रहने को सदा दहर में आता नहीं कोईतुम जैसे गए ऐसे भी जाता नहीं कोई
~ कैफ़ी आजमी
काफ़िर हूँ सर-फिरा हूँ मुझे मार दीजिए
मैं सोचने लगा हूँ मुझे मार दीजिए
है एहतिराम-ए-हज़रत-ए-इंसान मेरा दीन
बे-दीन हो गया हूँ मुझे मार दीजिए
मैं पूछने लगा हूँ सबब अपने क़त्ल का
मैं हद से बढ़ गया हूँ मुझे मार दीजिए
करता हूँ अहल-ए-जुब्बा-ओ-दस्तार से...
ये गर्मी भी बिल्कुल तुम्हारे ही जैसी है……आजकल सुबह भी तुम्हारे जैसी है,थोड़ी तपिश तो थोड़ी चमक सी है,और सुबह के बाद शाम का इंतजारबिल्कुल तुम्हारे इंतजार के जैसा बेसब्री सा
दुनिया को आग लगाने की कोई जरुरत नहीं
तुम मेरे साथ चलो दुनिया तो वैसे ही जल जायेगी
मोहब्बत आपके दिल से हो गई एकराहत थी अब खुदा की रहमत हो गई !
ये इश्क़ नहीं आसां इतना ही समझ लीजे
इक आग का दरिया है और डूब के जाना है
जिगर मुरादाबादी
मेरी आस्तीन में ऐसे सांपों का बसेरा है, मेरे मुंह पर मेरा है 'तेरे मुंह पर तेरा है !!
ये जो तुम लोग बिना बॉयफ्रेंड बाली लड़की ढूंढ रहे हो न ...? शास्त्रों में इसे पत्थर में से तेल निकालना कहा गया हैं
खामखां मैने गहराई पसंद कर ली,
कोई उतरा ही नहीं मेरी सोच तक ।
किसी को अपना बनाना हुनर ही सही
लेकिन किसी का बन के रहना कमाल है.
होंगे तुम्हारे शहर में तुम्हारी खूबसूरती के चर्चे ,
हमारे गांव में तो हमारी सादगी मशहूर है...
हमको जज़्बात का इज़हार ना करना आया
प्यार करते रहे इक़रार ना करना आया
किस्मत का नहीं साहबसब मेहनत का खेल है!!
तुम छा गए हो कोहरे की तरह मेरे चारों तरफ
ना कोई दूसरा दिखता है ना देखने की चाहत हैं..!!
गुलाब देना आसान होता है,
मगर समय देना मुश्किल....
Perfect नहीं Permanent होना चाहिए
चाहे वो Relationship हो या Friendship....!!
न्याय और नीति सब लक्ष्मी के ही खिलौने हैं।
इन्हें वह जैसे चाहती हैं, नचाती हैं।
किसको सुनाऊं मैं अपनी दर्द भरी दस्ताकोई मुह बना लेती है,तो कोई भाई
रोक कर बैठे है ज़िंदगी को
तुम आओ तो जिना शुरू करेंगे..
हम खुद को बेच भी देते तो कम पड़ता, उसके खुशियों की कीमत इतनी ज्यादा थी