सांसें उधार ले के गुज़ारी हैं जिंदगी
हैरान वो भी थी कि मैं मर क्यूं नहीं गया
कौन था जिसे दुःख सुनातेआईने पर सर रखा और रो दिए
सिर्फ़ पोस्ट पढ़ने का ही रिश्ता न रखिए हमसे...
कभी चाय+नाश्ते के लिये भी बुलाया करो हमें..!!
साधारण दिखने वाले लोग ही दुनिया के सबसे अच्छे लोग होते हैं।
अब्राहम लिंकन
मैं क्या बताऊँ कैसी परेशानियों में हूँ
काग़ज़ की एक नाव हूँ और पानियों में हूँ
भारत भूषण पन्त
बहुत सीधा सा परिचय है जिंदगी का,
आसूं सच्चाई हैं और मुस्कुराहट एक नाटक...
मत कर मायूस खुद को बुलन्दी से गिरने के बाद ,
राहे नई भी खुलती है तूफानो के गुजरने के बाद ..!!
ये सोचना ग़लत है कि तुम पर नज़र नहीं,
मसरूफ़ हम बहुत हैं मगर बे-ख़बर नहीं.
आलोक श्रीवास्तव
तुम्हें पाना मेरी मंजिल नहीं है , तुम्हें सारी उम्र खुश देखना मेरा ख्वाब है...
चल जी कर दिखाते हैं…..दिखा कर जीने में क्या मज़ा …..!!!
बेइमानी भी तेरे इश्क़ ने……..सिखाई थी
तूं पहली चीज़ थी जो मैंने मां से छुपाई थी
दो नावों पर सवार था‚
उसकी ज़िन्दगी का सफ़र;
मैंने ख़ुद की ...
मैनें खुद को भी पढ़ कर देखा है..
सिवाये भरोसे और यकीन के कोई खता न था...
कबीर और प्रीति वाला प्यार नही हमें तो ,तुमसे राधा कृष्ण वाला प्यार हुआ है…!!
किताबें पढ़कर " विद्वान " बनना बहुत आसान है, लेकिन " नेक इंसान " बने रहना बेहद मुश्किल।
महँगे जूते अक्सर वही ख़रीदता है,
जिसके भाग्य में चलना कम आता है !!
होंगे दक्षिण, होंगे वामजनता को रोटी से काम
मैं नहीं जानता मेरी लाश को गिद्ध नोचेंगे या दाह संस्कार होगा,
मगर ये जानता हूं मुझे पढ़ने के बाद मोहब्बत का तिरस्कार होगा
अनुभव सच में एक बेहतरीन स्कूल हैं,
बस कम्बख़त फीस बहुत लेता हैं...
हालातों के साज़ परपीड़ा के तार सेवेदना के स्वर लिखूँगा
वक़्त की राह परज़िन्दगी की क़लम सेलम्हों की रफ़्तार लिखूँगा
वैश्या की पीड़ा सेजिस्म के खरीददारों परमैं हवस के बाज़ार लिखूँगा
तन्हाई के साये मेंअन्धेरे की क़लम सेमैं अपना संसार लिखूँगा..