आपकी घड़ी को तो सुधारने वाले दुनिया में बहुत हैं, लेकिन आपके समय को सुधारने वाले सिर्फ़ आप हैं..!!
नुमाइश करने से बढ़ नही जाता इश्क़, इश्क़ वो भी करते है जो इज़हार नही करते।।
ये वही कमरा हैजहाँ तुम्हारी बातो का शोर थासाथ गुजारे लम्हें खिलखिलाते थेजाने कितने वादों का इकलौता गवाहजाने कितने रूठने मनाने वाले पल का हमसफरहंसी ठहाको के शोर से सराबोर ये कमराआज बिखरी कुछ यादो को समेटतावीराने के गीत सुनाताकभी...
इंतेहा हूँ मैं, तेरे इश्क़ के समुंदर में रहने वाला लवणीय जीव हूँ मैं
माना अगम अगाध सिंधु है, संघर्षों का पार नही है, किंतु डूबना मझधारो में, साहस को स्वीकार्य नहीं है.