धूप भी कहां कुछ कर पाया है ,
जब तक सर पर मां का साया है ।।
लौट आना गर दिख भी जाएं जो रास्ता उसके घर का,
पता तो सही होगा और लोग भी मगर क़िरदार बदले मिलेंगे..!!
वो अफ़्साना जिसे अंजाम तक लाना न हो मुमकिन
उसे इक ख़ूब-सूरत मोड़ दे कर छोड़ना अच्छा...
आत्मसम्मान पर लगी चोट इंसान
का वर्तमान और भविष्य दोनों बदल देती है
सुख को तब तक महसूस नहीं कर सकते,जब तक दुख का अनुभव नहीं होता…
दिल में वो भीड़ है कि ज़रा भी नहीं जगह
आप आइए मगर कोई अरमाँ निकाल के ...
अपने पैरों पे खड़े होकर मरना..
घुटने टेक के जीने से कही बेहतर है..!!
तुम बनारस हो और तुम्मारी यादे अस्सी
घाट और मैं उन घाटों का मुशाफिर.!!
❤️🩹
वर्तमान को सबसे बेहतरीन पल बनाओ...
क्योंकि वो वापस नहीं आता...!!
अनजान पंछी
इतना कुछ था दुनिया में
लड़ने-झगड़ने को
पर ऐसा मन मिला
कि ज़रा-से प्यार में डूबा रहा
और जीवन बीत गया
जम्हूरियत पर कस रहा फंदा
ख़ुद को ख़ुदा समझ रहा बंदा
बहलाया-फुसलाया, डराया भी
बॉन्ड से भी जुटा लिया चंदा
चुनाव की बिसात धर्म का दांव
नफ़रत का तूफ़ान कभी पड़े न मंदा
किसी को जेल इनके लिए खेल
इन पर भी चलेगा वक़्त का...
नहीं आती नींद अब इन आंखों में,तेरे इश्क़ ने मेरी रातें खराब की हैं..!!
अपने वजूद पर भरोसा रखो... लोग क्या सोचते है उससे फर्क नही पड़ता..!!
हम जा रहे हैं वहां जहाँ दिल की हो क़दर,
बैठे रहो तुम अपनी अदायें लिये हुए।
मोहब्बत मेरी आख़री शरारत थीफिर यूं हुआ के मैं बचपन से निकल आया….!
पद और पैसे से कितने भी अपराध छुपा लो साहब,
किसी गरीब की बद्दुआ तुम्हे सुकून से जीने नहीं देगी...
मेरे दोस्तों साथ नहीं रहने से रिश्ते नहीं टूटा करते,लोग कहते हैं मेरा सपना टूट गया, टूटी नींद है सपने नहीं टुटा करते
हमारी जिंदगी का ठिकाना नहीं रहा अब
उसने ठेस पहुँचाया हम ठेके पर पहुँच गए !!