जब मोहब्बत जवान होती है
तो हर अदा एक ज़बान होती है
एक बार बार मन में आने वाला सवाल:-
राजनीति सेवा है या नौकरी !यदि सेवा है तो वेतन व पेंशन क्यों?औरयदि नौकरी है तोयोग्यता व परीक्षा क्यों नहीं ?
वो चीज़ जिसे सुकून कहते हैं, हम भूल गए हैं कहीं रखकर...
बेफिकर है हम जो आईना सा किरदार रखते हैंफिकर वो करें जो हजार चेहरे रखते हैं.!!
सुकून अगर पैसों से खरीदा जाता न साहब
तो प्रेम का कोई अस्तित्व ही ना होता…❤️
कितने बीघे बिक गए बेटी को पढ़ाने में,
बेटी ने कपड़े खोल लिए रील बनाने में.....
जो समझ सकें वहीं अपना हैं,बाकी सब सपना है...
ताकत लोगों को जोड़ने से बनती है, उनको खिलाफ़ करने से नहीं....
लोग बेताब थे मिलने को मंदिर के पूजारी से,
हम दुआ लेकर आ गये बाहर बैठे भिखारी से..!
कोई ये कैसे बताए कि वो तन्हा क्यूँ हैवो जो अपना था वही और किसी का क्यूँ हैयही दुनिया है तो फिर ऐसी ये दुनिया क्यूँ हैयही होता है तो आख़िर यही होता क्यूँ है
-कैफ़ी आज़मी
किताबें इस लिए पढ़ो ताकि आप ,लोगों से बहस नहीं तर्क कर सको …
तेरे ख्यालने किसी काहोने ना दिया ,,,,,
और खुशी इसबात की है कितूने खुश कभीरहने ना दिया ,,,,,,
दुख का प्रतीकशायद रोना नहींमौन हो जाना है !!!
बुरे वक्त में कंधें पर रखा हुआ हाथ…कामयाबी पर तालियों से ज्यादा कीमती होता है..!!
लोग पराए की तलाश में,
अपने खो देते हैं...
गिर कर उठना आसान है
कोशिश कर के तो देखो तुम
बिखर गया है जो कुछ भी
एक बार तो उसको समेटो तुम
काम करने वाला मरने से कुछ घंटे पूर्व ही वृद्ध होता है।
~वृंदावनलाल वर्मा
सुन्दरता सस्ती चारित्र महंगा, घडी सस्ती समय महंगा....!!
भगवान आपकी जिंदगी रंगो से भरें..
न की रंग बदलने वालों से...!!!
सबके अपने सत्य हैं,
सबके अपने झूठ।
कोई कहता लाभ इसे,
तो किसी को लगती लूट।
सबके अपने कष्ट हैं,
सबकी अपनी जंग।
कोई कभी टूट जाता है,
कोई हो जाता तंग।
सबकी अपनी मान्यता,
सबका निज विश्वास।
कोई कभी...