हाथ में चाय और यादों में आप हो….फिर उस खुशनुमा सुबह की क्या बात हो..!!❣️

प्रेम में पड़े पुरूष के लिए.. प्रेमिका के द्वारा बोला गुड मॉर्निंग भी ग्लुकोन डी से कम नहीं होता..

मकानों को घर मे तब्दील करने वाली स्त्रियांकरती हैं अनगिनत सब कुछ हर बारअपने आत्मसमान को दांव पर लगाकरफिर भी पाती है तिरस्कार अक्सर उन्हीं अपनों से जिनके लिए वह सबकुछ करती है

कद्र करेगा वो भी एक दिन मेरीजब अकेलापन उसे भी खायेगा..!!

ना होने का एहसास सबको है, मौजूदगी की कदर किसी को नहीं…

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