मेरे दोस्तों नजर को बदलोतो नजारे बदल जाते हैंसोच को बदलो तोसितारे बदल जाते हैंकश्तियां बदलने कीजरूरत नहीं हैदिशा को बदलो तोकिनारे खुद-
पसंद आईं कुछ भी चीज़ें,ज़्यादा देर तक ठहरती नहीं हैं…
काँटों से दिल लगाया है, लहूलुहान होने दो
अभी ज़मीं कहा है बस, उसे आसमान होने दो
मोहब्बत की उम्र में जिंदगी, संघर्षो मे उलझी है।
किताबों के बीच गुलाब नही, आज भी 'कलम' रखी है।।
बुरी आदतें समय पर ना बदली जायें , तो वही बुरी आदतें समय बदल देती हैं ...
बेशक फलक तक साथ चलने कि दुआ कीजिए मगर
जो ज़िदा हैं ज़मीं पर पहले उनसे वफ़ा कीजिए
मैं सिगरेट तो नहीं पीतामगर हर आने वाले से पूछ लेता हूँ कि 'माचिस है?'बहुत कुछ है जिसे मैं फूँक देना चाहता हूँ!
जब चली थी ख़ुद को ढूंढने, नही जानती थी, कि अपने आप को दूसरो में, नही खोजा करते।
उस की तस्वीर हटाये तो ज़माना गुज़राफिर भी दीवार से तस्वीर का साया न गया...
मैं नहीं कहता मुझे औरों से बेहतर चाहिए
मुझ को जितनी है ज़रूरत उतनी चादर चाहिए
हैं परेशाँ इस लिए भी लोग अपनी प्यास से
प्यास की ख़ातिर सभी को इक समुंदर चाहिए
मुद्दतों भटके हैं मेरे ख़्वाब सारे दर-ब-दर...
उम्मीदों के जंजाल में उलझे हुए हैं,अपनी ही आंखों में खोए हुए हैं…
इंसान अंदर से मर जाता है.
जब उसका सबसे मनपसंद शख्स बदल जाता है...
मनचाहा पाने के लिए,
चाहना भी मन से पड़ता है...
"फूल चुन कर एकत्र करने के लिए मत ठहरो। आगे बढ़े चलो, तुम्हारे पथ में फूल निरंतर खिलते रहेंगे"
~रबीन्द्रनाथ ठाकुर
ख़ुद से बेहतर नहीं है कोई भी हमसफ़रअकेले रहना इस्तेमाल होने से बेहतर है !
जब तक इंसान मजबूत नही होता,तब तक इंसान मजबूत नहीं होता ।
मैं जिंदगी से भागना नहीं,
उससे जुड़ना चाहता हूं....