एक दिल है और तूफ़ान-ए-हवादिस ऐ 'जिगर'एक शीशा है कि हर पत्थर से टकराता हूँ मैं
तुम्हारी गोद में सर रख के मेरा सोना..जैसे मानो एक पागल का ठीक होना..!!
मैं तुम्हारे प्रेम का पूर्ण विराम बनना चाहता हूं...
प्रथम नहीं, प्रेम पथ का अंतिम विश्राम चाहता हूं.
धर्म केवल रास्ता दिखाता है,
लेकिन मंजिल तक तो कर्म ही पहुँचाता है।
ज़िंदगी को जंगल केउस पेड़ की तरह बनाओ,जो हर परिस्थिति मेंमस्ती से झूमता रहे।
बड़ा एहसान हम फ़रमा रहे हैं
कि उन के ख़त उन्हें लौटा रहे हैं
किसी सूरत उन्हें नफ़रत हो हम से
हम अपने ऐब ख़ुद गिनवा रहे हैं
वो पागल मस्त है अपनी वफ़ा में
मिरी आँखों में आँसू आ रहे हैं
अजब कुछ रब्त है...
तुम मेरी वो कमी हो,
जो कोई भी शख्स कभी पूरा नही कर सकता….!!
जीवन में हमेशा इंतजार ही नही करना चाहिए,क्योंकि सही वक्त कभी नही आता,उसे लाना पड़ता है !
हालात चाहे कैसे भी हो मुस्कुरा लेते है
बच्चे खुश रहे तो भूखे पेट भी आंसू छिपा लेते है
कभी मीनारो से गिरते है कभी मलबे मे दब जाते है
कभी गटर मे गिरते है कभी बेमौत मर जाते है
मजबूर भी है मजदूर...
अगर अंधे आदमी को आंख मिल जाए तो वो
सबसे पहले छड़ी फेंकता है जिसने बुरे वक्त में
उसका साथ दिया ...
कुछ दर्द जो अंदर ही अंदर घुटते रहते हैं, आंखों से पानी बन निर्झर नदियों से बहते हैं । समझ ही नहीं पाती,किसी को नही कह पाती, इस जीवन से अब कुछ और नही चाहती ।
तुम्हें गुरुर है तुम्हारा वक्त बोल रहा है!
हमें यकीन है हमारा सब्र बोलेगा!!
इंसानियत दिल में होती है हैसियत में नहीं
ऊपर वाला कर्म देखता है वसीयत नहीं!
एक उदास शहर में
कुछ किताबें थी
एक छत चार दीवारें थीं
कुछ दोस्त थे चाय के कुल्हड़ थे
गलियाँ थी किनारे थे
एक उदास शहर में
जहाँ वो थी और ज़िंदगी थी..
शराब ने कई घर बर्बाद किए हैं
मगर चाय ने देश बर्बाद कर दिया...
पढ़ाई चल रही है ज़िंदगी कीअभी उतरा नहीं है बस्ता हमारा !!
यक़ीनन सूरज चढ़ेगाइस रात का रंग उतरेगा
शर्ट के टूटे बटन से लेकर, टूटे हुए आत्मविश्वास तक को जोड़ने का हुनर सिर्फ़ माँ में ही होता है।
~ अनूप पांडेय
तीर खाने की हवस है तो जिगर पैदा करसरफ़रोशी की तमन्ना है तो सर पैदा कर
~अमीर मीनाई