World's Best Cow Hospital English रात को जब अकेला होता हूॅं खुद को सवालों के कठघरे में पाता हूं कोई तो जिद करे हमसे भी मिलने की , हमें भी महसूस हो हम भी आरजू है किसी की ..!! खून का वो आख़िरी क़तरा, जो वतन की हिफ़ाज़त में गिरे, दुनिया की सबसे अनमोल चीज़ है कोई भी मां तब ज्यादा बेचैन होती है जब बात उसके बच्चों पर होती है ।। हम वहाँ हैं जहाँ से हम को भी कुछ हमारी ख़बर नहीं आती । संघर्षो के दिनों में, तन्हा हर इंसान होता है। साथ न कोई यार होता है, और न इतवार होता है।। वो जो है ही नहीं हक़ीक़त में उससे कैसे कहें के घर आए आसमां पे उसे निहारेंगे जिसको मिट्टी में दफन कर आए उदासी में कुछ पल जन्नत में जिओगे क्या,चाय बना रहा हूं अदरक वाली पिओगे क्या ? कोई नहीं करता प्यार मुझसे,नफ़रतों का बन गया चेला हूं मैं,न साथी न हमदर्द, न कोई रहबर,दुनिया में बहुत अकेला हूं मैं. इंसानी फितरत है साहब, सज़ा हो या सलाह सिर्फ दुसरो को ही दी जाती है….!! मैं राम बनूंगा तुम मेरी मर्यादा बनना..मैं कृष्ण बनूंगा तुम मेरी राधा बनना.. पता नही हम कब जान पाएंगे, लिपस्टिक कड़वी होती है या मीठी ! दर्द का कहर बस इतना सा है,कि आँखें बोलने लगी और आवाज रूठ गई .. ज़हर की ज़रूरत ही ना पड़ी ... उसके हर पल बदलते बर्ताव ने ही हमें मा^र डाला सुनो प्रिय, आप पुष्प नहीं पुस्तकें लाना मेरे लिए !! वो महफ़िल में तुझे अजनबी कहे देगीवही जिसका तू मजनू हैं!! अच्छा होने से पहले बहुत कुछ बेकार होता है राह के पत्थर से बढ़ कर कुछ नहीं हैं मंज़िलेंरास्ते आवाज देते हैं सफर जारी रखो ! डालोगे इज्जत पर हाथ उनके, वो सर' धड़ से अलग कर देंगी। अगर है वो द्रौपदी ' तो याद रखना, कृष्ण बनकर भी वही उभरेंगी।। सेजल ज़ायका अलग है मेरे लफ़्ज़ों का... कोई समझ नहीं पाता कोई भुला नहीं पाता...!! Prev1…151152153…236Next Concept, Created & Designed by sureshjain.com © copyright 2025. sureshjain.com All Rights Reserved.