याद करोगे तो याद रहोगे वरनायाददास हमारी भी कमजोर है जनाब !
हाथ भी नहीं मिलाते उन लोगों के साथ
जिनकी रूह से हमें गद्दारी की बदबू आती है।
सड़को के किनारे पड़ी नाजायज औलादें, आपकी जायज औलादों की ही औलादें है।
एक दिन ऐसे भी जीना हैं ..
जी भर के पीना हैं ,सारे दुखों को भुला देना हैं ,जब तक होश ना खो दूँ,हाँ ! मुझे भी शराब पीना हैं ..
खामोशी गवाह है,
इंसान अंदर से थक चुका है...
आ देख मेरी आँखों के ये भीगे हुए मौसम,ये किसने कह दिया कि तुझे भूल गए हैं हम.
सुख और दुःख में संतुलन बना कर,
बिना विचलित हुए,
आगे बढ़ना ही जीवन का खूबसूरत अभिनय है..!!
मुझे मालूम था मेरी मंज़िल "मौत" है,
फिर भी चाह "जीने" की करता रहा,
मुझे नहीं थी परख सही या ग़लत की,
मैं गुस्ताखी पर गुस्ताखी करता रहा,
और जब "जुदा" हुआ उनसे तब मैंने जाना,
सफ़र में तो वो थे "ठोकरें" मैं खाता रहा..!!
गणित व्यापारी के लिए अच्छी है…किसी अपनों के लिए नहीं….!!
हर प्रॉब्लम के दो सोल्युशन होते हैं:-
भाग लो... (run away)
भाग लो.. (participate)
पसंद आपको ही करना है...
प्यार कितना क्षणिक है और भूलना कितना दीर्घ।
जो जवाब वक्त पर नहीं मिलते,
अक्सर वो अपने मायने खो देते हैं।
सुना है तारीफ के पुल के नीचे…मतलब की नदी बहती है…..!!
ख्वाहिशें हमारी जितनी थी, अरमान हमारे खाक हुए,
मोहब्बत हमारी बढ़िया थी, हम समय के हांथों बर्बाद हुए..!!
विरक्ति
जो बर्बाद हो गए तेरे इश्क़ में, वो दिन मेरे पढ़ने लिखने के थे ,
वर्तमान को सबसे बेहतरीन पल बनाओ...
क्योंकि वो वापस नहीं आता...!!
अनजान पंछी
जिस्म दिखा देने से सोशल मीडियापर चंद लाइक ज़रूर मिल जाते है,मगर मर्द इज़्ज़त और सम्मान सरढकने वाली औरतों को ही देते है…!!
शब्द ही नहीं, खामोशी भी चुभती है।
भुला दिए जाने से ज़्यादा,आश्चर्य देता है अचानक याद किया जाना…
किसी को ख़ोकर उसकी कद्र की , तो क्या कद्र की...जिस्म से रूह निकल जाने पर वापस नहीं आती...!! "वैरागी"