उदासी तुम पे बीतेगी तो तुम भी जान जाओगे कि
कितना दर्द होता है नज़रअंदाज़ करने से..
‘’शोक मत करो ! नहीं उतरेगा कोई भी उत्सव
बुलावे पर उनके लाल क़ालीनों पर
करेंगे सारे उत्सव प्रतीक्षा
न्योते की तुम्हारे रोककर साँसें अपनी
बस करना होगा थोड़ा सा इंतज़ार”
दोनों की मोहब्बत जुदा जुदा कभी तू मुझसे कभी में तुझसे खफा ख़फ़ा,,,,आ लग जा गले मिलकर करें अपने दरमियान सारे मसले रफा दफा,,,,
शेरो शायरी कोई खेल नहीं जनाब ।।जल जाती है जवनियाँ लफ्जो की आग में ।।
मसला ये नहीं की लोग परवाह क्यों नहीं करते,
मुद्दा ये है की हम उम्मीद क्यों करते हैं...
मान ही लो अब जो भी कुछ है सच्चा झूठा सा,
कब तलक करते रहें दिल की वक़ालत हम ?
प्यार हो या परिंदा, दोनों को आज़ाद छोड़ दो... अगर लौट आया तो तुम्हारा और अगर न लौटा तो वह तुम्हारा था ही नहीं कभी...
नफरत का बाज़ार ना बन, फूल खिला तलवार ना बन,रिश्ता रिश्ता लिख मंज़िल, रस्ता बन दीवार ना बन- राहत इंदौरी
आज खुद को खुश रखना ही
दुनिया का सबसे बड़ा संघर्ष बन गया है।।
शहर में रहकर...वो सोशल मीडिया पे फादर्स डे का जश्न मना रहा था, उधर गांव मे एक बूढ़ा बाप आज भी टकटकी लगाए बैठा है !!
जो कुछ भी आपने देर से सीखा,
अपने बच्चों को जल्दी सिखाएं।
किताबों में झुके हुये सर…
ज़िन्दगी भर उठे रहते हैं।।
हर चीज़ किसी न किसी
कारणवश ही घटित होती है।
न चाहते हुए भी किताबों से,
हमेशा दोस्ती रखनी पड़ेगी।
हम किताबी कीड़े है मेरी जान!,
हमसे मोहब्बत महंगी पड़ेगी।।
इंसान को उसकी नासमझी कम
बल्कि ज़रूरत से ज़्यादा चालाकी ले डूबती है !!!
मैं अपने आप को इतना समेट सकता हूँ,
कहीं भी कब्र बनाओ मैं लेट सकता हूँ…!!
विनय विफल हो जहाँ, बाण लेना पड़ता है।
स्वेच्छा से जो न्याय नहीं देता है, उसको
एक रोज आखिर सब-कुछ देना पड़ता है।
उद्देश्य और दिशा के बिना,
प्रयास और साहस पर्याप्त नहीं है....
कीतना बेबस हो जाता है इंसान जबवो किसी को खो भी नही सकताऔर उसका हो भी नही सकता