मेरा circle छोटा है क्योंकि, मैं Quantity में नहीं Quality में विश्वास करता हूं।
बड़ा ही मुश्किल है
उस वक्त में मुस्कुराना
जब जिंदगी रुला रही हो
कितना आसान है
सब्र का टूट कर बिखर जाना
जब जिंदगी इम्तहान ले रही हो
चारो तरफ ही नज़रे फैलाते है
की कोई तो उम्मीद बची हो
और उस मझधार से
निकालने के लिए...
हवस की भूख एक ऐसी भूख है जो पेट भरने,
और दिमाग़ ख़ाली होने के बाद लगती है..!!
अनवर चतुर्वेदी
जो जिस अंदाज में समझता है उसे
उसी अंदाज में समझाना चाहिए
तुम्हारी आवाज वो संगीत है, जिसे ताउम्र सुना जा सकता हैं…!!
तेरा ख़ामोशी पर फ़िदा तो हम हैं ही, कुछ कह दो तो शायद फ़ना हो जाएँ
बहुत कम लोग जानते हैं
कि वो बहुत कम जानते हैं
लोगों की सुनोगे तो बिखर जाओगे,भगवान या अल्लाह की सुनोगे तो संवर जाओगे..!!
गिरगिट तो बेवजह बदनाम है,
असली रंग तो अपने बदलते हैं...
अगर कभी वक़्त में उनसे मुलाक़ात होगीसिर्फ़ रस्म निभाने की शायद वो क़वायद होगीहँसी आती है मुझको अब दरमियाँ आयेवजहों पर ,के अब एक अजनबी बन कर पहचान होगी…
सच्चे प्यार करने वाले जिकर नहीं करते
लेकिन फिकर बहुत करते हैं
तुम बेवफाई के उसूलों से वाफिक नहीं शायद ,
बिछड़ने के बाद महबूब की खैरियत नहीं पूछी जाती...
तुम्हारा इंतज़ार बिल्कुल वैसे ही करतीं हूँ, जैसे बचपन में करती थी पापा के दफ़्तर से लौट आने का ..!
राजा बनना है तो शक्ति जुटाओ,
राजा जैसा भाव पैदा करो।
प्रेम में रस्म होती है रूठने की ,
तुम्हें क्यों लगा हमारा झगड़ा हुआ है ।।
कुछ दरमियाँ नहीं हैं तो बेचैनियाँ है क्यों ,
कुछ रिश्ते बेरुखी से भी नहीं टूटा करते ..
सोचता हूँ कि उस की याद आख़िर
अब किसे रात भर जगाती है...
कुछ नहीं बचा मेरे इन दोनो खाली हाथों मेंएक हाथ से किस्मत रूठ गई,और दूसरे हाथ से मोहब्बत छूट गई..🥀
किताबें ऐसी शिक्षक हैं जो बिना कष्ट दिए,
बिना आलोचना किए और बिना परीक्षा लिए हमें शिक्षा देती हैं।
बचपन कि छोटी खुशियां थी, मस्ती, हंसी ठिठौली थी, मिलता अब वो आह्लाद नहीं जो देती आंख मिचौली थी..!!