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World's Best Cow Hospital

कब्र की शांति और दास की चुप्पी

थक चुका हूं जिंदगी को हिसाब देकर सिर्फ सूत उतारा है अभी मूल बाकी है

तू श्रृंगार क्यूँ नहीं करती तेरी सादगी जान लेती है

मुझे पल भर के लिए आसमान को मिलना थापर घबराई हुई खड़ी थी…कि बादलों की भीड़ में से कैसे गुज़रूँगी…

समझदार इंसान वही है जिसे पता है कब और कहाँ कितना बेवक़ूफ़, मासूम और असहाय दिखना है

मन के किसी कोने में... किसी के बारे में पड़ी... कड़वाहट को Quarantine करें, क्या पता...कोई रिश्ता...वेंटिलेटर पर जाने से बच जाए. मृदुल눈

मसला ये नहीं की लोग परवाह क्यों नहीं करते, मुद्दा ये है की हम उम्मीद क्यों करते हैं...

जंगलों में आज भी मुझे लगता नहीं है डर है शुक्र कि अब तक जानवर इंसां नहीं बने अम्बष्ठ

बाप गरीब जरूर है लेकिन इस बेटी के लिए , एक राजा की तरह सभी ख्वाइशें पूरी करता है ।।

मरम्मतें करके रोज थक जाता हूँ मैं,रोज मेरे अंदर नया नुक्स निकल आता है।

लगाव कैसा भी हो,,आखिर मेंदुख का कारण हीं बनता है...!!

तेरा इश्क़ मुझे ले गया खुदा के करीबतुझे पाने की जिद्द में मैंने सजदे बड़ा दिए

कोई तो बहाना बनाओइक मुलाकात का_!!

मैंने झूठ के बहाने नहीं बनाए, इसलिए भी हम बहुत ज़्यादा उसको नहीं भाए, मेरा सच ही मेरी ज़िंदगी है, जिसको निभाना है निभाए, जिसको नहीं निभाना ना निभाए.

धूप में गड़ा धनकौन पाएगा?धनी?चोर?उचक्का?नहीं!वह पाएगा खेतिहर किसानजो सबको बाँट देगा।

चाय पर मै एक संविधान लिखूँगा जो चाय नहीं पीते उन्हे खराब लिखूँगा...

फकीरों की सोहबत में बैठा कीजिए साहब!! बादशाही का अंदाज खुद ब खुद आ जाएगा...

तुझसे दरकार थी मसीहाई की वरना मश्वरे तो वकील भी देते हैं

धुँधले ज़मीर गिरगिट फितरत काली, गोरी ,साँवली नीयत.... अपने-अपने रंगों पर सबकी पहरेदारी है...!!

हाथ खाली हैं तेरे शहर से जाते जाते,जान होती तो मेरी जान लुटाते जाते,अब तो हर हाथ का पत्थर हमें पहचानता है,उम्र गुजरी है तेरे शहर में आते जाते !


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