एकांत स्वयं को जानने का एक जरिया है।
फ्रैंज काफ्का
सरल व्यक्ति के साथ किया गया छल ,
आपके बर्बादी के सारे द्वार खोल देता है ...
हे बजरंगबली आप करूणा के सागर दया के भंडार हो,अपनी कृपादृष्टि बनाए रखो बाबा जिससे सबका बेड़पार हो..!!
जितना ज्यादा तुम उसे बाहर ढूंढते हो, उतना ज्यादा ही वो तुम्हारे अंदर होता हैं पढ़ लो चाहे दुनियां का कोई भी ग्रंथ, इश्क़ और ईश्वर हमेशा ऐसे ही तो मिलता हैं!
वहाँ कोई महानता नहीं है जहाँ सादगी,
अच्छाई और सच्चाई नहीं है।
अक़्ल कहती है दोबारा आज़माना जहल है,
दिल ये कहता है फ़रेब-ए-दोस्त खाते जाइए..!!
मन में कुछ "भरकर" जिएंगे तो...
"मन भरकर" नहीं जी पाएंगे...!!
मुक़द्दर की लिखावट का एक ऐसा भी काएदा हो....
देर से किस्मत खुलने वालों का दुगुना फायेदा हो...!!!
बदलते लोगों की बात हमसे मत कीजिए ,
मैंने हमदर्द को भी सर दर्द होते देखा है ! !
कर्म से डरिये…..ईश्वर से नहीं…..ईश्वर माफ़ कर देता है…..कर्म नहीं ….. !!!
तुम निभा नहीं पाये वो अलग बात है,,,,,,
लेकिन वादे कमाल के किये थे तुमने,,,,,,✍️
कुछ लोग ज़िंदगी में भी मुर्दा होते
है और कुछ मरने के बाद भी जिंदा ...
उसने हमसे रुसवा होकर..
हमारी जिंदगी का तमाशा बना दिया..!!
अब क्या ही काहू अपने मां के बारे में..मां के ताने और खाने का कोई जोड़ नहीं..!!
जिसे देखो वो दुःखी है .. आखिर ये खुशी जा कहां रही है ...
यह लड़ाई साझी थी...मुल्क से मुहब्बत साझी थीनफ़रत से लड़ाई साझी थी कभी-कभी जो होती थीवो हताशा साझी थी झीख...खीज...अनबनहंसी-बैठकीसब साझी थी और साझी रहेगी तुम्हारा हिस्साअब तुम्हारी यादें देंगी तुम्हारी यादेंसब में साझी रहेंगी
हर चीज़ किसी न किसी
कारणवश ही घटित होती है।
अगर मतलबी लोगों को खो देना एक हार है,
तो ऐसी हार हमें स्वीकार है
ये जो तुम लोग बिना बॉयफ्रेंड बाली लड़की ढूंढ रहे हो न ...? शास्त्रों में इसे पत्थर में से तेल निकालना कहा गया हैं
मितरों 20 मिनट तक सांस रोक कर रखो,
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आपकी 'महबूबा' आपके कदमों मे होगी !