World's Best Cow Hospital English शिकार है मासूमियत गरीबी की, फिर भी चेहरे पर मुस्कान है, रूपयों का मोह नहीं उसे, बस दो निवाले में बसती उसकी जान है ख्वाहिशों ने जब भी कोशिश की उड़ने की, परिस्थितियों ने "पैरों" में बेड़ियां डाल दिया..!! विरक्ति थक चुका हूं इन पुराने अल्फ़ाज़ों से खेलते खेलते, तुम मेरे दिल से खेल कर एक नया शब्दकोश उपहार कर दो..!! तेरी फ़ोटो को देख के क्रेजी बन गए, तेरे fan थे पहले अब AC बन गए तुम जिसे प्रेम करते हो अगर उसको पूजने का भाव मन में ना उठता हो तो समझ लेना कि तुम्हारा प्रेम प्रेम नहीं सिर्फ आकर्षण है। ओशो किसी की निंदा करने से यह पता चलता हैं, की आपका चरित्र क्या हैं ना की उस व्यक्ति का. फरक नहीं पड़ता दुनिया क्या सोचती है,मैं अच्छा हूँ ये मेरी माँ कहती है ! एक दिल है और तूफ़ान-ए-हवादिस ऐ 'जिगर'एक शीशा है कि हर पत्थर से टकराता हूँ मैं इंसान की ये आदत है ना मिले तो सब्र नही करता और मिल जाये तो कद्र नही करता.. इंसान तो हर घर में पैदा होते हैं, बस इंसानियत कहीं कहीं जन्म लेती है.... जली को आग कहते हैं,बुझी को राख कहते हैं।और जो अंधभक्तों के पास नहीं हैउसे दिमाग कहते हैं सादगी पर ज्ञान सभी देते हैं, मगर मरते सब चेहरे पर ही हैं..…!! कुदरत को गहराई से देखो,आपको सब कुछ साफ-साफ समझ आएगा ! हम अपनी कहानी के लेखक खुद है .. जब मन करेगा तब चैप्टर बदल देगे...!! मैं जा रही हूँ – उसने कहाजाओ – मैंने उत्तर दियायह जानते हुए कि जानाहिंदी की सबसे खौफनाक क्रिया है। ~ केदारनाथ सिंह गरीबी पर शायरी लिखने बैठा था , कमबख्त कलम ही रो पडी।। ज्यादा Available होने से भी, इंसान की Value घट जाया करती हैं... अनुभव उम्र से नहीं,परिस्थितियों का सामना करने से आता हैं… खुशियां खत्म हो चुकी मेरे जीवन से, मैं अवसादों का रहगुजर हूं, और जिसे कोई नहीं तराश सकता, मैं वो मानव निर्मित पत्थर हूं.. जब तक मन में खोट और दिल में पाप है ! तब तक बेकार सारे मंत्र और जाप है ! Prev1…142143144…236Next Concept, Created & Designed by sureshjain.com © copyright 2025. sureshjain.com All Rights Reserved.