अब भी पूरा भरा है मेरे भीतर
तेरे जाने के बाद का ‘ख़ालीपन’
आहिस्ता बोलने का उनका वो अंदाज भी गजब था,
कानों तक को खबर न हुई,
और दिल ने सब समझ लिया।
वक्त के साथ चलिए ,
हर कोई आपके साथ चलेगा..!!
अहमियत दी तो कोहिनूर खुद को मानने लगे,
कांच के टुकड़े भी क्या खूब वहम पालने लगे.
मजबूरिया तुम पर आई
और तन्हा हम हो गए
एक दिल है और तूफ़ान-ए-हवादिस ऐ 'जिगर'एक शीशा है कि हर पत्थर से टकराता हूँ मैं
यादें दस्तक देती हैं
आँखें नम हो जाती हैं
होठ खामोश रह जाते हैं
दिल की धड़कनें
शोर बहुत मचाती हैं
मधुलिका
किसी एक को खुश करने के लियेलोग अपने लोगों से दूरी बना लेते हैंऔर एक दिन ऐसा भी आता है, किजिसके लिये पूरी दुनिया से अलग हुयेवो खुद अकेला छोड़कर अलग हो जाता है
संभोग करना आसान हैं,
और शादी करना मुश्किल हो गया हैं...
सुनो,,
तुम कबूल तो करो इश्क मेरा,,
मैं खाना बनाना भी सीख लूंगी।।
तुम पूछो और मैं न बताऊँ ऐसे तो हालात नहींएक ज़रा सा दिल टूटा है और तो कोई बात नहीं
~क़तील शिफ़ाई
हम किसी के दुख का कारण बन जाएं,इससे ज़्यादा दुख की बात क्या होगी भला.
अन्न न भावै नींद न आवै, गृह-बन धरै न धीर रे।कामिन को है बालम प्यारा, ज्यों प्यासे को नीर रे।
अपने सपनों को साकार करने कासर्वश्रेष्ठ तरीका है कि आप जाग जाएं…
मुझसे नही कटती ये उदास रातें ,
कल सूरज से कहो मुझे ले कर ढूबे ।।
कोई गिरता गया कोई गिर ही गया
तन्हा होना नज़र अंदाज़ होने से बेहतर है।
सुना आज एक झुठल पार्टी का
तोतला प्रवक्ता कूट दिया गया
बेइमानी भी तेरे इश्क़ ने……..सिखाई थी
तूं पहली चीज़ थी जो मैंने मां से छुपाई थी
दिल तुझे नाज था जिस शख्स पर दिलदारी पर..देख अब वो भी उतर आया अदाकारी पर..