भावों से ज्यादा शब्दों को अहमियत दी जा रही है संसार में,
जाहिर सी बात हैशब्द हृदय पर चोट करेंगे…!!
मसला सकून का है जान,
वरना जिस्म बाज़ार में भी मिलता है...
स्त्री और मिस्त्री से,
टकराने का मतलब घर का नक्शा बिगाड़ना।
अपने फैसलों पर कभी पछतावा ना करें,हर गलती आपको मजबूत बनाती है..!!
खामोशी से मतलब नहीं, मतलब तो बातों का हैदिन तो गुजर जाता है, मसला तो रातों का हैं!!
उठाना खुद ही पड़ता है थका टूटा बदन,जब तक सांसे चलती है,कंधा कोई नही देता !
भूमि और भाग्य का
एक ही स्वभाव है..!
जो भी बोया है..
वो निकलना तय है..!!
ईमानदारी को धन से नफरत है
और समाज को ईमानदारों से।
वो फूल जो मेरी कबर पर डालने का आप इरादा रखते है, वो मेरी जिंदगी में ही दे दीजिए खुशी होगी...
घाट का एक पत्थर हूं मैं
मैंने नदी के हजार रूप देखे हैं!
जोर बाकी नहीं उड़ान में क्यावर्ना रखा है आसमान में क्या
अपने मन और आत्मा से कर्म करें,
और प्रेम करें तो जीवन आनंदित हो जाएगा !
हुक़ूमत से सिफारिश की तमन्ना हम नही ऱखते..!!!हमे मालूम है हमारी हिफाज़त कौन करता है??
लहरों का शोर नहीं सागर का 'शान्त' सुनो ,
जीवन में कुछ बड़ा करना है, तो एकान्त चुनो ..!!
जुबान खराब होना दिमाग
खराब होने की पहली निशानी है
खूब समझती है वो रूदन अपने लाल का,"मां" पृथ्वी पर साक्षात् भगवान होती है,
घर, समाज, ईश्वर किसी का उसे भय नहीं,अपनी औलाद में ही उसकी जान होती है,
और नहीं करती फिक्र कभी धूप - शीत की,हर आफत से बचा ले...
डूबकर तेरे मृगनयनों में,
मुझको बदहवास हो जाने दे,
ढक सकूं मैं जिस्म तेरा,
मुझको वो लिबास हो जाने दे..!!
दर्द
अपमान
ठोकर
और धोखा इंसान को पूरी तरह बदल देते हैं !
हमसे दिखावा नहीं होता,
हम आईना है हमसे ये फरेब नहीं होता।