World's Best Cow Hospital

शाख से टूटे हुए फूल ने सबक दिया, ज्यादा अच्छे बनोगे तो लोग तोड़ देगें..

चले आओ अजनबी बनकर फिर से मिले.. तुम मेरा नाम पूछो मैं तुम्हारा हाल पूछूँ..!!

अंगड़ाई पर अंगड़ाई लेती है रात जुदाई की... तुम क्या समझो तुम क्या जानो बात मिरी तन्हाई की...

जितना निभा सकते हैं उतना ही बोलें..!!

शाम ख़ामोश है पेड़ों पे उजाला कम है लौट आए हैं सभी, एक परिंदा कम है फ़हीम जोगापुरी

सइयाँ करें अग्निवीर के नौकरियाचार साल बाद करिहें मजुरिया..!

वही फिर मुझे याद आने लगे हैंजिन्हें भूलने में ज़माने लगे है

कोई कितना ही बड़ा क्यों न हो, अंधों की तरह उसके पीछे न चलो। स्वामी विवेकानंद

कितना ख़ास बनाया था हमें ईश्वर ने हम कितने आम बन गए हैं मशीनों से ग़ुलामी कराते कराते मशीनों के ग़ुलाम बन गए हैं

अगर विश्वास खुद पर हो तो, उजड़ी हुई जिंदगी भी खिल जाती है...

ग़लतियाँ उसकी क्या गिनाऊँ मैं इक कसर छोड़ी नइँ सताने में

हालात कह रहे है अब वो याद नही करेंगेओर उम्मीद कह रही है थोड़ा और इंतजार करेंगे

जिनके पास मुलाकात का कोई रास्ता नहीं वे आँख बंद करके एहसास कर लिया करते हैं...

हे भगवान ये क्या हो रहा है। चक्र कहां है आप का।

नन्हें-नन्हें पाँव थे फिर भी खड़ा हो गया , एक भाई अपनी बहन के लिए माँ जितना बड़ा हो गया ।।

आपका गिरना एक हादसा हो सकता है मगर वहीं पड़े रहना आपकी मर्ज़ी !

भगवान को जो लिखना था लिख चुके क़िस्मत में, अब बारी मेरी हैं अपनी किस्मत बनाने की, कुछ तो लिखा ही होगा, इन हाथो की लकीरों में बस उसी पे जिंदगी बितानी हैं...

शब्दों का भी तापमान होता है साहब , ये सुकून देते हैं तो जला भी सकते हैं।।

हर दौर में जुल्म रहा हैं, और हर दौर में ज़ालिम मिटा हैं।

रातों को जागो, दिनों को निचोड़ो सपने होंगे पूरे, देखना न छोड़ो


Concept, Created & Designed by sureshjain.com


© copyright 2025. sureshjain.com All Rights Reserved.

Translate »