जिंदगी में रिश्ते खराब होने की एक वजह ये भी है,कि लोग जरा सा झुकना पसंद नहीं करते !!
ख़ुद के साथ समयबिताने में मज़ा आने लगेतो समझ जानापरिपक्व होने लगे हो
इंसान को उसकी नासमझी कम
बल्कि ज़रूरत से ज़्यादा चालाकी ले डूबती है !!!
इलज़ाम आखिर हमारे सर ही आया ,
हम चुप रहकर भी बदनाम हो गए ..!!
मजबूरिया तुम पर आई
और तन्हा हम हो गए
जब अपनी अहमियत ख़ुद बतानी पड़े...
तो समझ लो..
अब तुम्हारी अहमियत नहीं रही !!!
शोहरत की बुलंदी भी पल भर का तमाशा है जिस डाल पे बैठे हो वो टूट भी सकती है
जुबां पर भीख रहती है हलक पर चीख रहती है,
ना पैदा हो कभी बेटी हैवानों कि सीख रहती है..!!
विरक्ति
जब बात जरूरत की हो,
तब लहज़े सबके मीठे हो जाते हैं....
व्यक्ति में इतनी ताक़त हमेशा होनी चाहिएकी अपने दुःख अपने संघर्षो से अकेला जूझ सके
खुद को अच्छा बना लीजिए,
दुनियां से एक बुरा इंसान कम हो जायेगा....
काश हमारे प्यार की नैया भी कबूतर पार लगाता,
तुम्हारा पैगाम अपने पैरो से मुझ तक पहुंचाता,
ख्वाब सात जन्मो के हम भी देख लेते तुम्हारे साथ,
अगर मुकद्दर को होता मंजूर तो तुमसे मिलवाता,
और हम भी महका देते कमरे को गुलाब के...
कभी कभी बहुत बुरा लगता है,
नहीं....अपने लिए नहीं.... तुम्हारे लिए...!
हम नफरत भी हैसियत देखकर करते है,प्यार तो दूर की बात है !!!
दर्द में मुस्कुराओ,
क्योंकि दर्द में लोग अक्सर मजाक उड़ाते हैं...!!
मेरे मसले अलग है दुनियां से मैं सबसे ज्यादा अपने में ही उलझी हूं
बेरोजगार पुरुष, विधवा स्त्री गरीब पिता और, एक तरफा आशिक का दर्द कोई नहीं समझ सकता..
ज़िन्दगी ने दिए हैं बहुत से धोखे,
बट कोई बात नहीं...इट्स ओके.
उसे सिर्फ़ बातें करनी थीं...!!
और मैं मोहब्बत कर बैठा...!!!