तुम मेरी वो कमी हो,
जो कोई भी शख्स कभी पूरा नही कर सकता….!!
वृंदावन की कूंज गली मेंमही बैचने में गईनंद जी के लाल मुझे सामने मिले जबमें तो शरमा गई रेकनैया तेरी मुरली बैरन भई
जीवन में अंधकार आँखें खोलने ही आता है।
मिलो कभी फुर्सत निकाल कर, एक दिन बहुत उलझना है मुझे तुम से !
अकेले रह जाते है वो लोग
जो दूसरों कि ज्यादा परवाह करते है।
युद्ध में विजय हो या पराजय
दोनों का परिणाम मातम ही होता है |
किस किस से छुपाऊ तुम्हें मैंअब तो तुम मेरी मुस्कुराहट मेंभी नजर आने लगे हो।
बेरोज़गार के लिए,
रोज़गार ही त्योहार होते हैं…
जान जाने के बाद शरीर श्मशान में जलता हैतेरे जानेके बाद तो में बिन अग्निको जलता हु
राजा की जान
🦜 में है..
छतरियाँ हटा के…मिला करो इनसे,
ये जो बूँदें हैं ना,बहुत दूर से आती हैं।
बर्फ़ से रिश्तों का मौसम गुनगुना हो जाएगा
मिल के आपस में रहें तो ख़ुशनुमा हो जाएगा
बीच की दीवार पहले तुम गिराओ तो सही
देखना आँगन वही फिर दो-गुना हो जाएगा
राघवेंद्र द्विवेदी
कुछ किताबे ताउम्र धूल फाँकती रह जाएगी,
एक रुपया ही सही किसी का तुम पर उधर रह जाएगा,
कुछ कपड़े बिन पहने ही अलमारी मे दबे रह जाएँगे,
किसी अपने से मुलाकात अधूरी रह जाएगी,
किसी खास से दिल की बात कभी कह नहीं...
पुरुष सफ़ल रहे जीवन में या असफल रहे... वो हर परिस्थिति में एक छली गई स्त्री या टूटी हुई स्त्री के जीवन को बदल सकता है उन्हें सकारात्मक कर सकता है और सहायता करने को तत्पर रहता है, परंतु स्त्री...
मेरी तड़प ना समझी मेरे जज़्बात समझती,गर प्यार ना दे सकी तो नफ़रत भी ना करती,और हर पल बिलखने के लिए छोड़ दिया मुझको,मुकम्मल मौत दे देती यूं अधमरा ना छोड़ती..!!
अंत केवल मृत्यु है,
हर दिन प्रयत्न करना जीवन है!
इस दुनिया में सब कुछ कीमती है, एक पाने से पहले और दूसरा खोने के बाद । ~ गुलज़ार
जिंदगी की परीक्षा भी कितनी वफादार है,
उसका पेपर भी कभी लीक नहीं होता।
जलाकर हसरत की राह पर चिराग़ आरजू के , . . हम तन्हा रातों में तेरे मिलने का इंतज़ार करते हैं...!!
व्यवहार में सुंदरता रखो लडकियों
चेहरे पर मरने वाले घर नहीं ले जाया करते….!!