मजलूमों के हक़ के लिए लड़ने का जज़्बा और बुलंद हो,
यह साल आपके संघर्षों को और पैना करे !
मुल्क में अमन लाए,
बदलाव लाए !
लोग खुद पर ध्यान नहीं देंगेलेकिन दूसरों को ज्ञान जरुर देंगे….!
जो वक्त नहीं दे सकता..
वो साथ कैसे देगा..!!
जीवन में कभी मौका मिले
तो सारथी बनना, स्वार्थी नहीं !
हर स्त्री कुछ हद तक शिव के जैसी होती है,
क़तरा-क़तरा विष जीवनभर पिया करती है…
कुछ ख़याल कुछ हक़ीक़त मिलाते हैं हम,
ऐसे ही पंक्तियों में ख़ुद को उतारते हैं हम।
मैंने तमाम बुरे लम्हात अकेले गुजारे हैं मैं किसी का शुक्र गुज़ार नहीं हूं!
धागे बहुत कमज़ोर चुन लेते हैं हम,
और फिर सारी उम्र गाठ बांधने में गुज़र जाती है...
हिचकियां आती है तो पानी पी लेता हुअब वो वहम छोड़ दिया की कोई याद करता है
तुम्हारा "तुम" कह कर रोज़ झगड़ना,
तुम्हारा "आप" कह कर बिछड़ने से अच्छा था...!!
हालात कह रहे है अब वो याद नही करेंगेओर उम्मीद कह रही है थोड़ा और इंतजार करेंगे
होशियारी नोच लेगी सारे ख्वाब,लुत्फ जो भी है नादानी में है...
बिलकुल! चलिए जारी रखें। जहां निर्मलता की किरण हर कदम दिखाए।
दुनिया जो कठिनाईयों से भरी हो सकती है, हम निर्मलता को पकड़ेंगे, एकमात्र अद्भुत वस्त्र।
चमकती हुई आँखों के साथ हम...
तोहार पाँच किलो राशन मुँह पे फेंक देवे के..!साहेब आवे द इलेक्शन तोहके देख लेवे के..!
मूर्ख से बहस करना गाल पर बैठे मच्छर को मारने जैसा है,
मच्छर मरे या ना मरे पर आपको थप्पड़ ज़रूर लगेगा।
कंपटीशन इतना बढ़ गया है
कि अगर हम किसी को अपना दुःख बताते हैं
तो वो हमसे ज्यादा बताने लगता है।।
दुख का प्रतीकशायद रोना नहींमौन हो जाना है !!!
बहुत थे मेरे भी इस दुनिया में अपने,
फिर हुआ इश्क़ और हम लावारिस हो गए ..!!
लड़ाई का उद्देश्य जीत होता है। संरक्षण में कोई संभव जीत नहीं होती।
बदलना है तो अब हालात बदलो
ऐसे नाम बदलने से क्या होता है?
देना है तो युवाओं को रोजगार दो
सबको बेरोजगार करके क्या होता है?
दिल को थोड़ा बड़ा करके देखो
लोगों को मारने से क्या होता है?
कुछ कर नहीं सकते तो कुर्सी...
माथे पर बिंदी.आंखों पर हया.हायक्या खूबसूरत बला है तेरी हर इक अदा…