ज़रूरी नहीं हर तोहफा कोई चीज़ ही हो,
प्यार, इज़्ज़त और फिक्र भी अच्छा तोहफा है।
परेशान सब है ,कुछ सच में , कुछ सच से...
सकारात्मक कार्य करने के लिए हमें
एक सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना चाहिए।
दुःख देखिएहम सब अकेले हैंफिर भी हमारे पास समय नहीं हैकिसी अकेले के लिए।
नरेश गुर्जर
मैंने कब चाहा कोई मेरे साथ चले,
"कहा ज़रूर
हो सके तो समझाना मुझे,
वर्ना गलत समझ कर भूल जाना..
और ,फिर मेरा खुद को संभाल के संभल जाना ही इस आधी अधूरी प्रेम कहानी का अंत होगा।
मसअला ये नहीं कि! तुम दूर हो गये हो,
मुद्दा बस इतना है कि वो तरीका ग़लत था
हर शायरी किसी ना किसी के लिये एक गुमनाम खत है..!
जो किसी के घर के पते पर नही मन की,दहलीज पर खुलती है।
खुद्दार दुश्मन के आगे नाक रगड़ देनामगर गद्दार दोस्त से फिर कभी हाथ मत मिलाना
अपने संघर्ष को अपना जुनून बना लो..
जब तक वो तुम्हारी कहानी ना लिख दे..!!
भूल गया था अपना असली किरदार मोहब्बत में,
आज परछाईं में खुद को मुस्कुराते हुए देखा है..!!
विरक्ति
आज शायद मुझे लगाले वो गलेईद का तो बहाना उसके पास है
बोलना सीखिएवरना ज़िंदगी भर सुनना पड़ेगा।
मन करे कभी कुछ अच्छा करने का,
तो हांथ किसी विधवा का थाम लेना,
किसी बेसहारा अभागी स्त्री कि,
मांग फिर से तुम संवार देना,
और ये कैसा समाज है जो बेटे को,
दूसरे विवाह के लिए हां कहता है,
वहीं दिखाकर डर घर कि इज्ज़त,...
आदत अकेलेपन की जो पहले अज़ाब थी ,
अब लुत्फ बन गई है अज़ीयत नहीं रही ।।
मिल जाता है सुकून उनकी तस्वीर देख कर,कुछ शख़्स हमारी ज़िंदगी में ऐसे भी होते हैं..!!
जमाने मे और भी दर्द है , सहने को साहब,
हर उतरे हुए चेहरे का मसला , इश्क नही होता..!!
सब कुछ चुराया जा सकता है।
पर दुनिया में कोई किसीका इरादा नहीं चुरा सकता।
वो आइने में कैसे बर्दास्त करती होगी खुद को,
उसे तो धोखेबाज लोगो से सख्त नफरत थी..