जब कभी मुझे तुम्हारी याद आती हैं तो मैं नहीं देखती हमारी तस्वीरें,मैं पढ़ती हूं तुम्हारी लिखी कविताएं जहां मैं और तुम हमेशा साथ होते हैं !
ज़िन्दगी गुज़ारने के 2 तरीक़े है,
जो हो रहा है होने दो बरदाश्त करो,
या फिर ज़िम्मेदारी उठाओ उसे बदलने की..!
तेरे साथ लम्हें इतनी रफ्तार से गुज़रे
जैसे किसी बच्चे का दिन इतवार सा गुजरे!
दुनिया जिसे कहते हैं जादू
का खिलौना है,
मिल जाए तो मिट्टी है खो जाए
तो सोना है।
निदा फ़ाज़ली
घास बड़ी होती हैतो आपस में दोस्त हो जाती है पेड़ बड़े होते हैं तो अकेले हो जाते हैं…..
~ लीलाधर जगूड़ी
जब उसकी रूह घायल हुई तो किसी ने नही समझा ,जब वो बुत बन गई तो सब आ गए सुझावों की किताब ले कर।।
मोहब्बत सेहरी में पिए गए आखिरी घूंट की तरह होनी चाहिए ।। जिसके बाद दूसरे घूंट की गुंजाइश ना रहे ।।
कुछ लड़कियां 30 सेकंड की reels के लिए,
अपनी इज्जत को दांव पर लगाने को तैयार हो जाती हैं।
ज़िंदगी के सफ़र को एक नया मोड़ दो..
जो तुमको भूल जाए, तुम उसको छोड़ दो..!!
सुनो अब जब मिलोगी तो पूछूंगा ये ?तब बताना क्या तुम्हें भी hurt💔 हुआ था..😔
जमीं से जुड़े लफ़्ज़ों में वोसमुंदर से गहरे सार लिखती है…
दिल में कैद लिए ख़ामोशीकलम से शोर बेशुमार लिखती है…
भूल चुके जिसे अपने सारेउन लम्हों को यादगार लिखती है…
तपती रेत को एक बंजारनभरे सावन सी बहार लिखती है…
कुदरत को गहराई से देखो,आपको सब कुछ साफ-साफ समझ आएगा !
हम अपनी कहानी के लेखक खुद है ..
जब मन करेगा तब चैप्टर बदल देगे...!!
हौंसला और रुतबा बनाए रखिए,दिन अच्छे बुरे आते जाते रहेंगे।
जितने ख़राब हालातो से आप लड़ेंगे ,
कामयाबी उतनी ही बड़ी होगी....
मुफ़्त में नहीं सीखा ,उदासी में मुस्कराने का हुनर..!बदले में ज़िन्दगी की ,हर ख़ुशी तबाह की है..!!
आग का क्या हैं पल दो पल में लगती है
बुझाते बुझाते एक जमाना लगता है
इंसान अगर सच्चा हो तोलोग उसे बेवकूफ समझ लेते हैं !!
हम जा रहे हैं वहां जहाँ दिल की हो क़दर,
बैठे रहो तुम अपनी अदायें लिये हुए।
मैं टूट कर रोने वालों में से नहीं हूंँ,,
जो मुझसे खफा हो वो शौक से दफा हो..!!