पाना नही होता; शिक्षा का अर्थ होता है अपना ‛उज्ज्वल चरित्र’ बनाना होता है। शिक्षा से हमें अहंकार नही सदाचार प्राप्त होता है और आचरण शुद्ध होता है। शिक्षा से ही स्वयं...
अच्छे संस्कार किसी मॉल या बाजार में नहीं,
परिवार के माहौल से मिलते हैं...
गुस्से में केवल मेरे शब्द बदलते हैं
तुम्हारे लिए मेरा प्यार नहीं जान...
आंखें मुसलसल यूं ही बहती रहती है ठंड हो या बरसात ,
बारिश यह ठहरती ही नहीं जब से तुमने पाई निजात...
मालती
स्त्री और मिस्त्री से,
टकराने का मतलब घर का नक्शा बिगाड़ना।
याद रखना सपने तुम्हारे है तो पुरे भी तुम ही करोगे , न तो हालात तुम्हारे हिसाब से होंगे और न ही लोग !
कुछ उदासियां किसी से नहीं बांटी जा सकती, उन्हें खुद के अंदर ही रखने में बहुत सुकून मिलता है..!!
मैं वो चिराग हूँ,जो आँधियों में भी रोशन था...खुद अपने घर की हवा ने,बुझा दिया है मुझे...
सुनो , ये इश्क़ , ये मोहब्बत , ये वफ़ा ,
अज़ी , सब वसीले है दिल दुखाने के...
मेहनत नाम का मित्र अगर साथ हो तो,असफलता नाम के दुश्मन से डर नहीं लगना चाइए…
दूरियों में ही परखा जाता है हर एक रिश्ता,
आंखों के सामने तो सभी वफादार होते हैं।
मत सोचो जिंदगी बोझ है
खुश रहो क्योंकि समस्या तो रोज है !!