बर्फ़ से रिश्तों का मौसम गुनगुना हो जाएगा मिल के आपस में रहें तो ख़ुशनुमा हो जाएगा बीच की दीवार पहले तुम गिराओ तो सही देखना आँगन वही फिर दो-गुना हो जाएगा राघवेंद्र द्विवेदी

वो किसी ताख, पर रखी हुई महंगी गुड़िया.., मैं उसे दूर से तकता हुआ मुफ़लिस कोई..!!!

जिस तन को छुआ तुने, उस तन को छुपाऊँ जिस मन को लागे नैना, वो किसको दिखाऊँ..🦋

बारिश है ,चाय है ,संग तेरी यादें भी बस तुम्हारी जगह किताबें आ बैठी हैं..! मनीषा शर्मा

टूटे ख़्वाब टूटी उम्मीदें अक्सर दर्द बड़ा देतीं हैं ज़ख्म नज़र नहीं आता मगर दिल चीर के रख देतीं हैं

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