सब धोखा खाये हुए लोग हैं, तो फिर ये धोखा देने वाले कहाँ हैं !!!

मुँह की बात सुने हर कोई दिल के दर्द को जाने कौन आवाज़ों के बाज़ारों में ख़ामोशी पहचाने कौन निदा फ़ाज़ली

और फिर मेरा संभल जाना ही, इस प्रेम कहानी का अंत रहा...

प्रेम करुणा बन के आंखो से न बहे तो.. समझो अंतर मन में उतरा ही नहीं...!!

खलिश तेरी "आंखों" कि बयां करती है, तूने बसाए हैं "दुखों" के समंदर इनमें..!! विरक्ति

Translate »