एक दिन तेरी ज़िन्दगी में ऐसा भी आयेगा, मेरी आंखों में आंसू कम होंगे, तेरे ज़ेहन में पछतावा ज्यादा होगा...!!

हमने चाय की तुम्हें आज़ दावत दी है. इलायची वाली चाय बना के रखी है ...

प्यार ऐसा करो कि, दुबारा करने की हिम्मत ही ना बचे!

तसल्ली से चाहिए मुझे तुम्हारा साथ , लम्हों में जन्मों की थकान कहाँ उतरती है !!

दिल है बेताब नज़र खोई हुई लगती है, ज़िन्दगी दुख में बहुत रोई हुई लगती है। तिलक राज पारस

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