World's Best Cow Hospital

वक्त से पहले हादसों से लड़ा हूँ.. मैं अपनी उम्र से कई साल बड़ा हूँ।

अहंकार भी आवश्यक हैं, जब बात आधिकार चरित्र एवं सम्मान की हो...

ख़्वाब क्या देखें थके हारे लोग ऐसे सोते हैं कि मर जाते हैं!

मुझे डर नहीं हैं अब कुछ खोने का , मैंने जीते जी अपनी जिंदगी ही खो दी है...!

यूँ तो हर शाम उमीदों में गुज़र जाती हैआज कुछ बात है जो शाम पे रोना आया ~ शकील बदायुनी

जब खोने को कुछ ना हो, तब पाने को बहुत कुछ होता है....

ख़्वाहिशे ही तो हैं मन के भीतर कितनी मासूमियत से पनपती हैं उचक उचक कर शिशु की भाँति लगाती हैं पुकार पूर्णता को पाने के लिये पैर पटकती हैं चाहत होती है के सब पा लें सहज़ ही मगर कहाँ इतना सहज़ है इनकी ही तरह सहज़...

पहाड़ तोड़ने का साहस तो हर इंसान में है, पर वो डरता है "कामयाबी" के पहले पागल घोषित किए जाने से।

हर क़दम इस एहसास से आगे बढ़ी हूँ कि मेरे पीछे मैं खुद ही खड़ी हूँ !!

कोई सवाल ज़िंदगी का हल नहीं हुआ,पढ़ने में सारी उम्र गवांने के बावजूद - अंकित मौर्य

"सहनशील होना अच्छी बात है,परन्तु अन्याय का विरोध करनाउससे भी उत्तम है।" -जयशंकर प्रसाद

अधूरे किस्सों कीलिखावट हमपूर्ति की प्यास मेंतलाशते रहें दर बदर मकामचंद लम्हों की लिखावट के बादहो गया अल्पविरामहोगा ना शायदकुछ किस्सों काकभी भी पूर्णविराम….

बुरा वक़्त हमेशा इंसान को ,अकेला कर देता है …

वो वक्त और था जब दिल से मुस्कुराया करते थे.. अब चेहरे की खुशी का दिल से कोई वास्ता नहीं..!!

सफेद कपड़े पहन कर लोग काम काले करते की,धर्म के चोले में नेता हैवानियत की साँस भरते हैं.

औरत को समझता था जो मर्दों का खिलौना उस शख़्स को दामाद भी वैसा ही मिला है

इत्र,परफ्यूम से सिर्फ़, लिबास मेहकता है, क़िरदार नहीं।

मै खुद में अल्प हूं.. पर मुझे विकल्प मत समझना..!!

जिसमे निखरे वो भी इश्क़ था , जिसमे बिखरे वो भी इश्क़ है ...

ना गिले ना शिकवे ना उम्मीद है किसी से, बड़े मतलबी जो निकले है सब इस दौर में..!!


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