किताबें हमें रोटी नहीं देतीं लेकिन यह बताती ज़रूर हैंकि हमारे हिस्से की…….रोटी कौन खा रहा है !!
ए इश्क़ मुझे अब और जख्म चाहिए,
मेरी शायरी में अब वो बात नही….!!
मन खराब हो तो भी शब्द
खराब नही बोलने चाहिए..!!
मेरे शब्दों का ज़िम्मेदार हूं
मैं, आपकी सोच का नहीं
आँख के अंधे को दुनिया नहीं दिखती,
काम के अंधे को विवेक नहीं दिखता,
मद के अंधे को अपने से श्रेष्ठ नहीं दिखता,
और स्वार्थी को कहीं भी दोष नहीं दिखता।
चाणक्य
मर्द की जेब में जब छेद हो जाता है ,
तो सिक्को से पहले रिश्ते गिर जाते है ...
फिर एक दिन वो लोग भी सो जाते हैं,
जिनको रातों में नींद नहीं आती....
ईश्वर किसी का नहीं,
अपितु सर्वत्र ईश्वर का है !
बाज के हौसले में फर्क है,वरना उड़ान कौवे भी भरते हैं।
जान जाने के बाद शरीर श्मशान में जलता हैतेरे जानेके बाद तो में बिन अग्निको जलता हु
जिनके ऊपर जिम्मेदारियों का बोझ होता है
उनके पास रुठने और टूटने का वक्त नहीं होता..
"मर्यादाओं" के सारे द्वार तब शर्मशार हो जाते हैं,
जब "दुशासन" जैसे महानीच अस्मत को ढाल बनाते हैं,
और वो महिमा थी द्वापर की, जो लाज बची थी "द्रौपदी" की,
अब कौरव निर्वस्त्र भी कर दें तब भी "कृष्ण" नहीं आते हैं..!!
विरक्ति
अरे नफरत नहीं थी मुझे इश्क़ से, हम भी कभी मुरीद थे उसके,
जब देखा उसे गैर कि बाहों में तब जाना सिर्फ मरीज़ थे उसके..!!
अगर दूसरों की मदद करते समय दिल में,खुशी हो तो वही सेवा है बाकी सब दिखावा है…
"खोना" हमारे जीवन की एक ख़ौफ़नाक क्रिया है,
और मैं क्रिया से बहुत डरता हूँ…!!
चहेरा काला हो तो Powder लगाते है
ओर हरकते काली हो तो Password......!!
अजनबी
रात आएगी तो घर जाएँगे
लाख सिमटे हों बिखर जाएँगे
"मेरे खेत की मिट्टी से पलता है तेरे शहर का पेट
मेरा नादान गांव अब भी उलझा है किश्तों में"
जैसे-जैसे आप उतार-चढ़ाव देखते हैं,
याद रखें कि चुनौतियाँ आगे बढ़ने के अवसर हैं।
वे आपके लचीलेपन, आपके चरित्र का परीक्षण करते हैं,
और आपको अपने एक मजबूत संस्करण में आकार देता है।
जब आगे का रास्ता अनिश्चित लगे,
अपने विचारों को एकत्रित करने के...
लाज़मी है उसका मुझे यूँ भूल जाना ऐ यार ! हमने कहा था उससे 'बुरे लोगों को भूल जाया करो'...