World's Best Cow Hospital

अब शहर भर जाते हैं, और लाइफ खाली हो जाती है। अनघ शर्मा

मैं तुम्हारे मिज़ाज के मुताबिक नहीं हूँ, हाँ कड़वा ज़रूर हूँ मगर मुनाफिक नहीं हूँ..

शुरू-शुरू में सब यही चाहते हैंकि सब कुछ शुरू से शुरू होलेकिन अंत तक पहुँचते-पहुँचते हिम्मत हार जाते हैंहमें कोई दिलचस्पी नहीं रहतीकि वह सब कैसे समाप्त होता हैजो इतनी धूमधाम से शुरू हुआ थाहमारे चाहने पर। ~ कुँवर नारायण

इश्क की सुई से जहर रगो में उतारा गया हैमें भी हसमुख था मुझे जहरीला बनया गया है

हम भी बहुत अजीब है,इतने अजीब है कि बस,खुद को तबाह कर लिया,और मलाल भी नहीं हमें..!!

चार दिन भी कोई दूसरा निभा नहीं सकता, जो किरदार पापा जिंदगी भर निभाते हैं!!

हमें भी नींद आ जाएगी हम भी सो ही जाएँगेअभी कुछ बे-क़रारी है सितारो तुम तो सो जाओ ~ क़तील शिफ़ाई

सबको जानने की कोशिश मेंमैंने खुद को खुद से अपरिचित देखा है ~पूजा लोधी

पानी और चरित्र कितना भी साफ क्यों ना हो, लोग इन्हें मैला करने में कोई कमी नहीं छोड़ते....!!

फरक नहीं पड़ता दुनिया क्या सोचती है,मैं अच्छा हूँ ये मेरी माँ कहती है !

कहां से लायी हो इतनी खूबसूरत आंखें…सारे जहां की खूबसूरती समेटे हुए..कौन कहता है कि छोटे कपड़ों में ही सुंदर दिखा जा सकता है.. मर्यादा , संस्कारों में रहकर पूरे कपड़ों में भी सिर्फ आंखों से ही चांद सी खूबसूरत...

कभी कभी ऐसा क्यों लगता है तू मेरा होकर भी जुदा सा क्यों लगता है ?माना तेरी भी कुछ मजबूरिया है पर ये तों बता ये जो तेरी हर आहट का इंतजार करता है ये शक्श आखिर तेरा क्या लगता...

बहुत संभाल के हमनें रखे थे पाँव मगर , जहा थे जख़्म वही चोट बार - बार लगी ।।

घर के मुखिया को सच्चा और ईमानदार होना चाहिये। झूठा फ़रेबी और जुमलेबाज नहीं !

जो #तवायफ़ से पूछी वज़ह#जिस्मफरोशी की, वो बोली #मोहब्बत पे यक़ीन करके#घर से भागी थी..!!

आगाह अपनी मौत से कोई बशर नहीं सामान सौ वर्ष का है पल की किसी को खबर नहीं!

सूरज जैसा बनना है तोसूरज जितना जलना होगानदियों सा आदर पाना है तोपर्वत छोड़ निकलना होगा...

देख तेरे "इंतज़ार" में आंखों ने "लहू" छोड़ा है, "दुनिया" समझती है रगड़ने से "लाल" हुई हैं..!! विरक्ति

हम महानता के सबसे करीब तब आते हैं जब हम विनम्रता में महान होते हैं। रबीन्द्रनाथ टैगोर

सब चीज़ बिकाऊ है यहाँ ,इंसाफ से लेकर इंसान तक !!


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