एक रोज़ कोई आएगा सारी फुरसत लेकर, एक रोज़ हम कहेंगे जरूरत नहीं रही अब

छोडने की लाख बुराई होने के बाद भी रुकने की एक वजह ही प्रेम होती होगी शायद

उसके दिल को भी आधार कार्ड से जोड़ दो, पता तो चले कितने खाते खुले हैं...

मां ममता की मूरत बन गयी,पिता संघर्ष के प्रतीक रह गए।चोट लगी तो मां के अश्रुधार बहे,पिता मौन में दुःख को सह गए।।

बेशक उठाओ उंगली मेरे किरदार परमगर शर्त ये है कि उंगली बेदाग होनी चाहिए

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