एक मनपसन्द शख्स की कमीदुनिया के सारे लोग मिल के भी पूरी नहीं कर सकते...
बिछड़ते वक्तगले लग कर इश्क़ वाले
अपनी रूह इक दूसरे मेंछोड़ आते हैं।
देखा है ज़िंदगी को कुछ इतने क़रीब से...चेहरे तमाम लगने लगे हैं अजीब से...
सुनो दोस्तों पैसा इतना कमाओ की,
चार लोग तुम्हे अपना दामाद बनाना चाहे...
उसूलों पे जहाँ आँच आये वहां टकराना जरूरी है, जो जिन्दा हों तो फिर जिन्दा नजर आना जरूरी है !
तू न थकेगा कभी, तू न रुकेगा कभी, तू न मुड़ेगा कभी, कर शपथ, कर शपथ, कर शपथ, अग्निपथ अग्निपथ अग्निपथ। यह महान दृश्य है, चल रहा मनुष्य है, अश्रु श्वेत रक्त से, लथपथ लथपथ लथपथ, अग्निपथ अग्निपथ अग्निपथ।
बहुत लोग हमसे पीछे हैं,इसका मतलब यह नहीं कि हम आगे हैं.. !!
हटा पतझर के पहरा, तनिक मधुमास आवे द
उदासल मन का देहरी पर, किरिन सविलास आवे द।
कसक एतना, मसकि जाता करेजा, दर्द अइसन बा
जिये के होसिला लेके, नया उल्लास आवे द।
झुकल आकास देखता, घुटन से जिन्दगी ऊबल
चुकल एहसास, बिनती बा, नया...
अंत में दुश्मनों के कहे शब्द नहीं,
दोस्तों की चुप्पी याद रहती है।
मार्टिन लूथर
हालात बिगड़ने लगे तुम बिछड़ने लगे
हम दोनों को हालातो से लड़ना था,
तुम हमसे लड़ने लगे
उम्मीद ना कर किसी से इस दुनिया में हमदर्दी की...
बड़े प्यार से जख्म देते है शिद्दत से चाहने वाले...!!
मुमकिन नहीं मेरा पहले जैसा हो पाना
खुद को बहुत पीछे छोड़ आई हूँ मैं
काश एक शायरी कभी,तुम्हारी कलम से ऐसी भी हो,जो मेरी हो मुझ पर हो और,बस मेरे लिए ही हो..!!
गरीब की थाली में पुलाव आ गया हैलगता है शहर में चुनाव आ गया...
प्रेम की पहचान अगर शादी होती ,तो रुकमणी के स्थान पर आज राधा होती ..!!
जो आप को बड़े क़रीब से,
जान लेते हैं एक दिन वही आप की जान लेते हैं !!
संभलना था हमें,, साथ फिसलते चले गए,, ना चाहा फिर भी,, उसकी चाहत में संवरते चले गए,, अंज़ाम मालूम था,, फिर भी आगे बढ़ते चले गए,, तिनका तिनका जोड़ा था ख़ुद को,, दूरियों में बिखरते चले गए,, अब तकलीफ़ ये...
कोई भी इंसान इतना खूबसूरत नहीं होताजितना उसे उसका चाहने वाला बना देता है
पहाड़ तोड़ने का साहस तो हर इंसान में है,
पर वो डरता है "कामयाबी" के पहले पागल घोषित किए जाने से।
धूप तो धूप है इसकी शिकायत कैसीअबकी बरसात में कुछ पेड़ लगाना साहब ~ निदा फ़ाज़ली