मैं निभाता रहा वफ़ा वो धूल झोंकती रही,
फना करके मेरी रूह मुझे दफन करती रही..!!
अच्छे संस्कार किसी मॉल या बाजार में नहीं,
परिवार के माहौल से मिलते हैं...
अहमियत यहां हैसियत को मिलती है
और हम जज़्बात लिए घूम रहे हैं!
महंगे होटल में भी भुख मिटती नहीं ,मां तेरी वो हाथों की रोटियां बिकती नहीं ..!!
पहले मन निकलता है सफर पर, तन बाद में.
युद्ध का ज्वालामुखी है फूटताराजनैतिक उलझनों के ब्याज सेया कि देशप्रेम का अवलम्ब ले !किन्तु, सबके मूल में रहता हलाहल है वहीफैलता है जो घृणा से, स्वर्थमय विद्वेष से !युद्ध को पहचानते सब लोग हैंजानते हैं, युद्ध का परिणाम अन्तिम...
काटकर गैरों की टाँगें ख़ुद लगा लेते हैं लोग
इस शहर में इस कदर भी कद बढ़ा लेते हैं लोग....!!
सच्ची मोहब्बत हो जाए तोफिर जिस्म की बात नहीं होती….!!
उसे उस हद तक चाहो ,
वो भी बोले अच्छा ठीक हैं करलो ..!!
बेटियों को तितली नहीं,मधुमक्खी बनाओ पंख दो पर डंक भी दो...
जिंदगी में गम बहुत है,खुलासा मत होने देना,
लबों से मुस्कुरा देना,मगर तमाशा मत होने देना..!!
जो नज़र से उतरते हैं
वो दिल से भी उतर ही जाते ही हैं..!!
मेरे बस में नहीं हैं खुले आसमान में उड़ना ,इसलिए मैंने अपने पिंजड़े को ही अपनी दुनिया मान लिया हैं ..
मित्रता बड़ा अनमोल रतन
कब उसे तोल सकता है धन?
धरती की तो है क्या बिसात?
आ जाय अगर बैकुंठ हाथ
उसको भी न्योछावर कर दूँ,
कुरूपति के चरणों में धर दूँ।
सिर लिए स्कंध पर चलता हूँ,
उस दिन के लिए मचलता हूँ,
यदि चले वज्र दुर्योधन...
लगा के इश्क़ की बाजी सुना है दिल दे बैठे हो , मोहब्बत मार डालेगी अभी तुम फ़ूल जैसे हो ।।
हम तो कुछ देर हँस भी लेते हैं
दिल हमेशा उदास रहता है
वो चीज़ जिसे सुकून कहते हैं, हम भूल गए हैं कहीं रखकर...
हार और जीत का कोई अर्थ नहीं होता
जो हौंसला न हारे ,वो जज़्बा व्यर्थ नहीं होता
रात दिन जो सिर्फ फ़तेह के गीत गाते है
जो, लड़ते रहते हैं वो इक दिन जीत जाते हैं