World's Best Cow Hospital

चल जी कर दिखाते हैं…..दिखा कर जीने में क्या मज़ा …..!!!

आप ऐश कीजिए जेब में रखीं दौलत से , मैं तो झोले में इंसानियत रखकर खुश हूं ।।

फिक्र से चेहरे कि चमक मिटा लेती है,गंदी नियत लबों से उसके मुस्कान हटा लेती है, पीड़ा भी झलकती है उसकी आंखों में,लेकिन खुद को वो निःशब्द बना लेती है, और अपनी औकात से ज्यादा सहती है वो,अपमानित हो चरित्र तो खुद...

"अगर सीखना है तो समंदर से सीखो... वो बड़ा हो के भी अपने दायरे में रहता है"...!!

चाय पर मै एक संविधान लिखूँगा जो चाय नहीं पीते उन्हे खराब लिखूँगा...

हैरत इसपर नहीं कि धर्म का धंधा हो रहा है , हैरत इसपर है पढ़ा लिखा भी अंधा हो रहा है !

कुछ मन्नतें पूरी होने तकवफादार रहना ऐ जिंदगीबहुत अर्जियां डाल रखी हैमैंने उम्मीदों के दामन में

अपने अहंकार में चूर होकर, जो सबका बाप हो जाता है, उस तुच्छ के लिये अमरत्व का वरदान भी श्राप हो जाता है..!!

किरदार बह गया पानी में... हम तैरते ही रह गए कहानी में..!!

मिलकर सबसे रहो, दबकर किसी से नही।।

कितने हसीन नाज़नीन मिले तुम नहीं मिलेकुछ आप जैसे भी मिले पर तुम नहीं मिलेबारिश फिज़ा तुम्हारी पसंदीदा चाय भीमिलने के आसार तो लगे फिर भी तुम न मिले..

जिंदा आदमियों के अंदर,कई बार मारे हुए लोग भी रहते हैं….

अपनी उदासी मुझे दे दे , मेरे हिस्से का तु मुस्कुराया कर।

मेरे मन का आधा साहस, आधा डर थे बाबू जी

काटकर गैरों की टाँगें ख़ुद लगा लेते हैं लोग इस शहर में इस कदर भी कद बढ़ा लेते हैं लोग....!!

जो हर मुलाकात पे चाय पिलाते हैं , वो लोग सीधा मेरे दिल को भाते हैं ।।

अब जा के ये खुला कि हर इक शख़्स दोस्तोहर शख़्स को लिबास से पहचानता रहा…

रात चाहे कितनी भी काली क्यूं न हो मन में रोशनी का दिया जलाया जा सकता है उम्मीद के दीपों से सजाकर घर अपना आमवस को पूर्णमासी बनाया जा सकता है..!

हिचकियां आती है तो पानी पी लेता हुअब वो वहम छोड़ दिया की कोई याद करता है

मन्नतों के धागे बांधो या बांधो मुरादों की पर्चीवो अपना नम्बर देगी तभी जब होगी उसकी मर्जी


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