दुनिया का एक सच ये भी है जिसे तुम जितना अपना समझोगे वो तुम्हे उतना बेगाना समझेगा..!!
मेरे ज़ख्मों को उसने तब और ताजा कर दिया,जब उसने मेरे दोस्त से निकाह का वादा कर दिया..!!
मरीज़ हमको दवाएँ बताने लगते हैं
बुरा हो वक़्त तो सब आज़माने लगते हैं
नए अमीरों के घर भूलकर भी मत जाना
हर एक चीज़ की कीमत बताने लगते हैं
मलिकज़ादा जावेद
✯||ले आया झुमका भी तुम्हारे लिएअब पहन कर दिखाओ की कैसे हैं …||✯
बहुत गुरूर है दरिया को अपने होने परजो मेरी प्यास से उलझे तो धज्जियाँ उड़ जाएँ !
अपने मतलब के लिए,अपना बनाते हैं लोग!
एक तुम्हारे ना होने से ऐसे लगता है जैसे,
सुबह से शाम होने मे कई दिन लगते है ..
पीठ से निकले खंजरों को जब गिना मैने..।ठीक उतने ही निकले जितनों को गले लगाया था मैने..!!
"अगर सीखना है तो समंदर से सीखो...
वो बड़ा हो के भी अपने दायरे में रहता है"...!!
ज़िंदगी जब मायूस होती है,तभी महसूस होती है….
लावारिस पडे हैं हम आपके ख्यालो में..
आपने अपनाया भी तो ठूकराने के लिये..!!
कुछ ख़्वाब तुमनें तोड़ दिए..और कुछ हमनें देखने छोड़ दिए..!!
काँच के टुकड़े बनकर बिखर गयी जिंदगी किसी ,
ने समेटा ही नहीं हाथ जख्मी होने के डर से !!
अनुभव उम्र से नहीं,परिस्थितियों का सामना करने से आता हैं…
मेरे दिल के सिस्टम को लॉक कर गई..बस बेबी ही कहा था मुझको ब्लॉक कर गई..!!
भरता नही ज़ख्म अगर नासूर बन जाये ॥
जिसे अपना समझो वही जब दूर हो जाये ॥