कुछ ग़म और कई उलझनें है
जो दौर है जिम्मेदारियों का तो ख्वाहिशों से भी रंजिशें है.
कुछ नहीं बचा मेरे इन दोनो खाली हाथों मेंएक हाथ से किस्मत रूठ गई,और दूसरे हाथ से मोहब्बत छूट गई..🥀
अफ़सोस हो रहा है तेरा हाल देखकर ,
तुझको भी मेरे बाद मोहब्बत नहीं मिली ।।
सुनो साहिब,
तुम्हारे प्रेम के रंगों से
रंगीन हुआ मेरा बेरंग
उदास सूना जीवन।
जी नहीं सकती अब
कभी भी तुमसे दूर रह
मर जाऊंगी तुम्हारे बिन।
ख्वाहिश नहीं मुझे
ज्यादा चीजों की
सिर्फ़ चूड़ियां कभी
अपनी पसंद की
पहना देना,
पायल तो नहीं
पहनूंगी तुमसे
कदमों में अपने कभी
तुम्हें नहीं झुकाना।
सिर्फ छू कर बहक जाने को नही...
उतर कर रूह में,
महक जाने को प्यार कहते है...
शिकवे इतने हैं किताबे लिख दूं,
सब्र इतना है कि एक लफ्ज़ भी ना कहूं...
ना धन चाहिए तुझसे ना दौलत चाहिए,
मेरी मां मुझको बस मन कि शुद्धि चाहिए,
और बिन मांगे बहुत कुछ मिल चुका है तुझसे,
बस नियत संभाल सकूं, इतनी बुद्धि चाहिए..!!
कुछ लोग ऐसे मिले जिंदगी मेंसाथ बैठकर हंस गए और पीठ पीछे डंस गए
मैंने झूठ के बहाने नहीं बनाए,
इसलिए भी हम बहुत ज़्यादा उसको नहीं भाए,
मेरा सच ही मेरी ज़िंदगी है,
जिसको निभाना है निभाए,
जिसको नहीं निभाना ना निभाए.
होठों पर जरूरत से ज्यादा बिखरी हंसी,अक्सर गवाह होती है आंखों में पसरी हुई उदासी की....
मौन और एकांत आत्मा के,
सर्वेत्तम मित्र हैं....
किसी ने पूछा अच्छी लड़कियां होती है किया ???मैंने कहा लड़कियां तो अच्छी होती हैं …..मगर उन्हें देखने के लिए हवस भरी नहीं,परख भरी निगाहें जरूरी होती हैं ,,,,!!
भटकने की आरजू किसको है ,मिल जाओ तुम तो ठहर जाऊं मैं..❤️
इंसान ही इंसान का रास्ता काटता है ,बिल्लियाँ तो बस यूँ ही बदनाम हैं ..!!
अपने चेहरे से जो ज़ाहिर है छुपाएं कैसे
तेरी मर्ज़ी के मुताबिक़ नज़र आएँ कैसे।
जितने ख़राब हालातो से आप लड़ेंगे ,
कामयाबी उतनी ही बड़ी होगी....
कुछ बादलों की सी
है फितरत उनकी
छाते है मेरी छत पर
बरस कहीं और जाते है
बांट कर वक्त अपना
महफिल में गैरों की
बहानों भरे कुछ पल
हमको थमा देते है
रहूं हर पल उनके साथ
इस हसरत से वो
दिल में मेरी तस्वीर
बना कर रखते है
जानते...
मालिक करने वजूद ए ख़ाक चला है दोस्तजिस्म की जिंदा कल जिसकी हम रूह थे।
जिनके दिल साफ होते हैं,वो हर जगह से ठुकरा दिए जाते हैं