World's Best Cow Hospital English कबीरा ते नर अँध है, गुरु को कहते और हरि रूठे गुरु ठौर है, गुरु रूठे नहीं ठौर कबीरदास देख कर परेशान हूं रिवाज दुनिया का अब जूठ बोलकर भी लोग शर्मिंदा नहीं होते। हमें ऐसी शिक्षा चाहिए जिससे चरित्र का निर्माण हो, मन की शक्ति बढ़े, बुद्धि का विकास हो और मनुष्य अपने पैर पर खड़ा हो सके" स्वामी विवेकानंद मत कीजिए मुझ पर यकीन, मैं तो खुद को भी धोके में रखता हूं...!!! अपनी इच्छाओं को सत्यापित करने के लिए अपने शब्दों को सत्य बनाओ पुरानी शाख से पूछो कि जीना कितना मुश्किल है.., नए पत्ते तो बस अपनी अदाकारी में रहते हैं...!!! अपने पैरों पे खड़े होकर मरना.. घुटने टेक के जीने से कही बेहतर है..!! एक व्यक्ति जो तुम्हें आगे ले जायेगा.. वो तुम स्वयं हो..।। ना मैं किसी की, ना कोई मेरा .. इस गुजरती रात का, मैं हूं आने वाला सवेरा ! हैं ईश्क तो असर भी होगाजितना इधर है उतना उधर भी होगा… देखो, वो आ गया। कौन कौन मानता है कि जिंदगी में पापा का होना किसी कुबेर के खजाने से कम नहीं सबसे बड़ा गुरु मंत्र है अपने राज़ किसी को भी मत बताओ, ये तुम्हे ख़त्म कर देगा। आचार्य चाणक्य जो गया वो गया आगे देखो बहुत कुछ है नया।जब तक अतीत को याद करते रहोगे तब तक खुद को बर्बाद करते रहोगे। कहना बहुत आसान है!!!!! बचपन के हैं ख़्वाब सुहाने तितली फूल और मैं कहाँ से लाएँ अब वो ज़माने तितली फूल और मैं प्यार का भी लाइसेंस होना चाहिए कुछ लड़कियां अंधा धुन कर रही हैं कुछ अच्छे दोस्त भी बना लेना ज़िंदगी मे…महोब्बत हर वक्त साथ नही देती..!! ख़ुदकुशी को टालकर आया हूँ मैं, हाँ बताओ! क्या ज़रूरी बात है ? दुनिया इतनी तेजी से बदल रही है कि अगर तुम किसी एक ही नजरिए का दामन थामे रहोगे, तो आगे नहीं बढ़ सकते। इस अंजुमन में हर शख्स मुझसे खफा है,क्योंकि मेरे लबों पर वही है जो मेरे मन में है! Prev1…121122123…236Next Concept, Created & Designed by sureshjain.com © copyright 2025. sureshjain.com All Rights Reserved.