मेरी ज़िन्दगी में तेरा साथ मैं उम्र भर चाहता हूं, तेरी मांग पर अपनी सफलता का ताज चाहता हूं..!!
मुस्कान को तमीज चाहिएआंसुओ को तन्हाई
अकेला पन जब काटने लगा
तो बचपन की याद आई
भीड़ बहुत है आसपास सबके
पकड़े है कोई न कोई हाथ भी
दिल ने जब सुकून चाहा
याद मां की गोद ही आई
हां खुश हूं में कहता है हर कोई
हंसी...
हमारे द्वारा किया गया आचरण और व्यवहार, हमारी संतानों के संस्कारों की नींव रखते हैं.
जलाकर हसरत की राह पर चिराग़ आरजू के , . . हम तन्हा रातों में तेरे मिलने का इंतज़ार करते हैं...!!
वो फूल जो मेरी कबर पर डालने का आप इरादा रखते है, वो मेरी जिंदगी में ही दे दीजिए खुशी होगी...