औकात से बड़े दिखावे इंसान को, अक्सर कर्ज़ में डुबो देते हैं...

कोशिश भी कर उमीद भी रख रास्ता भी चुन,  फिर इस के बाद थोड़ा मुक़द्दर तलाश कर  - निदा फ़ाज़ली

मेरी ज़िन्दगी में तेरा साथ मैं उम्र भर चाहता हूं, तेरी मांग पर अपनी सफलता का ताज चाहता हूं..!!

मुस्कान को तमीज चाहिएआंसुओ को तन्हाई अकेला पन जब काटने लगा तो बचपन की याद आई भीड़ बहुत है आसपास सबके पकड़े है कोई न कोई हाथ भी दिल ने जब सुकून चाहा याद मां की गोद ही आई हां खुश हूं में कहता है हर कोई हंसी...

हमारे द्वारा किया गया आचरण और व्यवहार, हमारी संतानों के संस्कारों की नींव रखते हैं.

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