त्रुटियों के बीच में से ही सम्पूर्ण सत्य को ढूंढा जा सकता है।
सिगमंड फ्रायड
आदत जैसे हो मेरे, ना भूलने वाले जज्बात तूहर गम में मरहम, मेरा हमदर्द, मेरा आराम तू
अगर तुम कहो तो मैं खुद को भुला दूं,तुम्हे भूल जाने की ताकत नही है.
सबके अपने सत्य हैं,सबके अपने झूठ।कोई कहता लाभ इसे,तो किसी को लगती लूट।
जिसमें ‘मैं’ का फ़ायदा,‘मैं’ का है नुक़सान।‘मैं’ का बढ़ता मान देखकर,‘मैं’ की जलती जान॥ 💐
उनको हमारी याद ना आयेतो कोई बात नहीं
हम जरा सा भूल जाये तो खफा हो जाते हैं
अब तो इस राह से वो शख़्स गुज़रता भी नहीं
अब किस उम्मीद पे दरवाज़े से झाँके कोई
परवीन शाकिर
हर जगह इत्र हीं नहीं महका करते..!!
कभी-कभी शखिसयत भी खुशबू दे जाती हैं..!!
हमें हार नहीं माननी चाहिए और समस्या को हमें हराने की अनुमति नहीं देनी चाहिए"
डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम
घर छोड़ा नादानी में बीवी छोड़ी जवानी में, देश बेचा बुढ़ापे में भक्त खुश हैं गुलामी में !
किताबों में झुके हुये सर…
ज़िन्दगी भर उठे रहते हैं।।
कोई तो बहाना बनाओइक मुलाकात का_!!
हमारी खामोशी को हरगिज बुझदिली ना समझा जाये,,,अभी हम तेरे जुल्म और अपने सब्र की इंतहा देख रहे है,,
औरत, आवाज़ उठाने भर से बेग़ैरत हो जाती है और आदमी बार बार हाथ उठाकर भीथोड़ा और ज़्यादा मर्द ही होता रहा…!
अगर पैसा और संबंध दोनों में से एक को महत्व देना पड़े तो, संबंध को बचाना पैसा तो आता जाता रहेगा..!!
कहता है, वो महफूज रहे वो घर के बंद दीवारों में, बता...द्रौपदी कहा लूटी थी, घर मे या बाजारों में...!!
अनुभव पहला या आखिरी नहीं होता,
हर अनुभव बस नया होता है....
कितना बचा के रखते हैं हम समाज में अपनी छवि को,
जबकि बचाना हमें हमारे विचारों और कर्मों को चाहिए
अर्चना अनिरुद्ध
आदमी दुख में काम आना चाहिए,
ख़ुशी में तों हिजड़े भी नाचने आ जाते हैं...
मुस्कुराना इतना भी मुश्किल नहीं हैंबस तुम्हारे बारे में सोचना ही तो है !!