सरल व्यक्ति के साथ किया गया छल ,
आपके बर्बादी के सारे द्वार खोल देता है ...
" वेदनाएं " कभी मृत्यु का रास्ता दिखाती है,,
तो कभी "लेखक" के जन्म का।
तुम्हारे दिल में भी तूफ़ाँ उठा है
हमें भी प्यार तुमसे हो चला है
किसी अय्यार जैसे हो गए हो
तुम्हारा नाम मुझको रट गया है
तुम्हारी बात भी अब टालने में
मुझे अब ख़ुद से लड़ना पड़ रहा है
अजब सी कश्मकश है ज़िन्दगी में
कि...
धड़की थी जो आपको देखकर,
याद है मुझे अब भी वो...
पहली धड़कन...💕
क्या तुम्हे याद है...?
रोक कर बैठे है ज़िंदगी को
तुम आओ तो जिना शुरू करेंगे..
एक मुद्दत से तिरी याद भी आई न हमेंऔर हम भूल गए हों तुझे ऐसा भी नहीं
~फ़िराक़ गोरखपुरी
जबरदस्ती की नजदीकियों से ,सुकून की दूरी अच्छी ।
घमंड तेरा भी एक ना एक दिन ख़ाक हो जाएगा,
जिस दिन मिट्टी से बना ये शरीर राख हो जाएगा..!!
कहीं चाँदी की है चम्मच
और रेशम के खिलौने हैं
कहीं काँटों का है बिस्तर
और बस सपन सलोने हैं
सुधीर...
अपने हिस्से की क़िस्मत अपने हाथों से ही गढ़ लेंगे ,धीरे-धीरे ही सही मगर थोड़ा बहुत हम भी पढ़ लेंगे ।।
समर्थन और विरोध केवल विचारों का होना चाहिये,
किसी व्यक्ति विशेष का नहीं….!!
सबकी परेशानियां सुनते हैं,
खुद की बताने का मन नहीं करता....
नीरज से बढ़ के और धनी कौन है यहाँउस के हृदय में पीर है सारे जहान की
रखना अपने शौक को ज़िन्दा,किसी के मोहताज मत होना,शरीर भले ही लाचार रहे,मगर दिमाग से अपाहिज़ मत होना..
प्रीत न जाने जात कुजातनींद न जाने टूटी खाट,भूक न जाने बासी भातप्यास न जाने धोबी घाट
गुस्सा करना अपने पैरो पर कुल्हाड़ी मारने जैसा है,क्योकि आप जिसपे गुस्सा करते है,उससे ज्यादा आपका खुद का नुकशान हो जाता है !
नींदें वापस कर दी हमने,,सुकून भरी रातों को।
किताबों के संग ' हर रात बितानी थी, आँखों को।।
सेजल
ये सरासर गलत है कि मेरा कोई पता नहीं
दरअसल मुझे ढूंढने की हद तक कोई ढूंढता नहीं !
कुछ ख़याल कुछ हक़ीक़त मिलाते हैं हम,
ऐसे ही पंक्तियों में ख़ुद को उतारते हैं हम।
सागर सी जिंदगी का बेहतरीन पन्ना हो तुम,
ख्वाब ही सही मगर दिल की तमन्ना हो तुम।