sj_coat_512x512_web

World's Best Cow Hospital

तरस आता है अपने बाप पर, उसे औलाद मुझ जैसी मिली.

तपस्या अगर पार्वती की थी तो प्रतीक्षा शिव की भी रही होगी

महंगाई जैसा इश्क़ है मेरा, कमबख्त बढ़ता ही जा रहा है।

हम जा रहे हैं वहां जहाँ दिल की हो क़दर, बैठे रहो तुम अपनी अदायें लिये हुए।

एक तरफ दुनियाँ चांद पर भी जा रहीं है, दूसरी तरफ जाति से बाहर विवाह नही होता !

न जी भर के देखा न कुछ बात की बड़ी आरज़ू थी मुलाक़ात की

करीबियां किसी और से हैं और इल्जाम है हम पर दूरियां बनाने का...

रफ्फू ना कर इसे ए दर्जी खुदा के लिए की दिल के सुराख से हवा खुश ग्वार आती है

कुछ ख़याल कुछ हक़ीक़त मिलाते हैं हम, ऐसे ही पंक्तियों में ख़ुद को उतारते हैं हम।

गहने, झुमके, कंगन के बिना भी मैं तुम्हें सजा सकता हूं मैं शायर हूं, अपने लफ़्ज़ों से ही तुम्हें दुल्हन बना सकता हूं

एक शख़्स सुकून जैसा,जो कभी मिला ही नहीं।

जलाकर हसरत की राह पर चिराग़ आरजू के , . . हम तन्हा रातों में तेरे मिलने का इंतज़ार करते हैं...!!

जो किताबों में है वो सब का हैतू बता तेरा तजरबा क्या है निदा फ़ाज़ली

शांति वही है जो अंदर से आती है, न कि बाहर से !

अंत में दुश्मनों के कहे शब्द नहीं, दोस्तों की चुप्पी याद रहती है। मार्टिन लूथर

हजारों किताबों को पढ़ो तुम्हारे शब्द नदी की तरह बहेंगे

हमें हार नहीं माननी चाहिए और समस्या को हमें हराने की अनुमति नहीं देनी चाहिए" डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम

निभा न सकेंगे एक भी दिन मेरा किरदार मशवरें जो देते फिरते हैं हज़ार...!!

जीवन जीते जी एक संग्राम है, पहले कुछ करके दिखाना, फिर अहंकार की मिट्टी में उसे दबने से बचाना…

जिसके पास विकल्प हो, वो आपका कभी नहीं हो सकता...


Concept, Created & Designed by sureshjain.com


© copyright 2025. sureshjain.com All Rights Reserved.

Translate »