सुना है, घर के कई टुकड़े हो गए।अच्छा! अच्छा! ,बच्चे बड़े हो गए।।
इंसान की ये आदत है ना मिले तो सब्र नही करता
और मिल जाये तो कद्र नही करता..
जमाना वो आ गया है की..
जहर एक देता है जहरीले सभी लगने लगते है..!!
कुछ ग़म और कई उलझनें है
जो दौर है जिम्मेदारियों का तो ख्वाहिशों से भी रंजिशें है.
तेरी एक चाय ने खरीद लिया हमें,बड़ा गुरूर था हमे की हम बिकते नहीं...
पैसों से अमीर होना आम बात है..
दिल से बात होना खास बात है...!!
मतलब के बिना कौन पूछता है किसी कोबगैर रुह के तो घर वाले भी नहीं रखते
मेरे दोस्तों नजर को बदलोतो नजारे बदल जाते हैंसोच को बदलो तोसितारे बदल जाते हैंकश्तियां बदलने कीजरूरत नहीं हैदिशा को बदलो तोकिनारे खुद-
✯||तेरा होना ही सुकून हैं
और तुझे पा लेना जन्नत...||✯ᵈ
✯ᵈ᭄•समंदर...༈
प्रेमिकाओं ने प्रेम में हमेशा ,
अपना भविष्य चुना है , प्रेमी नहीं।
जीवन में चाहे परिस्थितियां कैसी भी रहें,
वो अपनी जिम्मेदारियां बखूबी निभाता है,
और पत्नी के प्रति यदि वफादार है पुरूष,
तो मां बाप के लिये श्रवण कुमार कहलाता है..!!
वो वक्त और था जब दिल से मुस्कुराया करते थे..
अब चेहरे की खुशी का दिल से कोई वास्ता नहीं..!!
सफेद सलवार पे पीली कुर्तीमत पहना करो 😍
मम्मी देखकर बोलती है देख तेरीकढ़ी चावल आ रही.!! 🤓😁
ख़्वाहिशों पर पाबंदी ख़्वाबों पे पहरा है ,
कौन समझेगा दर्द मेरा कितना गहरा है।।
बेनूर हूँ, बेसब्ज हूँ, मशरूफ़ खुद में हूँ
क़ाबिल नहीं मैं, मेरी अक़ीदत न कीजिये
दुनिया बड़ी भुलक्कड़ है केवल उतना ही याद रखती है,
जितने से उसका स्वार्थ सधता है।
हज़ारी प्रसाद द्विवेदी
जब मैं था तब हरि नहीं, अब हरि हैं मैं नाँहिं।
सब अँधियारा मिटि गया, जब दीपक देख्या माँहि॥
शायरी को आज रहने दो ,
मुस्कुराहट की बात करते हैं ।।
बूँद पानी को मेरा शहर तरस जाता है
और बादल है कि दरिया पे बरस जाता है
“मनुष्य का ह्रदय अभिलाषाओं का क्रीडा स्थल और कामनाओं का आवास है”
मुंशी प्रेमचंद