डूबी है मेरी उंगलियां मेरे ही खून मैं,ये काँच के टुकड़ो पर भरोसे की सजा है !!
रात भर ज़हर बनाता है।सुबह से फैलाता है
मैं अपने आप को निराश नहीं होने दूंगा
हार की हर दीवार तोड़ूँगा “मैं”और…!!
ज़ोरदार तरीक़े से ही पलटूँगा बार बार हर बार मैं..
स्वार्थ की बदबू मारने वाले मतलबी लोग…..
मतलब होने पर चंदन सी सुग़न्धित बातें करते है !!!
खुश रहने के लिये जिंदगी में खुद के स्थिति क्षमता देख कर ही फैसले लेने चाहियेलोगों को खुश करने या दिखाने के लिये गये फैसले हमेशा दुख के कारण बनते हैं
सबको लगता है खुश हूं मैसब के सब धोखे मे है…
जिंदगी की रफ्तार उतनी ही रखना ,,कि गैर आगे सही मगर दोस्त पीछे ना रहे..
ख्वाब कुछ तुमने तोड़ दिए ,
बाकी मैंने देखने छोड़ दिए ..!!
अच्छे हमसफर का साथ इंसान कोमुश्किल रास्ते में भी थकने नही देता ..!!
बेहद ख्याल रखा करो तुम अपना,मेरी आम सी जिंदगी में बहुत खास हो तुम ..!!
दहेज की आग मेंजिंदा जला कर मारी गईअधिकतर मासूम लड़कियों कोबचाया जा सकता थायदिपिता ने बेटियों कोसोने के आभूषणों के स्थान परघर लौटने काकेवल एक अकेला अधिकार दिया होता।
एक ही चाहिए लेकिन परमानेंट चाहिए,
जिसे परेशान भी में करूं और प्यार भी करूं…!!
ख़ैर अच्छा तो कुछ नहीं , पर जो हैं सही हैं ...
मेरे बस में नहीं हैं खुले आसमान में उड़ना ,इसलिए मैंने अपने पिंजड़े को ही अपनी दुनिया मान लिया हैं ..
तू जीतकर भी रो पड़ेगा,
हम तुझसे कुछ इस तरह से हारेंगे।
शाम से आँख में नमी सी हैआज फिर आप की कमी सी है
~गुलज़ार
इंसान की ख्वाहिशों की कोई इंतेहा नहीं,
दो जलेबी भी चाहिए चार समोसे के बाद
पिता तारीफ व्यक्त करते हैं सिर्फ ' मुस्कुराहट ' से, शब्दों से उनका कहाँ नाता है ?? ~ सेजल
"तुम कर लो नजरंदाज अपने हिसाब से""हम तो इश्क़ मोहब्बत बेहिसाब करेंगे"
प्रीत के पंछी हो,तड़पने से डरते हो?जब बारिश में निकले हो ,तो भीगने से क्यों डरते हो?
_अर्चना शर्मा