मुझे डर नहीं हैं अब कुछ खोने का , मैंने जीते जी अपनी जिंदगी ही खो दी है...!
दुख की शाम हो या सुख का सवेरा…सब कुछ कबूल है अगर…"साथ हो तेरा"…!!
ज़मीर जिन्दा रखिये,खैरात में मिले पंखों से फ़तेह नहीं होती... !!
कुछ लोग ऐसे मिले जिंदगी मेंसाथ बैठकर हंस गए और पीठ पीछे डंस गए
हँस के गुज़ार लेता हूँ मैं दिन अपना...
ख़ुद से तो मैं शाम के बाद मिलता हूँ..!!❤️🔥
उसने लिखी मेरी लिए कई ग़ज़लें ढेरों कविताएँ ख़ूबसूरत नज़्में मगर मैंने सिर्फ़ उसका नाम लिखा दिल पे और अपना बना लिया
रखना अपने शौक को ज़िन्दा,किसी के मोहताज मत होना,शरीर भले ही लाचार रहे,मगर दिमाग से अपाहिज़ मत होना..
औरत बड़ी प्यारी चीज़ है रो लेगी,
मगर अपनी गलती कभी नहीं मानेगी...
तुम न कर सकोगे मेरे दिल के दर्द का इलाज़ ,
ज़ख्म को नासूर हुए मुद्दतें गुजर गयीं
जिनको मेरी कदर नही अब मुझे भी,उनकी फिकर नही !
ये लड़कियाँ भी ग़ज़ब ढाती है,
मुझसे एकेले में मिलने बग़ैर दुप्पते के आती
निकले हैं वो मेरी शख्सियत तराशने,
जिनके खुद के किरदार मरम्मत मांग रहे है।
दोस्त हो या प्यार उन्हें छोड़ देना उचित है , जो आपके होने का मूल्य ना जानते हों ...
प्रेम से विरह उत्पन होता है।विरह से दर्द होता है।दर्द से तड़प, तड़प से प्राथना होती है।प्राथना से भक्ति,भक्ति से ध्यान लगता है।ध्यान से परमात्मा,परमात्मा से संतुष्टि मिलती है।संतुष्टि से चैन और चैन से प्रेम मिलता है।
हर पेड़ धरा का गहना है,
ऐसा ही सबका कहना है।।
पेड़ों से चलता है जीवन,
ये हैं असली धरती का धन।।
मत काट इन्हें रोना होगा,
जल की बूँदे खोना होगा।।
खुद से खुद का ही रण होगा,
रण भी इतना भीषण होगा।।
#आक्सीजन ही जीवन...