मैं सिगरेट तो नहीं पीतामगर हर आने वाले से पूछ लेता हूँ कि 'माचिस है?'बहुत कुछ है जिसे मैं फूँक देना चाहता हूँ!
सबसे ख़तरनाक होता है
मुर्दा शांति से भर जाना
न होना तड़प का सब सहन कर जाना
घर से निकलना काम पर
और काम से लौटकर घर जाना
सबसे ख़तरनाक होता है
हमारे सपनों का मर जाना
सबसे ख़तरनाक वह घड़ी होती है
आपकी कलाई पर चलती हुई...
अगर सोने का हिरण चाहेगी सीता
तो बिछड़ जायेंगे उसे राम ये तय है
चौदह वर्ष वनवास रहा
एक एक रात कटी रोते रोते
तब जाकर बार समझ में आई
सोने के हिरण नही होते
कुछ नहीं था बेचने को ,अपने दिल के ख्वाब बेचे हैं...
ये तेरा हक़ है कि तुझे गौर से देखा जाए ,
कि क़भी मिलो मुझे ये फर्ज़ अदा करना है ।।
की महोब्बत की हथेली पर जुनून का जाम रख दूंगा ,
अगर बेटी हुई मेरी तुम्हारा नाम रख दूंगा...
सच्चे प्यार करने वाले जिकर नहीं करते
लेकिन फिकर बहुत करते हैं
जो जवाब वक्त पर नहीं मिलते,
अक्सर वो अपने मायने खो देते हैं।
तुम से नाराज़गी नहीं कोई ,हम ख़फ़ा हो गये हैं अब खुद से ।
✯||मजबूत रिश्ते और
कड़क चाय धीरे धीरे ही बनते हैं...||✯ᵈ
✯ᵈ᭄•समंदर...༈
मां ममता की मूरत बन गयी,पिता संघर्ष के प्रतीक रह गए।चोट लगी तो मां के अश्रुधार बहे,पिता मौन में दुःख को सह गए।।
कुछ लोग हमारी जिन्दगी में सिर्फ,
भरोसा तोड़ने के लिए आते हैं....
हम दोनों धोखा खा गए हैं..मैंने तुम्हें औरों से अलग समझा, और तुमने मुझे औरों जैसा समझा..!!
कौन देता है रास्ता किसी को..
मैं भी ख़ुद को कुचल के आगे बढ़ा..!!
जो खुश नहीं होना चाहते उन्हें कोई खुश नहीं कर सकता और जो खुश रहने का हुनर जानते हैं उन्हें कोई खुश रहने से नहीं रोक सकता !!!
तीर खाने की हवस है तो जिगर पैदा करसरफ़रोशी की तमन्ना है तो सर पैदा कर
~अमीर मीनाई
मैं और मेरा रेड कार्पेट
अक्सर ये बातें करते हैं
तू होता तो ऐसा होता
तू होता तो वैसा होता
तू बीच की रेत पे बिछता, तू गार्डन में फैला होता
तू समंदर के तल पे लेटकर मेरी ईगो सहला...
तूफानों से आँख मिलाओ सैलाबों पे वार करोमल्लाहों का चक्कर छोड़ो तैर के दरिया पार करो
~ डॉ. राहत इंदौरी
अपनी पीड़ा के लिए
संसार को दोष मत दो
अपने मन को समझाओ
तुम्हारे मन का परिवर्तन ही
तुम्हारे दुखों का अंत है !
टूटे ख़्वाब टूटी उम्मीदें
अक्सर दर्द बड़ा देतीं हैं
ज़ख्म नज़र नहीं आता मगर
दिल चीर के रख देतीं हैं