वेदना छिपाकर अपनी मैं गीत खुशियों के गुनगुना रहा हूं,
समझ ना ले कोई मुर्दा इसलिए असल किरदार छिपा रहा हूं..!!
विरक्ति
इंसान अंदर से मर जाता है.
जब उसका सबसे मनपसंद शख्स बदल जाता है...
पवर पहचान बना सकती है
सम्मान चाहिए तो कर्म करो।
हर व्यक्ति के जीवन में कोई कमी जरूर रह जाती है।
ताकि वह समझ सके कि दुनिया इंसान नहीं
ऊपर वाला चलाता है !
पिता सी ही महफ़ूज़ जिन हाथों में होती है कलाई
नारी के लिए वो शख्स महज़ होता है उनका भाई।
किसी को भुलने के लिए मेरे करीब आया था वो शख़्स....
अब मुझे भूलने को किसी और को ढूंढ रहा है वो शख्स....!!
रूह में बसा हुआ शख्स,दिल से कभी नहीं निकलता….
खयालो मे रहता है वो, जो पास नही होता…बैचेन हैं उनके लिए जिनको एहसास नहीं होता..
शब्द ही नहीं, खामोशी भी चुभती है।
तेरे वास्ते फलक से चांद लाए थे सोलह सत्राह सितारे संग बांध लाए थे ज़रा सी देर क्या हुई हमे आने में तुम चले गए किसी और की जिंदगी सजाने में…!!
मेरी साँसों पर मेघ उतरने लगे हैं,
आकाश पलकों पर झुक आया है,
क्षितिज मेरी भुजाओं से टकराता है,
आज रात वर्षा होगी।
कहाँ हो तुम ?
कुदरत ने हमें हीरा बनाया है,
बशर्ते जो घिसेगा वही चमकेगा…!
कभी उसे भी तो खले ना मिलना हमारा ,सिर्फ मैं ही क्यों रोयु ,याद करू और गिड़गिड़ाऊं ।।
सबकी परेशानियां सुनते हैं,
खुद की बताने का मन नहीं करता....
मै प्यार लिखता रहा वो प्याज पढ़ती रही.. एक शब्द ने मेरी मोहबत को सलाद बना दिया..!!
बुरा तो तब लगता है जब छिपकली और कॉकरोच से,डरने वाली लड़की दिल से खेल जाती है.
हमें कई पराजयों का सामना करना पड़ सकता है,
पर हमें पराजित नहीं होना चाहिए।
माया एंजेलो
तुम बदलो तो मजबूरियां है बहुत,हम बदले तो बेवफा हो गए ….!!
बदलाव कभी दर्दनाक नहीं होता,
केवल बदलाव का विरोध दर्दनाक होता है।
बुद्ध
शिक्षा का अर्थ केवल शिक्षित होना या नौकरी पाना नही होता; शिक्षा का अर्थ होता है अपना ‛उज्ज्वल चरित्र’ बनाना होता है। शिक्षा से हमें अहंकार नही सदाचार प्राप्त होता है और आचरण शुद्ध होता है। शिक्षा से ही स्वयं...