ऊंची- नीची सोच ना पालो
खुदा ने जो दिया है उसको संभालो
वफ़ा चाहिए तो एक कुत्ता पाल लो,
इंसानों के फितरत में वफ़ा नही रहा , ये मान लो ।।
बारिश के मौसम में सन्नाटे में, एकांत का असली सुख पता चलता है, हम जिस रस में होते हैं उसी में डूब जाते हैं, इसमें भी हल्की ध्वनि में संगीत सुनते हुए मदिरापान का आनंद शेष सभी प्रकार के सुखों...
रास आ जायेगा एक रोज़ तेरा जाना भी ,
हम किसी दुःख में लगातार नहीं रोते हैं ।।
उसके साथ रहो जिनकी तबीयत खराब हो, लेकिन उनके साथ कभी न रहो जिनकी नियत खराब हो..!!
आज फिर जीने की तमन्ना है,आज फिर ' मरने' का इरादा है
हम वहाँ हैं जहाँ से हम को भी
कुछ हमारी ख़बर नहीं आती
तजुर्बे ने एक ही बात सिखाई है ,
नया दर्द ही पुराने दर्द की दवाई है ।।
बल से तो दुसमन न जीते,
छल से दोगले जीते भी तो क्या जीते......
आगे सिर्फ अंधेरा है,इसलिए इस बार अपना वोट सोच समझ कर दें !
अगर कोई हमेशा आपको व्यस्तहोने का दिखावा करता है तो वहव्यस्त नही किसी और के साथ मस्तरहता है, कितना भी याद कर लोकितना भी जता लो एक दिन खुदको ही लगेगा कि अब अपना रास्ताअलग ही सही है सूचना जनहित...
खून का वो आख़िरी क़तरा,
जो वतन की हिफ़ाज़त में गिरे,
दुनिया की सबसे अनमोल चीज़ है
मैं आज भी अपने मुकद्दर से शर्त लगाती हूं...
भरी बरसात में कागज की पतंग उड़ाती हूं...!!
खरीद लूं खुशियां सारी ऐसी इच्छाएं पलती हैं,
ना ख्वाब पूरे होते हैं ना ही तक़दीर बदलती है..!!
चाय कड़क होती है,उनके नरम हाथों की .!!
गलतियाँ ज़रूर माफ कर देनी चाहिए,
पर चालाकियाँ नहीं……..
मंजिल पर सिर्फ तस्वीरें ली जाती हैं, यादें तो सफर में बनती है.....!!
हमें ऐसी शिक्षा चाहिए जिससे चरित्र का निर्माण हो,
मन की शक्ति बढ़े,
बुद्धि का विकास हो
और मनुष्य अपने पैर पर खड़ा हो सके"
स्वामी विवेकानंद
मत कर मायूस खुद को बुलन्दी से गिरने के बाद ,
राहे नई भी खुलती है तूफानो के गुजरने के बाद ..!!