लोगों के काम आते रहिये,क्योंकि क़ुदरत का एक उसूल है, कि जिस कुएँ से लोग पानी पीते रहें, वो कभी सूखता नहीं है
किसानों के लिए MSP की लड़ाई
युवाओं के लिए रोज़गार की लड़ाई
वंचितों के लिए हिस्सेदारी की लड़ाई
जन-जन के लिए लोकतंत्र की लड़ाई
जिनके दिल साफ होते हैं,वो हर जगह से ठुकरा दिए जाते हैं
संघर्षों की समर भूमि में, हमसे पूछो हम कैसे हैं, कालचक्र के चक्रव्यूह में, हम भी अभिमन्यु जैसे हैं। हरिओम पंवार
इस समाज में जो आदमी बुरा नहीं है,
वो बेवकूफ समझा जाता है...
वो फूल जो मेरी कबर पर डालने का आप इरादा रखते है, वो मेरी जिंदगी में ही दे दीजिए खुशी होगी...
अगर दिशा दिखाने वाला सही हो तो,
दीपक का प्रकाश भी सूर्य का कार्य करता है...
"कुछ लोग पाँवों से नहींदिमाग़ से चलते हैंये लोगजूते तलाशते हैंअपने दिमाग़ के नाप के।"
नरेश सक्सेना
कुछ दरमियाँ नहीं हैं तो बेचैनियाँ है क्यों ,
कुछ रिश्ते बेरुखी से भी नहीं टूटा करते ..
बस साथ निभाने की जो कसमें दिलाई गई थीउसका बोझ है पर प्रेम नहीं हैअब यदि वो प्रेम की बात भी कर रहे हैतो वो इसलिए कि मजबूरी हैकि पति पत्नी हैगहराई में जाकर देखा जायतो वो सामाजिक बंधन ही...
शुक्र भी है और शर्मिंदा भी हैतेरे बाद मर भी गए और जिंदा भी है
जान लेनी थी तो साफ़ कह देते,
क्या ज़रूरत थी मुस्कुराने की
वक़्त से लड़ने के लिए
अपने आप का होना ज़रूरी है
लोग बातें बनाएंगे
दिलासा देंगे और हंसी भी उड़ाएंगे।
नेहा यादव
हीरा परखरने वाले से ज्यादा,
पीड़ा परखने वाले ज्यादा महत्वपूर्ण होते है…!!
बांधकर "विरह" की बेड़ियों से मुझे "आईना" दिखाया था,
मैं "गधा" हूं "इंसान" नहीं ये बात उसने मुझे सिखाया था..!!
विरक्ति
हमसफ़र वक़्त को बदलने वाला होना चाहिए,
वक़्त के साथ बदलने वाला नही….!!
दूर खड़ा हो देख लेता हूं मैंतुम मेरी बर्बादी की सबसे हसीन झलक हों…
अनुभव से ही सत्य का पता चलता है, न कि विचार से !
सिर्फ तुम हो मेरे सुकून का लम्हा
वरना शोर तो सारे जहां में है.....
बात करने से ही बात बनती है...
बात ना करने से, बातें बन जाती है...!