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World's Best Cow Hospital

जब हक़ीक़त से रूबरू हुआ तब मालूम हुआ कि बातों से ही अपने थे “अपने” !!

पिता का क्रोध कदापि आपका अवरोध नहीं, सही मार्ग पर चलने का अनुरोध है।

जिंदगी रोज़ कोई ताज़ा सफ़र मांगती है, और बेचारी थकान शाम को घर मांगती है।

चालाकी ,चतुराई ,और बेशर्मी के मिश्रण को आज कल होशियारी कहते है

पहले परखते हैं किरदार फिर ऐतबार करते हैं, हम उनमें से हैं जो सिर्फ सीरत से प्यार करते हैं..!!

अल़फाज सुनने वाले हजारों लोग है मगर खामोशी सुनने वाला सिर्फ मेरा अल्लाह है...

मैं केवल दो लोगों को ही सुंदर लगता हूं मम्मी को और कपड़ा बेचने वालों को

यूँ तो अमरोहा से मेरा कोई नाता ना था फिर कमबख्त नामुराद मोहब्बत हुई और उसपर सितम तुझ बेवफा से हुई और हम खुद बे खुद जॉन ऐलिया के मुरीद हो गए

मुझे अगर कोई समझ पाया है तो वो मैं, खुद हूं बाकी सब तो बस अंदाज़ा लगा रहे हैं..

वो सूफी का कौल हो या पंडित का ज्ञान जितनी बीती आप पर उतना ही सच जान

दौलत के नशे में यूँ लड़खड़ाते हैं कुछ लोग, गिरते गिरते हद से गिर जाते हैं कुछ लोग !!

जब सांस आखिरी हो, और दो शब्द की मोहलत होएक नाम तुम्हारा लूं एक शब्द मोहब्बत हो....!!

तू रहे मेरी हँसी में, मैं रहूँ तेरी ख़ुशी में.. ♥️♥️

अफ़सोस इंसानियत को भुला कर इंसानइंसानियत दिखाने का ढोंग बहुत करता है

करवट बदल रही थी ज़िन्दगी, मेरे सारे ख्वाब टूट रहे थे, समय तेजी से बढ़ रहा था आगे, पर हम पीछे छूट रहे थे..!!

करता वही हूं जो मुझे पसंद है.. माना कि उम्र कम है लेकिन हौसला बुलंद हैं..!!

मेरा बुरा वक्त क्या आ गया आज अंधों को भी मेरे में कमियां दिखने लगी!!

ज़िंदगी में इतने मंज़र देख लिए है कि दिल अब हर छोटी छोटी सी बातों से डरता है।

"खंजर" भी हैरान था मेरे जख्म देख के बोल पड़ाक्या "इश्क" में मुझसे भी ज्यादा "धार" होती है

शहर की धूप से परेशान जब मैं छांव ढूंढती हूं,, सुकून के लिए तब मैं अपना गांव ढूंढती हूं,,


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