बिछड़ते वक्तगले लग कर इश्क़ वाले
अपनी रूह इक दूसरे मेंछोड़ आते हैं।
वो नहीं रुकीमैंने आंसू भी दांव पर लगा के देखे…!!
जिसकी सबसे दोस्ती होती है,
अक्सर वो किसी के नहीं होते...
किसी का साथ देना सीखो,धोखा तो आजकल पुरा जमाना दे रहा हैं…
वह पथ क्यापथिक कुशलता क्याजिस पथ पर बिखरे शूल न होंनाविक की धैर्य परीक्षा क्याजब धाराएँ प्रतिकूल न हों
~ जयशंकर प्रसाद
काँटों से दिल लगाया है, लहूलुहान होने दो
अभी ज़मीं कहा है बस, उसे आसमान होने दो
सज गई मंडी वोटो की आ गए उनके चाहतदार...हाथ जोड़कर मांग रहे हैंबन जाओ उनके खेवन हार...🙏🥸निर्णय लेना सोच समझकर नानी दादी दादा और पापा महिला बहने भी याद रखना तुम्हारी बचत पर फिर से ना पड़ जाए छापा....!!😜
खूब समझती है वो रूदन अपने लाल का,"मां" पृथ्वी पर साक्षात् भगवान होती है,
घर, समाज, ईश्वर किसी का उसे भय नहीं,अपनी औलाद में ही उसकी जान होती है,
और नहीं करती फिक्र कभी धूप - शीत की,हर आफत से बचा ले...
ये दबदबा, ये हुकूमत, ये नशा, ये दौलतें,
सब किरायेदार हैं, घर बदलते रहते हैं...!!
दुःख रूप बदलता हैलेकिन खत्म नहीं होता
जब घरवाले थप्पड़ की जगह ताने मारने लगे,
तो समझ जाना कि बड़े हो गए हो तुम.
वक्त भी कैसी पहेली दे गया
उलझने सौ और जान अकेली दे गया
अल्फाजों को बयां करना मुझसे कभी आया नही..... बस गलतफहमी ये थी मुझे की उसे मेरी आंखों को पढ़ने का हुनर आता है..!!
सच्चाई हमेशा थोड़ी,
निराशाजनक होती हैं।
जिन्दगी में सबसे ज्यादा पीड़ादायक है, “मां” का जिंदगी में ना होना..!!
रिश्ते ऐसे बनाओ कि जिसमें,
शब्द कम और समझ ज्यादा हो...
लत तो मुझे तुम्हारी लगी है..,, वरना ये, शायरी करना मुझे कहा आता है, और इल्ज़ाम बेचारे फ़ोन पर आता है..
पहले बारिश होती थी तो तुम याद आते थे ,
अब जब याद आते हो तो बारिश होती है ..!!
झूठ' दलाली से परे रहिए,जितना हो सके खड़े रहिए.
हर शख़्स को नहीं मिलती मंज़िल यहां,,,,
कुछ लोग जिंदगी भर मुसाफ़िर रह जाते है….!!