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World's Best Cow Hospital

ऐसे माहौल में दवा क्या है , दुआ क्या है जहां कातिल खुद ही पूछे हुआ क्या है!

जिन पेड़ो ने पतझड़ सहे हैं, बसंत भी उन्हीं पेड़ो पर आता है....

मृत्यु एक घटना हैवो सिर्फ बर्फ की तरहसुन्न कर देती हैपीड़ा बाद में आती हैकाल की तपन मेंपिघलती हुई !!

सर कुचलने का भी हुनर रखती हूँ; नगिन के डर से जंगल नही छोड़ा करती मैं !!

ठाकुर का कुँवा, ठाकुर का खेत ठाकुर की हवेली अब नहीं चलेगा....

कुछ हंस कर बोल दो, कुछ हंस कर टाल दो, परेशानियां तो बहुत है, कुछ वक़्त पर डाल दो।

रिश्ते नातों के बिना ये जिंदगी वैसी हैजैसे लकवे से ग्रसित शरीर सुन्न पड़ी है॥

ख़तरे में है अब अपने क़बीले की आबरू , जो मुखबिरों में थे अब वही सरदार हो गए हैं

ये तुम्हारी यादें भी चैन नहीं लेते देतींदेखो सुबह से मज़दूरी पर लगा रखा है..!

नियम के बिना और अभिमान के साथ किया गया तप व्यर्थ ही होता है। वेदव्यास

ज़रूरतें तो फिर भी मान जातीं हैं भूख के पास मगर होता नहीं दिमाग़

ईश्वर जिन्हें खून के रिश्ते में बांधना भूल जाता है... उन्हें दोस्त बना देता है.

भस्म तेरा श्रृंगार प्रभु, तू मेरा पहला–आखिरी प्यार प्रभु,सबके लिए महादेव है तू…पर मेरे लिए संसार प्रभु.

वह झूठ बोल रहा था बड़े सलिके से ,,मैं ऐतबार न करता तो क्या करता..!!

कैसे करूं खुद को तेरे काबिल ए - जिंदगी, मैं जब आदतें बदलता तू सर्ते बदल देती हैं।।

जैसे जैसे उम्र गुजरती है हमें अहसास होता है कि माता पिता हर चीज़ के बारे में सही कहते थे!

मेरा मुझ में कुछ नहीं, जो कुछ है सो तेरा। तेरा तुझकौं सौंपता, क्या लागै है मेरा॥

तेरे लौटने के इंतेजार में,तेरी यादों से मोहब्ब्त हो गई….

तेरे मन को न भाया तो क्या करोगे, में याद ही ना आया तो क्या करोगे; ये किस्सा वो नग्मे वो आए हुए खत, में इन कहानी में ना समाया तो क्या करोगे_।।

चिंतन से ही परिणाम को बदल सकते हैं… चिंता से नहीं !!!


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