शिकवे और शिकायतों में क्या रखा है!वक़्त ही कुछ ऐसा है कि….अपनों ने ही अपनों से दूरी बनाए रखा है।
तेरा चुप रहना मिरे ज़ेहन में क्या बैठ गयाइतनी आवाज़ें तुझे दीं कि गला बैठ गयायूँ नहीं है कि फ़क़त मैं ही उसे चाहता हूँजो भी उस पेड़ की छाँव में गया बैठ गयाइतना मीठा था वो ग़ुस्से भरा लहजा...
बेहद ना हो तो चाहत कैसी
जान पर ना बन आए तो मोहब्बत कैसी...!!
नूर दिखेगा नही चहरे पर
ना होगी चमक आंखों में
एक दफ़ा आईने में देखो खुद को
कितना फरेब छुपा है बातों में
कितना,और कितना बोलोगे झूठ ख़ुदसे...
हो ही नही सकता की खुशी मिलती हो खैरातो में
स्वीकारो तो...
बुद्धिमान लोग हर चीज पर सवाल उठाते हैं,
मूर्खों के पास हर बात का जवाब होता है।
ये गांधी का देश है लेकिनइसी देश में अंग्रेजों ने फूट डाले, शासन किए
जिंदगी बड़ी महंगी चीज हैं,
इसे दो कोड़ी के लोगो पर बर्बाद मत करना…
आप से बिछड़े तो खुद को और बेहतर कर लियाआंख को दरिया कर ना पाये तो दिल को पत्थर कर लिया
कुछ तो राज छुपाएं जातें हैं मोहब्बत में यूं ही
कोई तीसरा अचानक से नहीं आ जाता जिंदगी में
मोहब्बत रंग दे जाती है जब दिल दिल से मिलता हैमगर मुश्किल तो ये है दिल बड़ी मुश्किल से मिलता है
लाइलाज मेरे जख्म का अगर सनम तुझे पता नहीं, आंखों से दे ज़हर इश्क की इससे अच्छी दवा नहीं
सुन्दरता सस्ती चारित्र महंगा, घडी सस्ती समय महंगा....!!
आदमी दुख में काम आना चाहिए,
ख़ुशी में तों हिजड़े भी नाचने आ जाते हैं...
"हुनर" सड़कों पर तमाशा करता है…और "किस्मत" महलों में राज करती है..!!
गैरों की बातें सुनके,
अपनो से उलझा नहीं करते...
सोच ब्रांडेड होनी चाहिए,
ये जूते
ये कपड़े
ये मोबाईल
तो आते जाते रहते हैं…
प्रीत न जाने जात कुजातनींद न जाने टूटी खाट,भूक न जाने बासी भातप्यास न जाने धोबी घाट
सफलता चाहिए तो
खुद को बस में रखो ,दूसरों को नहीं !
आदमी जब थक जाता है
स्त्री को ढूँढता है
आदमी जब ऊब जाता है
स्त्री को ढूँढ़ता है
आदमी जब टूट जाता है
स्त्री को ढूँढता है
इसे दूसरे तरीक़े से कहें तो
थके,
टूटे,
ऊबे हुए आदमी को
सिर्फ़ स्त्रियाँ...
शेर की तरह ज़िन्दगी जियो,
चाहे कर्म करो या कांड करो।