पानी से पानी मिले,
मिले कीच से कीच,
ज्ञानी से ज्ञानी मिले,
मिले नीच से नीच
चलो कल्पनवाओं का सैर करे
दुनियां के भीड़ से पार चले
उन्मुक्त भाव उड़ने के चाह भरे
मन के उम्मीदें पे पंख जड़े
होले होले दुनियां से पार चले
जन्नत के चौखट पे पग रखे
अलग ही जहां का दीदार करे
होगी अनुभूति जो ख्याल करे
चांद...
किसी को अपना बनाना हुनर ही सही
लेकिन किसी का बन के रहना कमाल है.
आजकल हमें डुबाने की,नाकाम कोशिशें वही कर रहे हैं,जिन हरामखोरों को तैरना,हमने ही सिखाया था !!
बहुत थे मेरे भी इस दुनिया में अपने,
फिर हुआ इश्क़ और हम लावारिस हो गए ..!!
तू भी एक ख्याल सा था, जो आकर चला गया...
इंतज़ार मत करो
जो कहना हो कह डालो
क्योंकि हो सकता है
फिर कहने का कोई
अर्थ न रह जाए।
गुज़रता हुआ वक्त क्या क्या सिखा देता है.….. कभी हँसना तो कभी रोना सिखा देता है वक्त है कभी जहर पीना तो,कभी जख्म सीना सिखा देता है...!
आज मैं उधर से निकला था जहाँ हम मिलते थे,
किसी ने वहाँ दीवार खड़ी कर दी.
घूम कर सारा जहां,
मेने खो दिया अपने आप को!
रिश्ता कैसा यह जानने से अच्छा है,
अपनापन कितना है ये महसूस किया जाए....
बच्चो बाली हरकत करने बाली लड़कियां,
किस्मत बालों को मिलती है…||
भूल गया था अपना असली किरदार मोहब्बत में,
आज परछाईं में खुद को मुस्कुराते हुए देखा है..!!
विरक्ति
नमाज में दुआऔर मोहब्बत में निकाह बहुत जरूरी है !
छुप छुप कर क्यूँ पढ़ते हो अलफाजों को मेरे,सीधे दिल ही पढ़ लो सांसों तक तुम ही हो..!!
अच्छा होने से पहले बहुत कुछ बेकार होता है
दरिया आँखों में था फिर भी प्यास रहीज़िन्दगी भर ज़िन्दगी की तलाश रही
अपने सपनों को साकार करने कासर्वश्रेष्ठ तरीका है कि आप जाग जाएं…
तुम अपनी इज्जत करके तो देखो,
लोग अपने आप औकात में आ जायेंगे।