World's Best Cow Hospital

नीरज से बढ़ के और धनी कौन है यहाँउस के हृदय में पीर है सारे जहान की

तुम्हरा शक का बोझ इक दिन इश्क़ की नैय्या डुबो देगी.....!!

कुछ कश्तियाँ डूबी है, अपने सूराखों की वजह से भी, यूँ हर बार इल्ज़ाम,, तूफानों पर न लगाया करो !

जब तक इंसान मजबूत नही होता,तब तक इंसान मजबूत नहीं होता ।

मोहब्बत कोई नौकरी नहीं जो फ़र्ज़ की तरह निभाई जाए,इबादत हैं, मंदिर के बाहर भी निभती रहती हैं !

बातों बातों में माँ ने फिर पूछा है ,बेटा, क्या छुट्टी बढ़वाई जा सकती है?

सच्ची महोब्बत,एक औरत का……...बचपन लौटा देती है……….!!!!!

छोड़ने वाले छोड़ जाते है मुक़ाम कोई भी हो,निभाने वाले निभा जाते है हालात कोई भी हो

चुपके से भेजा था गुलाब उसे...खुशबु ने पूरे मोहल्ले मे शोर मचा दिया...

हिसाब भरी ज़िन्दगी को बेहिसाब जिया जाए , महीना सावन का आ गया है महादेव से इश्क किया जाए ..!!

क़त्ल हुआ हमारा इस तरह किश्तों में..!!कभी ख़ंजर बदल गए कभी क़ातिल बदल गए.!!

प्यार की बातें करके, बस हवस मिटाते हैं लोग...

तुम्हें याद करके सोने की आदत थीआज तुम्हें याद करके रोने की आदत हो गई

हम वो खामोश समंदर है.. जिसके पहलू में तूफान पलते है..!!

रूठ जाने कि सदी गुज़र गई.. अब नज़र अंदाज़ करने का ज़माना है..!!

चुप हैं किसी सब्र से तो पत्थर न समझ हमें, दिल पे असर हुआ है तेरी बात-बात का...

तू समझा नहीं जिंदगी का मकसद,तू उलझा रहा लोगों की गलती ढूंढने में.

मैं तुम्हरे साथ हूं कहने में और,रहने में बहुत फर्क होता है!

वो ख़्वाब रात काचाय साँझ कीबारिश की बूंदें रूमानीवही समां पुरानाधड़कनों से बतियानाबदला नहीं है कुछ भीवही मिज़ाज़ आशिकानाचलो निभाते हैं हम तुमवही पुराना याराना लेकर चुस्कियाँ चाय कीकरेंगे गुफ्तगू शायराना

धीरे-धीरे हर चीज बेवकूफ लगेगी... जन्म, प्रेम, जिंदगी और आखिरी बेवकूफ़ी मृत्यु। सुसिल ग़ाफ़िल


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