World's Best Cow Hospital English जबरदस्ती की नजदीकियों से ,सुकून की दूरी अच्छी । जहाँ तक मुमकिन था मै तुम्हारे पीछे भागा, अब इस से आगे तुम्हारी बदनसीबी है.. जूते घिसकर बनाई गई पहचान और , जूते चाटकर बनाई गई पहचान मे फर्क होता है ... ऐसी सर्दी है कि सूरज भी दुहाई मांगेजो हो परदेस में वो किससे रजाई मांगे ! दरिया आँखों में था फिर भी प्यास रहीज़िन्दगी भर ज़िन्दगी की तलाश रही सम्पूर्ण ब्राम्हाण्ड में जितना कोई और आपके प्रेम और स्नेह के लायक है उतना आप खुद भी है। आईने बेचता था कोई पूछता ना था ,जबसे मुखौटे रख लिए धंधा चमक गया ।। रखें हैं मैंने भी कुछ खत संजो कर उसकी याद में, खुशी से कभी पागल ना हो जाऊं इसलिए पढ़ लेता हूं..!! विरक्ति वो अपने ही होते हैं जो लफ्ज़ों से मार देते हैं ! ज़लील भी करो तो तरीके से, ये तहज़ीब का शहर है….लफ्ज़ याद रखेगा तुम्हारे…!! पिता सी ही महफ़ूज़ जिन हाथों में होती है कलाई नारी के लिए वो शख्स महज़ होता है उनका भाई। पहले तो मोहब्बत से नफरत थी, यहांअब तो दोस्ती से भी नफरत सी हो गईं. सहयोग मुश्किल से मिलता है, और सालाह आसानी से.!! काँच के टुकड़े बनकर बिखर गयी जिंदगी किसी , ने समेटा ही नहीं हाथ जख्मी होने के डर से !! रोने वालों से कहो उनका भी रोना रोएं , जिनको मजबूर हालात ने रोने ना दिया ।। गुलाब ख़्वाब दवा ज़हर जाम क्या-क्या है मैं आ गया हूँ बता इन्तज़ाम क्या-क्या है मैं हूं कि जनवरी से आस लगाए बैठा हूं तुम हों की जून में भी नहीं पिघल रही हों जीवन में ऐसे लोगों को चुने जो आपको, मानसिक रूप से स्वस्थ रख सके। "जिन्हें ईश्वर ने हृदय और परख दी है, वे आदमियों की पोशाक नहीं देखते, उनके गुण और चरित्र देखते हैं।" मुंशी प्रेमचंद आत्मबल को भेदती इस तीक्ष्ण गर्मी में, मानसूनी बारिश की पहली फुहार हो तुम... Prev1…148149150…236Next Concept, Created & Designed by sureshjain.com © copyright 2025. sureshjain.com All Rights Reserved.