प्रेम सरल है.. जटिल उसे अपेक्षाएं बना देती हैं..!!
क्या फायदा इतनी बड़ी दुनिया का
जब कोई घुमाने नही ले जा रहा है...
कुछ तो अच्छा लिखा होगा मेरे भी हिस्से में
ख़ुदा सिर्फ जिंदा रहना "जिंदगी थोड़ी है
महँगे जूते अक्सर वही ख़रीदता है,
जिसके भाग्य में चलना कम आता है !!
बस सफर के मज़े लो,मज़िल सबकी मौत है…
मैं राम बनूंगा तुम मेरी मर्यादा बनना..मैं कृष्ण बनूंगा तुम मेरी राधा बनना..
तेरे आने की नही उम्मीद परदेखते हैं आज भी रस्ता तेरा
राजा सोता रहें तो भी ठीक
जनता आवाज भी उठाए तो गुनाह
जलती रही बस्ती नग्न होती रही स्त्रियां
जनता इसे कहें भी क़त्ल तो है सज़ा
राजेश गौरी
मछलियों को लगता था
के जैसे वे तड़पती हैं पानी के लिए
पानी भी उनके लिए
वैसा ही तड़पता होगा।
लेकिन जब खींचा जाता है जाल
तो पानी मछलियों को छोड़कर
जाल के छेदों से निकल भागता है।
पानी मछलियों का देश है
लेकिन मछलियां अपने...
अगर हमे छोड़कर वो खुश है,
तो शिकायत कैसी,
अब हम उन्हें खुशी भी न दे,
तो महोब्बत कैसी...
तुम्हारा हर कहा सुना मैने…मेरा हर कहा तुम अनसुना कर गए…!!
अगर किरदार ऊंचा करना है तो अपना हुनर दिखाओ अपनी औकात नहीं..!!
लड़का अगर बेरोजगार होकर घर बैठ जाए
तो दूसरे ही नहीं अपने भी नफ़रत" करते हैं
बादलों की ओट से सूरज निकलने वाला है ,
सफर जारी रखो वक्त बदलने वाला है ..!!
"मुझे भी सिखा दो वादों से मुकर जाना,
बहुत थक गया हूँ निभाते निभाते".......!!
गम नहीं तुझे पा नहीं सके….खुशी है इश्क हुआ…..तुझसे हुआ , और लाज़वाब हुआ..!!
बरसात गिरी और कानों में इतना कह गई,
गर्मी किसी की भी हो हमेशा नहीं रहती..
"अगर अपनी औकात देखनी है तो ,
अपने बाप के पैसे का इस्तेमाल करना छोड़ दो ।।
मैं दोस्ती में हर एक बढ़ता हाथ चूमता हूं
बस शर्त ये हैं कि बन्दा नमक हराम न हो