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गिरगिट तो बस नाम के लिए बदनाम है सरवरना इंसान से अच्छा रंग बदलना कौन जानता है..

किस सफर में जिंदगी बदल जाए कोई मालूम नहीं ,, आज क्या है कल क्या हो जाए कोई मालूम नहीं..!!

दुनिया में लोग बुद्धि अपने पास, और धन दूसरों के पास ज्यादा समझते हैं।

पटाखा न,आइटम न,मिर्ची न सेटिंग, वो लड़की ग़ज़ल है, ग़ज़ल ही रहेगी.

गांव मे गुलाम नही मालिक रहते है !

मन के हारे हार है, मन के जीते जीत।कह कबीर हरि पाइए मन ही की परतीत।।"

पहले प्यार अंधा होता था फिर उसने अपना इलाज़ कराया, अब वो सब देखता है गाडी,बांग्ला,पैसा !!

जब हम निकलते है अपने तेवर में,तब दुश्मन भी बोल उठते हैं अपने फेवर में !

वादों की जरूरत नहीं होती उन रिश्तो में,, जहां पर भरोसा अपने आप से ज्यादा होता है।।

ये बारिश ये ठंडी हवा रिमझिम और ये मौसम,अगर तुम दूर ना होती पगली तो मिल के चाय पीते!!

जब सोच में मोच आती है तब हर रिश्ते में खरोंच आती है. !!

इंसान अगर सच्चा हो तोलोग उसे बेवकूफ समझ लेते हैं !!

जीवन की एक कड़वी सच्चाई ये भी है कि ,आधे रिश्ते तो लोग इसलिए निभाते हैं ' क्योंकि भविष्य में उनसे काम पड़ सकता है ….

ज़िंदगी शायद इसी का नाम है..दूरियाँ मजबूरियाँ तन्हाइयाँ….!!

सफलता डिग्री नहीं.... हुनर मांगती है...!!

मुझे प्रेम तुझसे है तो है..!अब क्या मुकद्दमा करोगी मुझ पर…!!🍹

ये ढलती हुई शाम, करती है दीवानों का काम तमाम। बात गहरी है, गहराई से सोचना, कोई राह देखता है, तो कोई सरेराह देखता है।

वाणी की मिठास अन्दर के भेद नहीं खोलती, मोर को सुन कर कौन कह सकता है कि वह साँप खाता होगा। अज्ञात

कामयाबी का तभी "सिंहासन" होगा, जब आपका अपने "मन" पर शासन होगा। सेजल

जो चराग़ों को बुझाने की हिमाक़त करते हैं ज़िंदगी-भर उन के हिस्से रौशनी आती नहीं राघवेंद्र द्विवेदी


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