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World's Best Cow Hospital

माना कि दौर नहीं है सादगी का पर क्या करूँ नहीं आता दिखावा करना

तुम छाये रहना मुझपर बसंत की बहार बनकर मैं खिला रहूँगा तुझमें फूल 'पलाश' का बनकर

मुंह पर बोलूं तो खटकता हूं लोगो को, चुप रहू तो अन्दर की बगावत मार देती है।

मज़दूर स्त्रियों के साथ अपने खेत में धान की रोपनी की..! नेहा सिंह राठौर

अंधेरे से नहीं अंधेरे में रखने वालों से बचिए !!!

हुस्न की क़ीमत कुछ खास नहीं होती बदन अक्सर ऊंचे दामों में बिकता है !

“छत टपकती हैं उसके कच्चे मकान की….फिर भी बारिश हो जाये तमन्ना हैं किसान की”

धन न हो तो रिश्ते... उंगली पे गिने जाते हैं....!!

किसी के सुख का कारण बनो भागीदार नही,पर दुख में भागीदार बनो कारण नहीं…

सुनो , ये इश्क़ , ये मोहब्बत , ये वफ़ा , अज़ी , सब वसीले है दिल दुखाने के...

इंसान की ख्वाहिशों की कोई इंतेहा नहीं, दो जलेबी भी चाहिए चार समोसे के बाद

अच्छे संस्कार किसी मॉल या बाजार में नहीं, परिवार के माहौल से मिलते हैं...

मानता हूँ कि मैं बुरा हूं बहुत, जो हो अच्छा वो सामने आए-?

हम ही पत्थर के हो गये ये सोचके.. कि ज़िंदगी तो फूल बनेगी नहीं...!!

बुरे वक्त में कंधें पर रखा हुआ हाथ…कामयाबी पर तालियों से ज्यादा कीमती होता है..!!

लोगों की सुनोगे तो बिखर जाओगे,भगवान या अल्लाह की सुनोगे तो संवर जाओगे..!!

अपनी ज़िंदगी में खुद रोशनियां पैदा करो,यकीनजानो तुम्हारे अलावा तुम्हारा कोई भी वफादार नही है ...

खौलते इतिहास के पन्ने गवाह हैं, स्त्रियों के नग्न बदन और राजा का अंधा होना इत्तेफ़ाक़ नहीं!! श्रुतिका साह

ब्रह्मांड की सारी शक्तियां पहले से हमारी हैं। वो हम ही हैं जो अपनी आंखों पर हाथ रख लेते हैं और फिर रोते हैं कि कितना अंधकार है। स्वामी विवेकानंद

हर दौर में जुल्म रहा हैं, और हर दौर में ज़ालिम मिटा हैं।


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