सबसे बड़ी त्रासदी बुरे व्यक्तियों का अत्याचारऔर दमन नहींबल्कि इस पर अच्छे लोगो का मौन रहना है ...
जितनी शिद्दत से आप दुश्मनी निभाते हैं,
काश ! उतनी शिद्दत से दोस्ती भी निभाई होती...!
इतिहास लिखने के लिए कलम नही हौसलो की जरूरत होती हैं..!!
सुकून दिल को चाहिए,आफ़त दिमाग़ ने मचा रखी है...
मे तेरे इश्क़ मैं ऐसे खो बैठा हूँ फेस
वास से सर और शैंपू से मुंह धो बैठा हूँ !!
सेक्स सिर्फ दस मिनट का काम है, दिवाना बनाने वाला प्यार ही है।
मेले में भटके होते तो कोई घर पहुँचा जाता
हम घर में भटके हैं कैसे ठौर-ठिकाने आएँगे
ऑॅंखे थक गई हैं आसमान को देखते देखतेपर वो तारा नही टूटता, जिसे देखकर मैं तुम्हें मांग लू!
आज मार्केट में पुराना पासवर्ड दिखा, साथ में दो साल का OTP भी था...
चार दिन आंखों में नमी होगी,
मैं मर भी जाऊं तो क्या कमी होगी ?
भुला दिए जाने से ज़्यादा,आश्चर्य देता है अचानक याद किया जाना…
कुछ ख़याल कुछ हक़ीक़त मिलाते हैं हम,
ऐसे ही पंक्तियों में ख़ुद को उतारते हैं हम।
ना धन चाहिए तुझसे ना दौलत चाहिए,
मेरी मां मुझको बस मन कि शुद्धि चाहिए,
और बिन मांगे बहुत कुछ मिल चुका है तुझसे,
बस नियत संभाल सकूं, इतनी बुद्धि चाहिए..!!
खुद से बेखबर हूंपता नही मैं कौन हूंदर्द है ज्यादाफिर भी मौन हूंइधर उधर मैंगलियों में फिरता हूंकोई पूछले गर इकबारकी मैं कौन हूंकह दूंगा ..खुद की तलाश में हूंभटकता मैं कोई राहीदीन दुनिया से भी बेखबर हूं शायद...
ज़िंदगी की धूप-छाँव में,
संघर्ष है, सफ़र है, जीने का अद्भुत अंदाज़ है।
बहादुर वह नहीं है जो भयभीत नहीं होता,
बल्कि वह है जो इस भय को परास्त करता है।
एक दोस्त मेरी जिंदगी में ऐसा हैजमीन पर रहता है मगर चाँद जैसा है..
रिश्तों का गलत इस्तेमाल कभी मत करना..
अच्छे लोग ज़िंदगी में बार बार नहीं आते..!!
कौन सीखा है सिर्फ बातों से ,
सबको एक हादसा जरूरी है।
जॉन एलिया
समझो जग को न निरा सपना
पथ आप प्रशस्त करो अपना
मैथिलीशरण गुप्त