बुरा वक्त भी कमाल का होता हैं,
जी जी कहने वाले भी तू तू कहने लगते हैं…
बाप उस वक्त टूट जाता है!..
जब बच्चे जिद करे कुछ खाने की,
और जेब में पैसे ना हो!...
शेर भी बंध जाते है भेड़ों से,
जब अपने मिल जाते है गैरौ से।
यदि आप कॉकरोच को मारते हैं तो आप नायक हैं,
यदि आप तितली को मारते हैं तो आप बुरे हैं।
नैतिकता के सौंदर्य मानक होते हैं।
फ्रेडरिक नीत्शे
जिंदगी में हर मौके का फायदा उठाओ
लेकिन किसी के विश्वास का बिल्कुल नहीं...
कोई हलचल नहीं है दुनिया में ,
शायद उसने पायल निकाल रखी है
हाथ में चाय और यादों में आप हो….फिर उस खुशनुमा सुबह की क्या बात हो..!!❣️
दुःख देखिएहम सब अकेले हैंफिर भी हमारे पास समय नहीं हैकिसी अकेले के लिए।
नरेश गुर्जर
प्रेम में पड़े पुरूष के लिए.. प्रेमिका के द्वारा बोला गुड मॉर्निंग भी ग्लुकोन डी से कम नहीं होता..
कितने बीघे बिक गए बेटी को पढ़ाने में,
बेटी ने कपड़े खोल लिए रील बनाने में.....
वक़्त चाहे कितना भी बदल जाए ,..पर चाय से मोहब्बत नहीं बदलेगी…!!
चश्मदीद अन्धा बना, बहरा सुने दलील
झूठों का है दबदबा, सच्चे हुये ज़लील
है कोई वकील ऐसाइस जहान मेंजो हारा हुआ इश्कजिता दे मुझको
खुद को अच्छा बना लीजिए,
दुनियां से एक बुरा इंसान कम हो जायेगा....
अपने आप में शांति पाने के लिए, तुम्हें विचारों के बंधनों से मुक्त होना होगा !
जिस दिन सादग़ी श्रृंगार हो जायेगी...
यक़ीन मानिये,
उस दिन आईने की हार हो जायेगी
कब कौन समेटता है यहाँ,खुद तोड़ कर पूछते है महफूज तो हो तुम…
अज़ीज़ इतना ही रक्खो कि जी सँभल जाएअब इस क़दर भी न चाहो कि दम निकल जाए
शुरू-शुरू में सब यही चाहते हैंकि सब कुछ शुरू से शुरू होलेकिन अंत तक पहुँचते-पहुँचते हिम्मत हार जाते हैंहमें कोई दिलचस्पी नहीं रहतीकि वह सब कैसे समाप्त होता हैजो इतनी धूमधाम से शुरू हुआ थाहमारे चाहने पर।
~ कुँवर नारायण