आप उदास रहिए कोई हर्ज नहीं,बस उदासी को जीतने न दीजिए.
गणित में कमज़ोर है वो वरना दो पलो के लिए
बारह घण्टो की रात कौन ज़ाया करता है...
आँखों से जो बह रहा कहो न इसको नीरपलकों से ही छलक गयी हृदय कलश की पीर …!!
अपने आपको बदलो, तब तक दुनिया नहीं बदलेगी !
तेरे इख़्तियार में क्या नहीं, मुझे इस तरह से नवाज़ दे
यूँ दुआएँ मेरी क़ुबूल हों, मेरे दिल में कोई दुआ न हो
मेरे लिए इतिहास केवल
हमारे मिलन की बेला रही ,
और गणित तुम्हारा
मुझ से रूठने मनाने का फलसफा ,
भूगोल की कक्षा मे
मैंने केवल तुम्हारी मुझ से दूरी
को ही नापा ,
मैंने तुम्हारे प्रेम मे अपने
वाक्यों का पूर्णविराम कभी
नही खोजा 🙂
मेरे हर सवाल...
कब कौन समेटता है यहाँ,खुद तोड़ कर पूछते है महफूज तो हो तुम…
रिश्तें गर बंधे हो “दिल” की डोरी से
तो दूर नहीं होते किसी भी “मजबूरी” से....!!
विरह की वेदनाओं को मुस्कान तले दबाने वाले पुरुषसमाज में जिम्मेदार और प्रेम में बेहद लाचार होते हैं !
नियत सच्ची होनी चाहिए, चेहरे तो अक्सर झूठ बोलते हैं...
तुझे नहीं आएंगी मुफ़लिसी की
मुश्किलात समझ,
मैं छोटे से घर
का बड़ा हूँ .......
मेरी बात समझ !!
बाद तुम्हारे सब अपनो के मन माने बर्ताव रहे
मुश्काने क्या आंसू क्या सालाना त्यौहार हुए
जिन्हें पिता की नसीहतें और घर की मुसीबतें याद हैं, वे भूलकर भी गलत रास्ते नहीं जाते ।
प्रह्लाद पाठक
जो बातें हम पी जाते हैं,वो बातें हमें खा जाती है..!!
सुबह की चाय और बड़ो की रायसमय समय पर लेते रहना चाहिए।
नसीब में कुछ रिश्ते अधूरे ही लिखे होते हैं..
लेकिन उनकी यादें बहुत खूबसूरत होती हैं..!!
जिसके करीब बहुत लोग हों, उनसे दूर रहना ही बेहतर है....
किसी की परवरिश पर उंगली उठाने से पहले स्वयं के संस्कारों का भी आंकलन कर लेना चाहिए...
शक्ति चाहिए तो ज्ञान हासिल करो ,
और सम्मान चाहिए तो चरित्र अच्छा करो ..!!
हमारे पास जो कुछ है,उसका आनंद तभी ले पाएंगे,जब उसकी चिंता छोड़ देंगे,जो हमारे पास नही है।