अभी हम उठे ही कहाँ जो तूफ़ान देखेगा
इक दिन झुक के हमें आसमान देखेगा
अम्बष्ठ
ये दो शब्द जीवन को नष्ट कर देते है..पहला "अहम" और दूसरा "वहम"…!!
लौट कर नहीं मिलूंगा दुबारा जरा ,
सोच समझ कर खोना मुझे ..!!
आज नही तो कल किया है... स्त्री ने मर्द के साथ हमेशा छल किया है...
मेरा मोहब्बत मेरा तजुर्बा हैअमीर होना और हसीन होनादोनो ही लाजिम है ,वरना आपकी मोहब्बतआपके मुंह पे मार दी जाएगी
जब प्रतिष्ठा बढ़ेगी तो निंदा का टैक्स तो चुकाना ही पड़ेगा...
निंदा से ना घबराएँ ये तो प्रगति की निशानी है...
बिना किताबों की जो पढ़ाई,
सीखी जाती है उसे जिंदगी कहते हैं..!!
अहंकार का बस इतना ही सच है
दिल से जुड़े रिश्ते भी खा जाता है।
किताबें इस लिए पढ़ो ताकि आप,
लोगों से बहस नहीं तर्क कर सको...
एक वक्त था जब जिंदगी जीने का शौक था, एक वक्त ये है सोचते है.... कट जाये तो इतना ही बहुत है..!!
पानी से पानी मिले, मिले कीच से कीच।
ज्ञानी से ज्ञानी मिले, मिले नीच से नीच।
वेशक प्यार तुमने किया था हमने तो सिर्फ़ परवाह की थीवेशक मोहब्बत तुमने की थी हमने तो सिर्फ़ मन्नत की थीवेशक इश्क तुमने किया था हमने तो सिर्फ़ इबादत की थीवेशक ख्वाब तुमने दिखाया था हमने तो सिर्फ़ कोशिश की...
बड़बोले देश बचाने में लगे हैं।
बड़बोले यह नहीं बोलते कि
अगर इस देश को बचाना है
तो उन बातों को भी बताना होगा
जिनपर कभी बात नहीं की गई
जैसे मुट्ठी भर आक्रमणकारियों से
कैसे हारता रहा है ये
तैंतीस...
ऐ बारिश जरा थम के बरस
जब मेरा यार आ जायें तो जम के बरस🌧️
पहले ना बरस कि वो आ ना सके
फिर इतना बरस की वो जा ना सके 🌧️
मुसाफिर
रोज इक ताजा शेर कहाँ तक लिखूं तेरे लिए,
तुझमें तो रोज ही एक नई बात हुआ करती है !!
वाणी की मिठास अन्दर के भेद नहीं खोलती,
मोर को सुन कर कौन कह सकता है कि वह साँप खाता होगा।
अज्ञात
मजबूरिया तुम पर आई
और तन्हा हम हो गए
ज़िंदगी बेहतर बनाने में ज़िंदगी को ही वक्त नहीं दे रहे है। कल की परेशानी के चलते आज को जी नहीं पा रहे है I
कुछ भी तो नहीं बदला है यार इतने सालों मे,
वो हसीन थी वो हसीन है वो हसीन ही रहेगी..❤️🌻
बस्ती नहीं सूरत अब किसी और की आंखों में,
काश कि तुम्हें इतना गौर से ना देखा होता