तू न थकेगा कभी, तू न रुकेगा कभी, तू न मुड़ेगा कभी, कर शपथ, कर शपथ, कर शपथ, अग्निपथ अग्निपथ अग्निपथ। यह महान दृश्य है, चल रहा मनुष्य है, अश्रु श्वेत रक्त से, लथपथ लथपथ लथपथ, अग्निपथ अग्निपथ अग्निपथ।
अधूरे किस्सों कीलिखावट हमपूर्ति की प्यास मेंतलाशते रहें दर बदर मकामचंद लम्हों की लिखावट के बादहो गया अल्पविरामहोगा ना शायदकुछ किस्सों काकभी भी पूर्णविराम….
आज फिर ग्रह मिले है, आज फिर कायनात ने संदेश भेजा है ,आज फिर उसकी याद आईं है, आज फिर गलतियों पर रोना आया है ,आज फिर …..।।
जिस स्त्री को पूजते रहे कभी दुर्गा कभी काली में,
आज उसकी अस्मत सरेआम नीलाम की है पांचाली में..!!
किसी को रंग लगाने के लिए छूना
पर किसी को छूने के लिए रंग मत लगाना !!!
तुमने मेरी आंख में शाय़द झांक कर नहीं देखातुम मेरे करीब से इतना बचकर निकल गये
जो #तवायफ़ से पूछी वज़ह#जिस्मफरोशी की,
वो बोली #मोहब्बत पे यक़ीन करके#घर से भागी थी..!!
हर बार मेरे सब्र को तुम कुछ इस तरह आंकती हो,
मचल के रह जाता है दिल जब तुम दहलीज़ से झांकती हो..!!
विरक्ति
हर नारी में सीता भी होगी हर पुरुष में राम भी होगाअंतर्मन रखो शुद्ध अपना तुम्हीं में भगवान भी होगा
राजेश गौरी
एक शराब की बोतल दबोच रखी है,
तुजे भुलाने की तरकीब सोच रखी है...
किसी का साथ देना सीखो,धोखा तो आजकल पुरा जमाना दे रहा हैं…
जीवन कटना था, कट गया
अच्छा कटा, बुरा कटा
यह तुम जानो
मैं तो यह समझता हूँ
कपड़ा पुराना एक फटना था, फट गया
जीवन कटना था कट गया।
गोपालदास “नीरज”
संघर्षों की समर भूमि में, हमसे पूछो हम कैसे हैं, कालचक्र के चक्रव्यूह में, हम भी अभिमन्यु जैसे हैं। हरिओम पंवार
ज़मीर हमेशा सच्चाई से महकते रहना चाहिए ,
क्यूंकि कागज़ के फूलों पर तितलियां नहीं बैठा करती!
दफन कर दिया था जो किरदार सुकून कि तलाश में,
आज परछाईं से उसकी सामना हुआ तो रूह कांप गई..!!
बादलों की ओट से सूरज निकलने वाला है ,
सफर जारी रखो वक्त बदलने वाला है ..!!
सुविधाएं अगर हमारी आजादी को गिरवी रख लें,
तो उन सुविधाओं का सुख सहूलियत मात्र नहीं होता,
गुलामी में बदल जाता है।
चित्रा मुग्दल
संविधान केवल एक वकीलों का दस्तावेज नहीं है..
बल्कि यह जीवन का एक माध्यम है....!!
जिनके हिस्से में ये मुकाम आता है,
खुसनसीब होता है वो लोग,
खून जिनका वतन के काम आता है।
🌼 ।। देश के शहीदो को नमन ।। 🌼
!! जय हिन्द जय शहीद !!