जब उसकी रूह घायल हुई तो किसी ने नही समझा ,जब वो बुत बन गई तो सब आ गए सुझावों की किताब ले कर।।

जिन्दगी संघर्षो का दरिया है इसे किस तरह,पार करना है ये सब अपना-अपना नज़रिया हैं…

जो देख के हँसता था हम जैसे फ़क़ीरों कोशोहरत की बुलंदी से उतरा तो बहुत रोया-रईस अंसारी

नाम लेती हो मेरा , बदतमीज ,तुम मुझे आप क्यूं नही कहती ।।

खुद में झांकने के लिए जिगर चाहिएदूसरों की बुराई करने में हर शख्स माहिर होता है!

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