समय सब कुछ बदल देता है..
जरूरत सिर्फ़ सब्र की है..!!
घर के बाहर ढूँढता रहता हूँ दुनिया
घर के अंदर दुनिया-दारी रहती है
शहर की मोहब्बत ही ठीक है
गांव मैं पकड़े गए तो बहोत मारते है..
रथ रावण के पास था
संसाधन रावण के पास थे
सेना रावण के पास थी
सोना रावण के पास था
भगवान राम के पास सत्य था
आशा थी. आस्था थी. प्रेम था.
परोपकार था. विनय था. धीरज था. साहस था.
सदैव नहीं रहती...
कैसे कह दूं कि वो दूर है मुझसे
हम दोनों एक ही आसमां के तले तो रहते हैं