World's Best Cow Hospital

गिरवी होते तो ख़रीद लेते, अब गिरे हुए लोगों की कीमत कौन लगाता है....

अच्छा इंसान तो अपने जुबान से ही जाना जाता है,वरना अच्छी बातें तो दीवारों पर भी लिखी होती है..!!

क्या उस गली में कभी तेरा जाना हुआजहाँ से ज़माने को गुज़रे ज़माना हुआमेरा समय तो वहीं पे है ठहरा हुआबताऊँ तुम्हें क्या मेरे साथ क्या-क्या हुआम्म हम्म, खामोशियाँ एक साज़ हैंतुम धुन कोई लाओ ज़रा….

जाने कैसे बीतेंगी ये बरसाते मांगे हुए दिन है मांगी हुई राते

✯||तुम्हे साढ़ी बिंदी में देख मेरा मुंह उतर जानाठीक वैसा हैं जैसे किसी महंगे ख्याव का टूटकरबिखर जाना…||✯

वो सूफ़ी का क़ौल हो या पंडित का ज्ञानजितनी बीते आप पर उतना ही सच मान।

यदि आपका कोई दुश्मन नहीं है, तो इसका अर्थ है कि आप उन जगहों पर भी ख़ामोश रहे, जहाँ बोलना बहुत ज़रूरी था।

'पागल औरत है' ये सुनकर भी, औरत ने घर को घर ही बनाया पागलखाना नहीं।

बचपन कि छोटी खुशियां थी, मस्ती, हंसी ठिठौली थी, मिलता अब वो आह्लाद नहीं जो देती आंख मिचौली थी..!!

जो गरीबों का था बेटा, वो कफ़न में आ गया, और जो खूनी था वो झट से सदन में आ गया। मयंक 'नारी'

🍁✨ कहने का ढंग जरूरी है....ढंग से कहने के लिए.... ✨🍁

कुछ मन्नतें पूरी होने तकवफादार रहना ऐ जिंदगीबहुत अर्जियां डाल रखी हैमैंने उम्मीदों के दामन में

मोहब्बत की उम्र में जिंदगी, संघर्षो मे उलझी है।किताबों के बीच गुलाब नही, आज भी 'कलम' रखी है।।

जहां साधारण लोगों की हिम्मत टूट जाती है, वहीं से इतिहास रचने वाले शुरुआत करते हैं

मैं हूं कि जनवरी से आस लगाए बैठा हूं तुम हों की जून में भी नहीं पिघल रही हों

इंसां तिरे वुजूद का मक़सद ही इश्क़ था, तू नफ़रतों की राह में कैसे भटक गया ?

इश्क भी क्या अजीब बीमारी है,जिंदगी हमारी है पर तलब तुम्हारी है !!

मिलती नही है सादगी, मुुश्किल बड़ा ये काम, मिल जाये जब ये सादगी, मिलते नही है दाम

सूखे मौसम में बड़ा चटक था तेरा फरेबी रंग अब बारिश क्या हुई, बदरंग हो गए।

नकारात्मक लोग से किनारा करों,ये आप को कभी सफल नही होने देंगे।


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